{"_id":"5f569f588ebc3e54e7049154","slug":"protest-jammu-city-news-jmu218203461","type":"story","status":"publish","title_hn":"मंदिर मामले को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मंदिर मामले को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू। प्रदेश कांग्रेस ने पंचवक्त्र महादेव मंदिर के भूमि मामले पर सोमवार को भी धरना प्रदर्शन जारी रखा। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पार्टी मुख्यालय से शहीदी चौक तक मार्च निकाला, लेकिन पुलिस ने इसके आगे उन्हें नहीं बढ़ने दिया। प्रदर्शनकारियों ने मंदिर की भूमि पर शॉपिंग कांप्लेक्स और पार्किंग बनाने की साजिश रचने वालों को सामने लाने की मांग की। उन्होंने इस घटनाक्रम में शामिल सभी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। साथ ही भाजपा पर भी मिलीभगत के आरोप लगाए।
पार्टी के वरिष्ठ नेता रमण भल्ला, पूर्व मंत्री योगेश साहनी, मुख्य प्रवक्ता रवींद्र शर्मा ने आरोप लगाया कि भाजपा की मिलीभगत से मंदिर की भूमि पर ऐसे प्रस्ताव लाकर कुछ निजी बिल्डरों और बड़े कारोबारी घरानों को अवैध रूप से लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई है। केवल निविदा वापस ली गई है, परियोजना को पूरी तरह खत्म नहीं किया गया। इस संवेदनशील मामले में नगर निगम, यूटी प्रशासन और केंद्र की भूमिका संदिग्ध रही है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का एक एनएचआईडीसीएल संस्थान जेडीए के साथ मंदिर की भूमि पर ढांचे के निर्माण के लिए कैसे राष्ट्रीय निविदाएं जारी कर सकता है। इस मामले में हितधारकों को नजरअंदाज करते हुए हड़बड़ाहट में ऐसे फैसले लिए गए हैं। यह अनजाने में त्रुटि या खेद के आधार पर एक साधारण स्पष्टीकरण द्वारा दफनाने का छोटा मुद्दा नहीं है। न्यायालय के आदेश पर मंदिर में कार्यवाहक नियुक्त किए गए हैं। मंदिर की भूमि हथियाने के लिए साजिश रचने वालों की पहचान की जाए। प्रदर्शन में महिला कांग्रेस अध्यक्ष इंदु पवार, रितु चौधरी, द्वारका चौधरी, गौरव चोपड़ा, सचिव पीसीसी नीरज गुप्ता, संजीव आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
पार्टी के वरिष्ठ नेता रमण भल्ला, पूर्व मंत्री योगेश साहनी, मुख्य प्रवक्ता रवींद्र शर्मा ने आरोप लगाया कि भाजपा की मिलीभगत से मंदिर की भूमि पर ऐसे प्रस्ताव लाकर कुछ निजी बिल्डरों और बड़े कारोबारी घरानों को अवैध रूप से लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई है। केवल निविदा वापस ली गई है, परियोजना को पूरी तरह खत्म नहीं किया गया। इस संवेदनशील मामले में नगर निगम, यूटी प्रशासन और केंद्र की भूमिका संदिग्ध रही है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का एक एनएचआईडीसीएल संस्थान जेडीए के साथ मंदिर की भूमि पर ढांचे के निर्माण के लिए कैसे राष्ट्रीय निविदाएं जारी कर सकता है। इस मामले में हितधारकों को नजरअंदाज करते हुए हड़बड़ाहट में ऐसे फैसले लिए गए हैं। यह अनजाने में त्रुटि या खेद के आधार पर एक साधारण स्पष्टीकरण द्वारा दफनाने का छोटा मुद्दा नहीं है। न्यायालय के आदेश पर मंदिर में कार्यवाहक नियुक्त किए गए हैं। मंदिर की भूमि हथियाने के लिए साजिश रचने वालों की पहचान की जाए। प्रदर्शन में महिला कांग्रेस अध्यक्ष इंदु पवार, रितु चौधरी, द्वारका चौधरी, गौरव चोपड़ा, सचिव पीसीसी नीरज गुप्ता, संजीव आदि शामिल रहे।
विज्ञापन