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नोटबंदी से हवाला, ड्रग्स और आतंकवाद के गिरोह नेस्तनाबूत

Mon, 21 Nov 2016 11:52 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू Updated Mon, 21 Nov 2016 11:52 AM IST
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rackets of terrorism and hawala ended after the noteban decison
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : PTI

रियासत में काले कारोबार पर नोटबंदी से जबरदस्त मार पड़ी है। हवाला राशि की आवक पूरी तरह से रुक गई है तो क्रास बॉर्डर ड्रग्स तस्करी का नेटवर्क अपने आप ध्वस्त हो गया है। घाटी में पत्थरबाजी की घटनाएं मंद पड़ गई हैं। सुरक्षा एजेंसियाें की मानें तो सीमापार से भेजी जाने वाली हवाला राशि आतंकवाद के लिए बड़ा सहारा थी, जिसके बिना अब आतंकी गतिविधियाें पर व्यापक असर पड़ना लाजिमी है।

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देश विरोधी गतिविधियों से इतर रियासत में बाहरी राज्यों से तस्करी के रूटों से लाए जाने वाले सामानों की खेप भी अब नहीं आ पा रही। खुफिया सूत्रों के अनुसार घाटी में समानांतर अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा आतंकी गतिविधियों से लेकर माहौल बिगाड़ने के लिए इस्तेमाल होता रहा है।
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अलग-अलग रूटों से होकर घाटी पहुंचने वाले पैसे से देश विरोधी तत्वों को पाला पोसा जाता रहा है। पत्थरबाजों को बाकायदा दिहाड़ी देने का चलन रहा है। लेकिन आठ नवंबर की रात से बड़े करेंसी नोटों पर पाबंदी लगने से हवाला सहित काली कमाई के अन्य स्रोत ठप हो गए हैं।

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तस्करी और नकली करेंसी के नेटवर्क ध्वस्त

rackets of terrorism and hawala ended after the noteban decison
नकली नोट के नेटवर्क ध्वस्त - फोटो : Demp Pic.

नोटबंदी पर सीआरपीएफ के कश्मीर जोन के आईजी अतुल करवाल का कहना है कि आतंकी गतिविधियाें पर इसका व्यापक असर पड़ना तय है। देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए बड़े पैमाने पर करेंसी नोटों को एकत्रित किया जाता रहा है। नोटबंदी से यह पैसा लगभग पूरी तरह ये जाया हो गया है। पत्थरबाजों को यही पैसा दिया जाता था जो अब किसी मतलब का नहीं रहा।

पाकिस्तान से जो नकली करेंसी घाटी पहुंचाई जा रही थी वो भी जाया हो गई है। क्रास बॉर्डर ड्रग्स तस्करी पर खुफिया सूत्रों ने बताया कि छोटी से लेकर बड़ी खेप को लाने ले जाने पर अंकुश लग गया है। पिछले ग्यारह दिनों में ड्रग्स तस्करी का केवल एक ही मामला सामने आया है जबकि इससे पूर्व लगातार मामले पकड़े जा रहे थे।

रियासत में पुंछ, राजोरी, टंगधार, उड़ी की एलओसी, जम्मू, सांबा, कठुआ और पंजाब बार्डर को ड्रग तस्कर इस्तेमाल करते आए हैं। नोटबंदी से यह सभी रूट ठंडे पड़ गए हैं। लाखों में होने वाली तस्करी को नई करेंसी नहीं मिल पा रही। कश्मीर से नेपाल, अफगानिस्तान और पूरे देश में फैले तस्करी के नेटवर्क से हेरोइन और अफीम की तस्करी होती है।

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