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नहर की मरम्मत न होने पर किसानों का सरकार के खिलाफ प्रदर्शन

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आरएस पुरा। दड़प गांव के पास मुख्य नहर में साइफन के टूटने के बाद से धान की फसल की सिंचाई को लेकर परेशान किसानों ने प्रदर्शन किया। बाद में अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
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शुक्रवार को ऑल जेएंडके किसान सभा के अध्यक्ष किशोर शर्मा के नेतृत्व में किसानों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान सरकार एवं प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों ने कहा कि नहर के साइफन को क्षतिग्रस्त हुए कई दिन हो गए हैं। लेकिन अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया है।
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किसान फसलों की सिंचाई को लेकर चिंतित हैं। धान की फसल भी असर पड़ रहा है। किसानों ने कहा कि जल्द नहर की मरम्मत करा कर पानी छोड़ा जाए। प्रदर्शन के दौरान कामरेड मनदेव सिंह, प्रकाश चौधरी अजय कुमार सहित काफी संख्या में किसान मौजूद थे ।
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टेक्नोलॉजी के युग में भी महाराजा के समय की नहर पर निर्भर खेती
किसान अजीत राज ने कहा कि सरकार व प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। टेक्नोलॉजी के युग में भी महाराजा के कार्यकाल में बनी नहर पर फसलों की सिंचाई निर्भर है। इसका भी सही से रखरखाव नहीं हो रहा है। धान की फसल की सिंचाई जल्द न हुई तो किसानों को नुकसान उठाना पड़ेगा।
तीन हजार एकड़ में लगी फसल सूख रही, सरकार गंभीर नहीं
किसान गिरधारी लाल ने कहा कि कई दिनों से नहर में पानी नहीं है। लेकिन इसको लेकर कोई भी गंभीर नहीं है। इससे साफ है कि सरकार व प्रशासन को किसानों की चिंता नहीं है। उपजिले में नहर में पानी न होने से तीन हजार एकड़ कृषि भूमि पर लगी फसल सूखने लगी है। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती किसानों ने लाखों रुपये खर्च कर फसल उगाई थी, जो सिंचाई न होने से प्रभावित हो रही है। सीमावर्ती क्षेत्र के ज्यादातर ट्यूबवेल भी बंद हैं।

झूठे आश्वासन देते हैं अधिकारी, व्यापक स्तर पर करेंगे आंदोलन
किसान चौधरी दीपराज ने कहा कि बीस दिनों बाद भी नहर की मरम्मत नहीं हो पाई है। इससे सभी फसल की सिंचाई को लेकर चिंतित हैं। सिंचाई विभाग के उच्च अधिकारी सिर्फ झूठे आश्वासन देते हैं। उपराज्यपाल के सलाहकार के आदेश का भी पालन नहीं किया गया, जिसमें उन्होंने टूटी नहर की जल्द मरम्मत कराने के निर्देश दिए थे। नहर के टूटे हिस्से को जल्द ठीक कराया जाए। अन्यथा किसान व्यापक स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
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