{"_id":"624765b9d853c761fe74a77d","slug":"protest-jammu-city-news-jmu2569353102","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षकों के सौ फीसदी पद पदोन्नति से भरने का विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षकों के सौ फीसदी पद पदोन्नति से भरने का विरोध
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और प्राध्यापकों की सीधी भर्ती पर सरकार ने रोक लगाई है। इसके विरोध में शुक्रवार को जम्मू विश्वविद्यालय के छात्रों ने एबीवीपी के बैनर तले प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने यूनिवर्सिटी रोड पर बैठकर धरना दिया, जिससे आधे घंटे तक यातायात बाधित रहा। रोड जाम करने पर पुलिस ने कई छात्रों को हिरासत में लिया, जिन्हें एक घंटे बाद रिहा किया गया।
एबीवीपी के प्रदेश सचिव मुकेश मन्हास के नेतृत्व में जम्मू विवि के छात्रों ने विवि से विक्रम चौक तक रैली निकालनी चाही, लेकिन पुलिस ने उन्हें यूनिवर्सिटी रोड पर रोक लिया। प्रदर्शनकारियों ने कहा, 2018 में प्रदेश सरकार ने रेगुलराइजेशन पॉलिसी लागू की है, जिसमें लिखा गया है कि शिक्षकों के सौ फीसदी पदों को पदोन्नति से भरा जाएगा। अध्यापकों और प्राध्यापकों के पदों पर कोई भर्ती नहीं की जाएगी।
प्रदर्शन के दौरान कई छात्र सड़क पर लेट गए, जिससे नरवाल से विक्रम चौक की तरफ आने वाले वाहन आधे घंटे तक जाम में फंसे रहे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं सुनने पर कई छात्रों को हिरासत में लेकर प्रदर्शन खत्म करवाया।
विज्ञापन
मुकेश मन्हास ने कहा कि प्रदेश के हजारों युवा डिग्री होल्डर हैं, लेकिन सरकार उन्हें नौकरी देना तो दूर, आवेदन करने का मौका भी नहीं दे रही। सरकार को उक्त फैसला वापस लेना होगा।
विद्यार्थी रमणीक शर्मा ने कहा कि युवा, स्नातक, परास्नातक, बीएड, एमएड और पीएचडी की पढ़ाई करके बैठे हैं, जिनके साथ अन्याय किया जा रहा है। सरकार ने जो नीति लागू की है, उससे प्रदेश में बेरोजगारी बढ़ती जा रही है। कहा कि सरकार को बीस फीसदी पदोन्नति और 80 फीसदी पदों पर भर्ती करवानी चाहिए।
छात्रा शिवानी राजपूत और निहारिका ने कहा कि सरकार युवाओं के साथ भेदभाव की नीति अपना रही है। पढ़े-लिखे युवाओं के लिए भी सरकार पॉलिसी बनाए, ताकि उन्हें नौकरी के लिए आवेदन करने का मौका मिल सके। इस मौके पर साकेत राठौड़, अनूप सिंह, रामेश सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
एबीवीपी के प्रदेश सचिव मुकेश मन्हास के नेतृत्व में जम्मू विवि के छात्रों ने विवि से विक्रम चौक तक रैली निकालनी चाही, लेकिन पुलिस ने उन्हें यूनिवर्सिटी रोड पर रोक लिया। प्रदर्शनकारियों ने कहा, 2018 में प्रदेश सरकार ने रेगुलराइजेशन पॉलिसी लागू की है, जिसमें लिखा गया है कि शिक्षकों के सौ फीसदी पदों को पदोन्नति से भरा जाएगा। अध्यापकों और प्राध्यापकों के पदों पर कोई भर्ती नहीं की जाएगी।
विज्ञापन
प्रदर्शन के दौरान कई छात्र सड़क पर लेट गए, जिससे नरवाल से विक्रम चौक की तरफ आने वाले वाहन आधे घंटे तक जाम में फंसे रहे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं सुनने पर कई छात्रों को हिरासत में लेकर प्रदर्शन खत्म करवाया।
विज्ञापन
मुकेश मन्हास ने कहा कि प्रदेश के हजारों युवा डिग्री होल्डर हैं, लेकिन सरकार उन्हें नौकरी देना तो दूर, आवेदन करने का मौका भी नहीं दे रही। सरकार को उक्त फैसला वापस लेना होगा।
विद्यार्थी रमणीक शर्मा ने कहा कि युवा, स्नातक, परास्नातक, बीएड, एमएड और पीएचडी की पढ़ाई करके बैठे हैं, जिनके साथ अन्याय किया जा रहा है। सरकार ने जो नीति लागू की है, उससे प्रदेश में बेरोजगारी बढ़ती जा रही है। कहा कि सरकार को बीस फीसदी पदोन्नति और 80 फीसदी पदों पर भर्ती करवानी चाहिए।
छात्रा शिवानी राजपूत और निहारिका ने कहा कि सरकार युवाओं के साथ भेदभाव की नीति अपना रही है। पढ़े-लिखे युवाओं के लिए भी सरकार पॉलिसी बनाए, ताकि उन्हें नौकरी के लिए आवेदन करने का मौका मिल सके। इस मौके पर साकेत राठौड़, अनूप सिंह, रामेश सिंह आदि मौजूद रहे।