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प्रदेश स्तर पर भी कांग्रेस में हो सकते हैं कई बदलाव, अंबिका के बाद रजनी को सौंपी जम्मू-कश्मीर प्रभारी की जिम्मेदारी
Mon, 14 Sep 2020 10:32 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 14 Sep 2020 10:32 AM IST
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फाइल फोटो
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अंबिका सोनी के बाद प्रदेश कांग्रेस में जम्मू-कश्मीर प्रभारी की जिम्मेदारी एक बार फिर रजनी पाटिल के कंधों पर सौंपी गई है। इससे पहले अलग-अलग अंतराल में करीब दस साल सोनी जम्मू-कश्मीर के प्रभारी के रूप में काम करती रहीं। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस के राष्ट्रीय स्तर पर फेरबदल के बाद भविष्य में प्रदेश स्तर पर भी बदलाव हो सकते हैं।
वर्ष 2001 में गुलाम नबी आजाद को पीसीसी के प्रधान पद की जिम्मेदारी दी गई थी, उस समय अंबिका सोनी महासचिव इंचार्ज रहीं। इसके बाद पृथ्वी राज चौहान, मोहन प्रकाश को जम्मू-कश्मीर प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई। लेकिन सबसे लंबे समय तक अंबिका सोनी ने जम्मू-कश्मीर की कमान संभाली है।
वह कांग्रेस के कई अहम पदों पर रहने के साथ राज्यसभा सदस्य रहीं। अब पार्टी हाई कमान ने फिर एक वरिष्ठ महिला नेता को जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस को मजबूत बनाने का जिम्मा दिया है। हिमाचल प्रदेश की ऑल इंडिया कमेटी इंचार्ज रहीं 61 वर्षीय रजनी पाटिल 2013 से 2018 तक राज्यसभा और संसद की सदस्य रहीं हैं।
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राज्यसभा में बेहतर प्रदर्शन के लिए उन्हें पुरस्कृत किया गया है। वह एक छात्र नेता के रूप में उभरीं और आगे बढ़ती रहीं। उनका संसदीय क्षेत्र महाराष्ट्र रहा।
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वर्ष 2001 में गुलाम नबी आजाद को पीसीसी के प्रधान पद की जिम्मेदारी दी गई थी, उस समय अंबिका सोनी महासचिव इंचार्ज रहीं। इसके बाद पृथ्वी राज चौहान, मोहन प्रकाश को जम्मू-कश्मीर प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई। लेकिन सबसे लंबे समय तक अंबिका सोनी ने जम्मू-कश्मीर की कमान संभाली है।
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वह कांग्रेस के कई अहम पदों पर रहने के साथ राज्यसभा सदस्य रहीं। अब पार्टी हाई कमान ने फिर एक वरिष्ठ महिला नेता को जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस को मजबूत बनाने का जिम्मा दिया है। हिमाचल प्रदेश की ऑल इंडिया कमेटी इंचार्ज रहीं 61 वर्षीय रजनी पाटिल 2013 से 2018 तक राज्यसभा और संसद की सदस्य रहीं हैं।
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राज्यसभा में बेहतर प्रदर्शन के लिए उन्हें पुरस्कृत किया गया है। वह एक छात्र नेता के रूप में उभरीं और आगे बढ़ती रहीं। उनका संसदीय क्षेत्र महाराष्ट्र रहा।
कोविड के चलते कुंद पड़ीं गतिविधियां
कोविड के चलते जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस की गतिविधियों को फिलहाल गति नहीं मिल पा रही है। लेकिन उम्मीद की जा रही है कि नई महिला प्रभारी के आने से गति देने के लिए कुछ बदलाव किए जा सकते हैं।
बदलाव एक सामान्य प्रक्रिया: मीर
प्रदेशाध्यक्ष जीए मीर का कहना है कि पार्टी में बदलाव एक सामान्य प्रक्रिया है। जम्मू-कश्मीर में भविष्य में बदलाव को लेकर मीर का कहना है कि पार्टी हाई कमान की निगरानी में पदाधिकारियों के कार्यों की नियमित समीक्षा की जाती है। इसमें देखा जाता है कि किस क्षेत्र में बदलाव की जरूरत है और वहां उचित कदम उठाए जाते हैं।
बदलाव एक सामान्य प्रक्रिया: मीर
प्रदेशाध्यक्ष जीए मीर का कहना है कि पार्टी में बदलाव एक सामान्य प्रक्रिया है। जम्मू-कश्मीर में भविष्य में बदलाव को लेकर मीर का कहना है कि पार्टी हाई कमान की निगरानी में पदाधिकारियों के कार्यों की नियमित समीक्षा की जाती है। इसमें देखा जाता है कि किस क्षेत्र में बदलाव की जरूरत है और वहां उचित कदम उठाए जाते हैं।