{"_id":"5c73f756bdec2273a83bafce","slug":"pulwama-attack-sajjad-bhat-owner-of-vehicle-used-in-attack-on-crpf-convoy","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलवामा: अनंतनाग के इस युवक की कार से हुआ था हमला, हुआ फरार, एनआईए कर रही है तलाश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलवामा: अनंतनाग के इस युवक की कार से हुआ था हमला, हुआ फरार, एनआईए कर रही है तलाश
Mon, 25 Feb 2019 07:40 PM IST
दुष्यंत शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 25 Feb 2019 07:40 PM IST
विज्ञापन
पुलवामा हमले में कार मालिक सज्जाद भट
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ पर आत्मघाती हमला करने में इस्तेमाल होने वाली कार अनंतनाग के एक युवक की थी। यह खुलासा एनआईए ने सोमवार को किया। एनआईए ने बताया कि इस हमले से पहले के कुछ सीसीटीवी फुटेज भी उन्हें जांच के दौरान मिले हैं जिसमें हमलावर और उसका साथी नजर आ रहे हैं। एनआईए ने हमले में इस्तेमाल की गई ईको कार तथा उसके मालिक सज्जाद भट की पहचान कर ली गई है।
एनआईए सूत्रों के अनुसार सीसीटीवी फुटेज में ईको कार देखी गई है जिसने सीआरपीएफ काफिले में चल रही बस को निशाना बनाया था। यह वीडियो घटनास्थल से थोड़ी दूर नेशनल हाईवे की है जिसमें फिदायीन हमलावर आदिल अहमद डार कार चलाते दिख रहा है। एनआईए यह खंगाल रही है कि क्या इस कार में आदिल के अलावा और भी कोई था या नहीं।
वीडियो फुटेज के आधार पर एनआईए ने अनंतनाग के बिजबेहरा निवासी सज्जाद भट की भी पहचान कर ली है। कार मालिक हमले वाले दिन से ही फरार है और उसे पकड़ने के लिए छापेमारी भी लगातार जारी है। एनआईए को अंदेशा है कि हमले में इस्तेमाल ईको कार 2010-11 मॉडल की हो सकती है जिसे दोबारा पेंट किया गया था।
विज्ञापन
हमले में इस्तेमाल हुई ईको कार के शॉक ऑब्जर्वर भी मिले हैं जिससे कार किस साल में बनी इसका पता लगाया जा रहा है। कुछ पुराने वीडियो और तस्वीरों को भी एनआईए की टीम खंगाल रही है। एक्सपर्ट्स इसकी जांच कर रहे हैं कि जैश-ए-मोहम्मद के वीडियो में आवाज किसकी है। इस वीडियो में जैश ने आतंकी हमले की जिम्मेदारी ली थी और आतंकी डार भी इसमें नजर आ रहा था। विशेषज्ञों की कई टीम हर पहलू से इस वीडियो की जांच कर रही है। उम्मीद है कि जल्द ही एनआईए जांच से किसी मुकाम तक पहुंच पाएगी।
घटनास्थल से कैन बरामद
घटनास्थल से एनआईए टीम को एक कैन भी मिला जिसमें करीब 30 किलोग्राम आरडीएक्स रखा गया था। इसकी जांच एफ एसएल की टीमें कर रही है। पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि विस्फोटक कैसा था और कहां से आया हो सकता है। फिलहाल कुछ सूत्र यह भी बता रहे हैं कि आतंकियों द्वारा सीमा पार से लाया गया विस्फोटक श्रीनगर के बाहरी क्षेत्र में किसी पत्थर की खान में रखा गया होगा क्योंकि इस इलाके में काफी पत्थर की खान हैं जहां ब्लास्टिंग के लिए विस्फोटक लाये जाते हैं। इस पहलू को लेकर भी जांच की जा रही है।
विज्ञापन
एनआईए सूत्रों के अनुसार सीसीटीवी फुटेज में ईको कार देखी गई है जिसने सीआरपीएफ काफिले में चल रही बस को निशाना बनाया था। यह वीडियो घटनास्थल से थोड़ी दूर नेशनल हाईवे की है जिसमें फिदायीन हमलावर आदिल अहमद डार कार चलाते दिख रहा है। एनआईए यह खंगाल रही है कि क्या इस कार में आदिल के अलावा और भी कोई था या नहीं।
विज्ञापन
वीडियो फुटेज के आधार पर एनआईए ने अनंतनाग के बिजबेहरा निवासी सज्जाद भट की भी पहचान कर ली है। कार मालिक हमले वाले दिन से ही फरार है और उसे पकड़ने के लिए छापेमारी भी लगातार जारी है। एनआईए को अंदेशा है कि हमले में इस्तेमाल ईको कार 2010-11 मॉडल की हो सकती है जिसे दोबारा पेंट किया गया था।
विज्ञापन
हमले में इस्तेमाल हुई ईको कार के शॉक ऑब्जर्वर भी मिले हैं जिससे कार किस साल में बनी इसका पता लगाया जा रहा है। कुछ पुराने वीडियो और तस्वीरों को भी एनआईए की टीम खंगाल रही है। एक्सपर्ट्स इसकी जांच कर रहे हैं कि जैश-ए-मोहम्मद के वीडियो में आवाज किसकी है। इस वीडियो में जैश ने आतंकी हमले की जिम्मेदारी ली थी और आतंकी डार भी इसमें नजर आ रहा था। विशेषज्ञों की कई टीम हर पहलू से इस वीडियो की जांच कर रही है। उम्मीद है कि जल्द ही एनआईए जांच से किसी मुकाम तक पहुंच पाएगी।
घटनास्थल से कैन बरामद
घटनास्थल से एनआईए टीम को एक कैन भी मिला जिसमें करीब 30 किलोग्राम आरडीएक्स रखा गया था। इसकी जांच एफ एसएल की टीमें कर रही है। पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि विस्फोटक कैसा था और कहां से आया हो सकता है। फिलहाल कुछ सूत्र यह भी बता रहे हैं कि आतंकियों द्वारा सीमा पार से लाया गया विस्फोटक श्रीनगर के बाहरी क्षेत्र में किसी पत्थर की खान में रखा गया होगा क्योंकि इस इलाके में काफी पत्थर की खान हैं जहां ब्लास्टिंग के लिए विस्फोटक लाये जाते हैं। इस पहलू को लेकर भी जांच की जा रही है।