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पत्थरबाजों को माफी से रियासत में उबाल
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Thu, 07 Jul 2016 01:33 PM IST
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प्रदर्शन करते जम्मू वेस्ट असेंबली मूवमेंट के कार्यकर्ता
- फोटो : Amar Ujala
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ईद की पूर्व संध्या पर पत्थरबाजों को माफी दिए जाने को लेकर सियासत गरमा गई है। सरकार की सहयोगी भाजपा, कांग्रेस, पैंथर्स सब इसके विरोध में हैं। जम्मू और उधमपुर में सरकार के इस फैसले को लेकर विरोध प्रदर्शन भी शुरू हो चुके हैं।
सियासी पार्टियों का मानना है कि सरकार के इस फैसले से देश विरोधी ताकतों का हौसला और बढ़ेगा। घाटी में ईद पर भी सुरक्षा बलों पर पथराव की घटनाएं इसका उदाहरण हैं।
राज्य सरकार ने वर्ष 2008 और 2009 के 104 मामलों में शामिल 634 लोगों को माफी देने का फैसला मंगलवार को किया। अभी 2010 से 2014 के मामलों की समीक्षा की जानी है। भाजपा का मानना है कि केवल दो वर्षों में 634 लोगों को माफी मिली तो अभी पांच साल की समीक्षा होनी है। ऐसे में काफी अधिक संख्या में पत्थरबाजों को माफी मिल सकती है।
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यह आगे चलकर सुरक्षा व्यवस्था के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं। भाजपा विधायक रवींद्र रैना कहते हैं कि सरकार ने पत्थरबाजों को छोड़कर देश विरोधी ताकतों के हौसले बुलंद किए हैं। लगातार घाटी में भारत विरोधी नारेबाजी, आईएस तथा आतंकी संगठनों के झंडे लहराए जाते हैं। सुरक्षा बलों पर पथराव किया जाता है।
इन सबके बाद भी पत्थरबाजों को माफी दिए जाने से हालात और बिगड़ सकते हैं। कांग्रेस का मानना है कि सरकार केवल सियासी लाभ के लिए इस प्रकार के फैसले कर रही है। आने वाले दिनों में पंचायत तथा निकाय चुनाव हैं। जमीनी स्तर पर पीडीपी और भाजपा का कोई जनाधार नहीं है।
इस वजह से वह लाभ लेने के लिए इस प्रकार के फैसले कर रही है। पार्टी प्रवक्ता रवींद्र शर्मा का कहना है कि सरकार को इस संवेदनशील मुद्दे पर सोच समझकर फैसला करना चाहिए। पैंथर्स पार्टी ने उधमपुर में सरकार का पुतला फूंका तो जम्मू वेस्ट असेंबली मूवमेंट ने भी विरोध प्रदर्शन किया।
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सियासी पार्टियों का मानना है कि सरकार के इस फैसले से देश विरोधी ताकतों का हौसला और बढ़ेगा। घाटी में ईद पर भी सुरक्षा बलों पर पथराव की घटनाएं इसका उदाहरण हैं।
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राज्य सरकार ने वर्ष 2008 और 2009 के 104 मामलों में शामिल 634 लोगों को माफी देने का फैसला मंगलवार को किया। अभी 2010 से 2014 के मामलों की समीक्षा की जानी है। भाजपा का मानना है कि केवल दो वर्षों में 634 लोगों को माफी मिली तो अभी पांच साल की समीक्षा होनी है। ऐसे में काफी अधिक संख्या में पत्थरबाजों को माफी मिल सकती है।
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यह आगे चलकर सुरक्षा व्यवस्था के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं। भाजपा विधायक रवींद्र रैना कहते हैं कि सरकार ने पत्थरबाजों को छोड़कर देश विरोधी ताकतों के हौसले बुलंद किए हैं। लगातार घाटी में भारत विरोधी नारेबाजी, आईएस तथा आतंकी संगठनों के झंडे लहराए जाते हैं। सुरक्षा बलों पर पथराव किया जाता है।
इन सबके बाद भी पत्थरबाजों को माफी दिए जाने से हालात और बिगड़ सकते हैं। कांग्रेस का मानना है कि सरकार केवल सियासी लाभ के लिए इस प्रकार के फैसले कर रही है। आने वाले दिनों में पंचायत तथा निकाय चुनाव हैं। जमीनी स्तर पर पीडीपी और भाजपा का कोई जनाधार नहीं है।
इस वजह से वह लाभ लेने के लिए इस प्रकार के फैसले कर रही है। पार्टी प्रवक्ता रवींद्र शर्मा का कहना है कि सरकार को इस संवेदनशील मुद्दे पर सोच समझकर फैसला करना चाहिए। पैंथर्स पार्टी ने उधमपुर में सरकार का पुतला फूंका तो जम्मू वेस्ट असेंबली मूवमेंट ने भी विरोध प्रदर्शन किया।