राज्यपाल से मिले राममाधव, भाजपा की किरकिरी
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जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाने को लेकर चल रहे गतिरोध के बीच भाजपा नेता राम माधव राज्यपाल एनएन वोहरा से मिले हैं। अभी ये साफ नहीं हो पाया है कि राम माधव और राज्यपाल के बीच क्या बात हुई है।
इस बारे में जब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जुगल किशोर से पूछा गया तो उन्होंने कहा, मुझे नहीं पता राम माधव राज्यपाल से क्यों मिल रहे हैं, हो सकता है राज्यपाल से उनको कुछ निजी काम रहा हो।
जुगल किशोर के इस बयान के बाद से भाजपा की किरकिरी हो रही है। पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट करके इस बयान को 'ए बेड कॉमेडी' करार दिया है।
उमर के अनुसार, सभी जानते हैं भी भाजपा राज्य में सरकार बनाने के लिए बेकरार है और इसके लिए हर प्रयास कर रही है, इसी सिलसिले में राम माधव राज्यपाल से मिले है। लेकिन भाजपा इसे स्वीकार करने में इतना कतरा क्यों रही है।
उमर के अलावा ट्वीटर पर अन्य लोग भी जुगल किशोर के इस बयान का मजाक बना रहे हैं।
दो दिन बाद फिर मिलेंगे राज्यपाल से
माधव के साथ भाजपा अध्यक्ष जुगल किशोर भी राज्यपाल से मिले। राज्यपाल से मिलने के बाद जुगल ने कहा कि, एक जनवरी को राज्यपाल से मिलकर पार्टी अपना प्लान सौंपेगी। माधव ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, हमें जम्मू कश्मीर में महत्वपूर्ण जनादेश मिला है।
हम सरकार में शामिल होंगे हमारे बिना सरकार बन पाना संभव नहीं है और इस बारे में बातचीत चल रही है। देखते हैं कि क्या होता है। हालांकि उन्होंने यह खुलासा नहीं किया कि बातचीत किसके साथ चल रही है। बता दें कि कल यानी 31 दिंसबर को पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती राज्यपाल से मिलने जा रही हैं।
इस बीच भाजपा नेता अरुण जेटली ने पीडीपी के सीएम उम्मीदवार मुफ्ती मोहम्मद सईद से फोन पर बात की है। बता दें कि सईद चुनावी नतीजे आने के बाद से किसी सार्वजनिक मंच पर दिखाई नहीं दिए हैं। बता जा रहा है कि वह अपने आवास से बाहर नहीं आ रहे हैं। भाजपा और पीडीपी दोनों ही पार्टियां सीएम पद के लिए अड़ी हुई है जिस कारण सरकार बनने में देरी हो रही है।
महागठबंधन संभव, मजबूरी नहीं भाजपा
जम्मू कश्मीर में सरकार गठन को लेकर बने असमंजस के बीच पीडीपी ने संकेत दिए हैं कि भाजपा के साथ गठबंधन उनकी मजबूरी कतई नहीं है।
राज्य में एक स्थाई सरकार के लिए नेकां और कांग्रेस के साथ गठबंधन का विकल्प अभा खुला है। पार्टी प्रवक्ता नईम अख्तर के अनुसार, पीडीपी नेकां और कांग्रेस के बीच एक महागठबंधन का विकल्प भी हो सकता है।
नईम का कहना है कि राज्य में एक स्थिर सरकार के लिए इस मुद्दे पर भी विचार किया जा रहा है। बता दें कि इस विकल्प का शिगुफा कांग्रेसी नेता गुलाम नबी आजाद ने छोड़ा था जिस पर पीडीपी विचार कर रही है।
बता दें कि पीडीपी के पास 28, भाजपा के पास 25, कांग्रेस के पास 15, नेकां के पास 12 और निर्दलियों के पास सात सीटें है। ऐसे में पीडीपी भाजपा को किनारे करके अन्य सभी लोगों को मिलाकर एक स्थाई सरकार बना सकती है।