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मांगें पूरी नहीं होने पर फूटा गुस्सा
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रियासी। लंबित मांगें पूरी नहीं होने पर तलवाड़ा विस्थापितों के सब्र का बांध वीरवार को फूट गया। उन्होंने क्लब परिसर में धरना देकर सरकार और प्रशासन को जमकर कोसा है।
वीरवार सुबह काफी संख्या में विस्थापित एकत्र हुए और लंबित मांगों के समर्थन में नारेबाजी शुरू कर दी। विस्थापित नेताओं ने कहा कि वह लोग कश्मीरी विस्थापितों की तर्ज पर सुविधाए मुहैया करवाने की मांग कर रहे हैं। इस बारे में सुप्रीम कोर्ट भी आदेश प्रदेेश सरकार को दे चुका है। बावजुद इसके समस्याओं की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। तलवाड़ा कॉलोनी में बने क्वार्टरों की हालत बहुत ही दयनीय है। बारिश में पानी अंदर टपकता है। कई परिवारों के क्वार्टर रहने योग्य नहीं हैं। छत्तों पर तिरपाल डाल कर गुजारा करने को मजबूर हैं।
विस्थापित युवाओं के लिए सरकार की तरफ से कोई योजना नहीं बनाई गई है, जबकि कश्मीरी युवाओं को नौकरी में प्राथमिकता दी जा रही है। माइग्रेंट एक्शन कमेटी के प्रधान जगदेव सिंह ने बताया कि तहसीलदार स्तर के अधिकारी ने डीसी के साथ मुलाकात करवा मांगों को सुनने का आश्वासन दिया है। अगर एक-दो दिन में समस्याओं को हल नहीं किया गया तो वह सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
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वीरवार सुबह काफी संख्या में विस्थापित एकत्र हुए और लंबित मांगों के समर्थन में नारेबाजी शुरू कर दी। विस्थापित नेताओं ने कहा कि वह लोग कश्मीरी विस्थापितों की तर्ज पर सुविधाए मुहैया करवाने की मांग कर रहे हैं। इस बारे में सुप्रीम कोर्ट भी आदेश प्रदेेश सरकार को दे चुका है। बावजुद इसके समस्याओं की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। तलवाड़ा कॉलोनी में बने क्वार्टरों की हालत बहुत ही दयनीय है। बारिश में पानी अंदर टपकता है। कई परिवारों के क्वार्टर रहने योग्य नहीं हैं। छत्तों पर तिरपाल डाल कर गुजारा करने को मजबूर हैं।
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विस्थापित युवाओं के लिए सरकार की तरफ से कोई योजना नहीं बनाई गई है, जबकि कश्मीरी युवाओं को नौकरी में प्राथमिकता दी जा रही है। माइग्रेंट एक्शन कमेटी के प्रधान जगदेव सिंह ने बताया कि तहसीलदार स्तर के अधिकारी ने डीसी के साथ मुलाकात करवा मांगों को सुनने का आश्वासन दिया है। अगर एक-दो दिन में समस्याओं को हल नहीं किया गया तो वह सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
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