कश्मीर में पाक झंडे और नारे बर्दाश्त नहीं: राजनाथ
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केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने अलगाववादियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि पाकिस्तानी झंडे और देश विरोधी नारेबाजी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगी।
राष्ट्र सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। कुछ चुनिंदा लोग राष्ट्र विरोधी हरकतें कर अन्य लोगों को भड़काते हैं। उनके खिलाफ जम्मू-कश्मीर और केंद्र सरकार सख्ती से निपटेगी।
गृहमंत्री ने कहा, ‘लोकतंत्र में सबको अपनी बात रखने का अधिकार है और हम इसके लिए तैयार भी हैं, लेकिन देश में कोई पाकिस्तानी झंडे लहराए और पाक के समर्थन में नारेबाजी करे, यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।’
गृहमंत्री बुधवार को यहां आयोजित ‘जन कल्याण पर्व’ कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उनका कहना था कि दुख इस बात का है कि जम्मू कश्मीर के युवाओं को योजनाबद्ध तरीके से बहकाया जा रहा है।
यदि कुछ बहके युवक पाकिस्तान के झंडे लहराते हैं तो उसका ज्यादा दुख होता है। गृहमंत्री ने युवाओं से अपील की कि वह इस तरह के बहकावे में न आएं और विकास के बढ़ते कदमों में साथ दें।
जम्मू में एम्स के लिए पीएम से करेंगे बातचीत
गृहमंत्री ने पड़ोसी देश पाकिस्तान को भी नसीहत देते हुए कहा कि यदि वह अपना भला चाहता है तो नापाक गतिविधियों से बाज आए। उन्होंने माना कि पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आता है।
ऐसे पड़ोसी के साथ अलग ढंग से निपटा जाएगा। विस्थापित कश्मीरी पंडितों के लिए घाटी में अलग टाउनशिप निर्माण पर गृहमंत्री ने एक बार फिर कहा कि योजना को हर हाल में अंजाम दिया जाएगा। उनका मुख्य उद्देश्य पंडितों में विश्वास पैदा करना और सुरक्षा के साथ उन्हें नया आशियाना देना है।
केंद्रीय गृहमंत्री के आगमन पर जम्मू शहर बंद रहा। जिस क्षेत्र में भाजपा को सबसे ज्यादा सीटें मिलीं, वहीं गृहमंत्री को अपने दौरे पर बंद का सामना करना पड़ा। भाजपा से लोगों की नाराजगी पर राजनाथ सिंह ने कहा कि यह लोगों का लोकतांत्रिक अधिकार है।
जहां तक जम्मू में आल इंडिया इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज (एम्स) की स्थापना की बात है, उन्होंने उपमुख्यमंत्री और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष को नई दिल्ली बुलाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी बैठक कर एम्स का समाधान निकालेंगे।
अमरनाथ यात्रा में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी
आगामी श्री अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा को लेकर गृह मंत्रालय लगातार रियासती सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के संपर्क में है। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सुरक्षा को लेकर किसी तरह की कोताही नहीं बरती जाएगी।
रियासत से आर्म्ड फोर्स स्पेशल पावर एक्ट (अफस्पा) को हटाने के संबंध में पीडीपी मंत्री के बयान पर गृहमंत्री ने कहा कि इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है और इस पर गृह मंत्रालय उचित समय पर ही फैसला लेगा।
घाटी में मोबाइल टावरों और संचार कर्मियों को आतंकियों द्वारा निशाना बनाए जाने पर राजनाथ ने कहा कि ऐसे तत्वों से सरकार और अर्द्धसैनिक बल सख्ती से निपटेंगे।
सीमावर्ती ग्रामीणों के लिए बन रही है योजना
पाक गोलाबारी का शिकार हुए सीमावर्ती क्षेत्रों के ग्रामीणों को वादे के अनुसार मोदी सरकार ने अभी तक राहत या सुरक्षित स्थानों पर प्लाट नहीं दिए हैं। इस पर गृहमंत्री ने कहा कि सीमावर्ती लोगों को राहत देने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
गृह मंत्रालय इस संबंध में योजना भी तैयार कर रहा है। गठबंधन सरकार के दल भाजपा और पीडीपी के नेताओं के अकसर विरोधाभाषी बयान पर राजनाथ ने कहा कि दोनों दलों में कोई विरोध नहीं है।
साझा न्यूनतम कार्यक्रम के तहत गठबंधन सरकार काम कर रही है। अनुच्छेद 370 और वेस्ट पाकिस्तानी रिफ्यूजियों के पुनर्वास के अपने वादे से भाजपा के पीछे हटने पर उन्होंने कहा कि रिफ्यूजियों का मुद्दा सीएमपी में शामिल था और उस पर जल्द फैसला लिया जाएगा।