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जिला अस्पताल में रात में डाक्टर न होने से मरीज परेशान
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आरएस पुरा। सरकारी अस्पताल में बेहतर सुविधाएं न मिलने पर लोगों ने किसान नेता चौधरी मोहन सिंह की अध्यक्षता में सरकार तथा स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने चेतावनी देते हुए कहा कि जल्द स्वास्थ्य विभाग द्वारा बेहतर सुविधाएं प्रदान नहीं की गईं तो आने वाले दिनों में बड़ा प्रदर्शन करेंगे।
प्रदर्शन में शामिल किसान नेता चौधरी मोहन सिंह, बाजार कमेटी के प्रधान सरदार मनदेव सिंह, लखविंदर सिंह, अजय कुमार ने कहा कि आरएस पुरा के सरकारी अस्पताल में बेहतर सुविधाएं नहीं मिलने से मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं। उन्होंने कहा कि अल्ट्रासाउंड की बेहतर सुविधा न होने से लोगों को बाजार से अल्ट्रासाउंड करवाना पड़ रहा है।
कहा कि उप जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा सुचारू होनी चाहिए। सस्ती दवाइयां उपलब्ध करवाने हेतु खोला गया जन औषधि केंद्र भी कई महीनों से बंद है। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पताल का भवन तो बना दिया, लेकिन बेहतर सुविधाएं नहीं मिल पा रही। अस्पताल में नियुक्त कुछ डॉक्टरों का बर्ताव भी मरीजों के प्रति अच्छा नहीं है। प्रदर्शनकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ब्लॉक मेडिकल अधिकारी मोनिका कोतवाल से भी मिला।
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ब्लॉक मेडिकल अधिकारी ने कहा कि मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिलें, इसके लिए हरसंभव कदम उठाए जा रहे हैं। कोई कमी है तो उसे जल्द पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अस्पताल में बंद पड़े जन औषधि केंद्र को जल्द खुलवाने हेतु उच्च अधिकारियों से बातचीत की गई है। हर रोज अल्ट्रासांउड की सुविधा मिले इसके लिए निदेशक से मांग की गई है। शीघ्र नई मशीन उपलब्ध होगी।
जिला अस्पताल में रात में डाक्टर न होने से मरीज परेशान
सांबा। प्रदेश प्रशासन की ओर से दावे किए जा रहे हैं कि सभी अस्पतालों में डॉक्टरों के रिक्त पद भरे जा रहे हैं, जबकि जिला अस्पताल में रात को आने वाले मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है रात के समय अस्पताल में डॉक्टर नहीं होते हैं।
स्थानीय निवासी सुरिंद्र सिंह, गगन देव, राजेश सिंह ने बताया कि जिला अस्पताल का कामकाज दिन में तो अच्छा है, लेकिन रात को छोटी सी बीमारी वाले मरीज को भी जम्मू रेफर कर दिया जाता है। रात के समय डॉक्टर अस्पताल में होते ही नहीं हैं, जबकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से डॉक्टरों के रात में रूकने के लिए व्यवस्था की है। उन्होंने प्रदेश प्रशासन से अनुरोध किया है कि जिला अस्पताल में रात के समय उपचार की व्यवस्था पर ध्यान दिया जाए।
रात के समय डॉक्टरों की लगाई गई है ड्यूटी
जिला अस्पताल में रात के समय डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है। इमरजेंसी में हर समय डॉक्टर उपलब्ध रहते हैं। वैैसे भी दो अन्य डॉक्टर रात में अस्पताल में रूक रहे हैं, ताकि आम लोगों को परेशानी न हो। मरीज की गंभीर स्थिति होने पर ही रेफर किया जाता है।
-डॉ. मोहिन्द्र शर्मा, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, जिला अस्पताल
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प्रदर्शन में शामिल किसान नेता चौधरी मोहन सिंह, बाजार कमेटी के प्रधान सरदार मनदेव सिंह, लखविंदर सिंह, अजय कुमार ने कहा कि आरएस पुरा के सरकारी अस्पताल में बेहतर सुविधाएं नहीं मिलने से मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं। उन्होंने कहा कि अल्ट्रासाउंड की बेहतर सुविधा न होने से लोगों को बाजार से अल्ट्रासाउंड करवाना पड़ रहा है।
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कहा कि उप जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा सुचारू होनी चाहिए। सस्ती दवाइयां उपलब्ध करवाने हेतु खोला गया जन औषधि केंद्र भी कई महीनों से बंद है। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पताल का भवन तो बना दिया, लेकिन बेहतर सुविधाएं नहीं मिल पा रही। अस्पताल में नियुक्त कुछ डॉक्टरों का बर्ताव भी मरीजों के प्रति अच्छा नहीं है। प्रदर्शनकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ब्लॉक मेडिकल अधिकारी मोनिका कोतवाल से भी मिला।
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ब्लॉक मेडिकल अधिकारी ने कहा कि मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिलें, इसके लिए हरसंभव कदम उठाए जा रहे हैं। कोई कमी है तो उसे जल्द पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अस्पताल में बंद पड़े जन औषधि केंद्र को जल्द खुलवाने हेतु उच्च अधिकारियों से बातचीत की गई है। हर रोज अल्ट्रासांउड की सुविधा मिले इसके लिए निदेशक से मांग की गई है। शीघ्र नई मशीन उपलब्ध होगी।
जिला अस्पताल में रात में डाक्टर न होने से मरीज परेशान
सांबा। प्रदेश प्रशासन की ओर से दावे किए जा रहे हैं कि सभी अस्पतालों में डॉक्टरों के रिक्त पद भरे जा रहे हैं, जबकि जिला अस्पताल में रात को आने वाले मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है रात के समय अस्पताल में डॉक्टर नहीं होते हैं।
स्थानीय निवासी सुरिंद्र सिंह, गगन देव, राजेश सिंह ने बताया कि जिला अस्पताल का कामकाज दिन में तो अच्छा है, लेकिन रात को छोटी सी बीमारी वाले मरीज को भी जम्मू रेफर कर दिया जाता है। रात के समय डॉक्टर अस्पताल में होते ही नहीं हैं, जबकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से डॉक्टरों के रात में रूकने के लिए व्यवस्था की है। उन्होंने प्रदेश प्रशासन से अनुरोध किया है कि जिला अस्पताल में रात के समय उपचार की व्यवस्था पर ध्यान दिया जाए।
रात के समय डॉक्टरों की लगाई गई है ड्यूटी
जिला अस्पताल में रात के समय डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है। इमरजेंसी में हर समय डॉक्टर उपलब्ध रहते हैं। वैैसे भी दो अन्य डॉक्टर रात में अस्पताल में रूक रहे हैं, ताकि आम लोगों को परेशानी न हो। मरीज की गंभीर स्थिति होने पर ही रेफर किया जाता है।
-डॉ. मोहिन्द्र शर्मा, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, जिला अस्पताल