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Jammu News: रहबर-ए-खेल शिक्षकों पर भांजी लाठियां, 15 अस्पताल में भर्ती
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जम्मू। नियमितीकरण की अवधि को सात से पांच साल करने, फ्रीज पद को डीफ्रीज नहीं करने आदि मांगों को लेकर बुधवार को प्रदर्शनी मैदान के बाहर प्रदर्शन कर रहे रहबर-ए-खेल शिक्षकों पर पुलिस ने लाठियां भांजी। इस दौरान 20 शिक्षक घायल हो गए। इनमें से 15 को जीएमसी में उपचार दिया गया। शिक्षक अपनी मांगों के समर्थन में 16 दिन से भाजपा कार्यालय के बाहर आंदोलन कर रहे हैं। मांग नहीं मानने पर शिक्षक बुधवार को प्रेस क्लब के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे थे।
बुधवार को सुबह 11 बजे बड़ी संख्या में शिक्षक प्रेस क्लब के बाहर एकत्रित हुए। इस दौरान शिक्षक डोगरा चौक की तरफ बढ़ने लगे, तो पुलिस ने उन्हें रोकना चाहा, लेकिन शिक्षक नहीं माने। इस पर पुलिस ने उन्हें तितर बितर करने के लिए लाठियां भांजीं। इस दौरान 20 शिक्षक घायल हो गए। शिक्षकों के चेहरे से लेकर पीठ, टांग सहित शरीर के अन्य हिस्सों पर चोटें आईं। इस दौरान कुछ महिला शिक्षक बेहोश भी हो गईं। उन्हें पुलिस ने अपनी गाड़ी में बैठाया। गंभीर रूप से घायल शिक्षकों को एंबुलेंस से जीएमसी पहुंचाया गया।
प्रदेश के 20 जिलों के सरकारी स्कूलों में 2670 रहबर-ए-खेल शिक्षक तैनात हैं। ये शिक्षक 19 दिसंबर से भाजपा कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने कहा कि दूरदराज गांवों के स्कूलों में बच्चों को शारीरिक शिक्षा के महत्व को समझा रहे हैं। फीट इंडिया की पहल को सफल बनने के लिए जमीनी स्तर पर काम कर रहे हैं। वहीं, जब अपने अधिकारों की बात करते हैं, तो सरकार की तरफ से सिर्फ आश्वासन और लाठियां मिलती हैं। रहबर-ए-खेल टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष धीरज सलारिया ने कहा कि हमारी मांगों को अनसुना किया जा रहा है। सरकार की दमनकारी नीतियाें से हम अपने लक्ष्य से पीछे नहीं हटेंगे।
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ये है कर्मचारियों की मुख्य मांगें
कर्मचारियों ने कहा कि दो ही मुख्य मांग है। कैबिनेट ऑर्डर में जो प्रोबेशन अवधि सात वर्ष रखी है, कम करके पांच वर्ष किया जाना चाहिए। सरकार रहबर-ए-खेल के फ्रीज पदों को डीफ्रीज करने जा रही है। ये स्वीकार नहीं है। जब तक पहले से ही नियुक्ति रहबर-ए-खेल शिक्षकों को नियमित नहीं किया जाएगा, तबतक हमारे पद को डीफ्रीज नहीं किया जाए।
शिक्षकों पर लाठियां भांजना निंदनीय : पठानिया
उधमपुर। भाजपा प्रवक्ता रणबीर सिंह पठानिया ने रहबर-ए खेल शिक्षकों पर बलप्रयोग की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान में सभी नागरिकों को अपनी बात रखने का अधिकार मिला है। उन्होंने कहा कि एक गुप्त आदेश का दौर चल रहा है, जिसने एक प्रकार की अशांति और अनिश्चितता पैदा कर दी है। संवाद
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बुधवार को सुबह 11 बजे बड़ी संख्या में शिक्षक प्रेस क्लब के बाहर एकत्रित हुए। इस दौरान शिक्षक डोगरा चौक की तरफ बढ़ने लगे, तो पुलिस ने उन्हें रोकना चाहा, लेकिन शिक्षक नहीं माने। इस पर पुलिस ने उन्हें तितर बितर करने के लिए लाठियां भांजीं। इस दौरान 20 शिक्षक घायल हो गए। शिक्षकों के चेहरे से लेकर पीठ, टांग सहित शरीर के अन्य हिस्सों पर चोटें आईं। इस दौरान कुछ महिला शिक्षक बेहोश भी हो गईं। उन्हें पुलिस ने अपनी गाड़ी में बैठाया। गंभीर रूप से घायल शिक्षकों को एंबुलेंस से जीएमसी पहुंचाया गया।
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प्रदेश के 20 जिलों के सरकारी स्कूलों में 2670 रहबर-ए-खेल शिक्षक तैनात हैं। ये शिक्षक 19 दिसंबर से भाजपा कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने कहा कि दूरदराज गांवों के स्कूलों में बच्चों को शारीरिक शिक्षा के महत्व को समझा रहे हैं। फीट इंडिया की पहल को सफल बनने के लिए जमीनी स्तर पर काम कर रहे हैं। वहीं, जब अपने अधिकारों की बात करते हैं, तो सरकार की तरफ से सिर्फ आश्वासन और लाठियां मिलती हैं। रहबर-ए-खेल टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष धीरज सलारिया ने कहा कि हमारी मांगों को अनसुना किया जा रहा है। सरकार की दमनकारी नीतियाें से हम अपने लक्ष्य से पीछे नहीं हटेंगे।
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ये है कर्मचारियों की मुख्य मांगें
कर्मचारियों ने कहा कि दो ही मुख्य मांग है। कैबिनेट ऑर्डर में जो प्रोबेशन अवधि सात वर्ष रखी है, कम करके पांच वर्ष किया जाना चाहिए। सरकार रहबर-ए-खेल के फ्रीज पदों को डीफ्रीज करने जा रही है। ये स्वीकार नहीं है। जब तक पहले से ही नियुक्ति रहबर-ए-खेल शिक्षकों को नियमित नहीं किया जाएगा, तबतक हमारे पद को डीफ्रीज नहीं किया जाए।
शिक्षकों पर लाठियां भांजना निंदनीय : पठानिया
उधमपुर। भाजपा प्रवक्ता रणबीर सिंह पठानिया ने रहबर-ए खेल शिक्षकों पर बलप्रयोग की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान में सभी नागरिकों को अपनी बात रखने का अधिकार मिला है। उन्होंने कहा कि एक गुप्त आदेश का दौर चल रहा है, जिसने एक प्रकार की अशांति और अनिश्चितता पैदा कर दी है। संवाद