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जम्मू-कश्मीर: कल से खत्म हो जाएंगे 40 से अधिक पब्लिक प्रासिक्यूटर के पद
Wed, 30 Oct 2019 02:47 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Wed, 30 Oct 2019 02:47 PM IST
सार
- हर एक सेशन कोर्ट के तहत 4 से 5 तैनात हैं पीपी
- पुलिस के प्रासिक्यूटरों का बढ़ जाएगा काम
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विस्तार
31 अक्तूबर को जम्मू कश्मीर की न्यायिक व्यवस्था में भी बदलाव देखने को मिलेगा। सरकार की तरफ से नियुक्त किए गए 40 से अधिक पब्लिक प्रासिक्यूटर (पीपी) के पद खत्म हो जाएंगे। हर जिला सेशन कोर्ट के साथ चार से पांच पीपी तैनात रहते हैं। केंद्र शासित प्रदेश बनते ही सरकार की यह व्यवस्था खत्म हो जाएगी। ऐसे में पुलिस के प्रासिक्यूटरों का काम बढ़ सकता है। पुलिस के प्रासिक्यूटर कोर्ट में सरकारी पक्ष रखते नजर आ सकते हैं।
जानकारी के अनुसार पुराने एक्ट के तहत सरकार की तरफ से जिला अदालतों में अपनी तरफ से वकीलों को पब्लिक प्रासिक्यूटर के तौर पर तैनात किया जाता है। इस समय सरकार की तरफ से 40 से अधिक पीपी तैनात किए हुए हैं। बहुचर्चित रसाना कांड में भी सरकार ने कठुआ कोर्ट में इस मामले को लेकर दो स्पेशल पीपी तैनात किए थे।
सूत्रों का कहना है कि 31 अक्तूबर को इनकी सेवाएं समाप्त हो जाएंगी। न्यायिक व्यवस्था से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि पीपी के पद खत्म हो जाएंगे। इसके लिए नोटिफिकेशन भी जारी हुआ है। सूत्रों का कहना है कि पीपी के पद खत्म होने से अब पुलिस के सीपीओ स्तर के अफसरों का काम बढ़ सकता है। यह लोग अब कोर्ट में सरकारी पक्ष रखते हुए नजर आएंगे।
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जानकारी के अनुसार पुराने एक्ट के तहत सरकार की तरफ से जिला अदालतों में अपनी तरफ से वकीलों को पब्लिक प्रासिक्यूटर के तौर पर तैनात किया जाता है। इस समय सरकार की तरफ से 40 से अधिक पीपी तैनात किए हुए हैं। बहुचर्चित रसाना कांड में भी सरकार ने कठुआ कोर्ट में इस मामले को लेकर दो स्पेशल पीपी तैनात किए थे।
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सूत्रों का कहना है कि 31 अक्तूबर को इनकी सेवाएं समाप्त हो जाएंगी। न्यायिक व्यवस्था से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि पीपी के पद खत्म हो जाएंगे। इसके लिए नोटिफिकेशन भी जारी हुआ है। सूत्रों का कहना है कि पीपी के पद खत्म होने से अब पुलिस के सीपीओ स्तर के अफसरों का काम बढ़ सकता है। यह लोग अब कोर्ट में सरकारी पक्ष रखते हुए नजर आएंगे।
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