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जम्मू-कश्मीरः इंजीनियरों के सेल्फ हेल्प ग्रुप को खत्म करने के सरकार के प्रस्ताव का विरोध
Fri, 14 Aug 2020 02:21 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
Updated Fri, 14 Aug 2020 02:21 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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इंजीनियरों के सेल्फ हेल्प ग्रुप को खत्म करने के सरकार के प्रस्ताव का विरोध शुरू हो गया है। यूथ कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष उदय भानू चिब ने कहा कि कहा कि प्रदेश में लगभग 3500 सेल्फ हेल्प ग्रुपों में करीब बीस हजार इंजीनियर पंजीकृत हैं। इन ग्रुप को खत्म करने से हजारों पढ़े-लिखे युवा बेरोजगार हो जाएंगे और निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार और कमीशन प्रथा को बढ़ावा मिलेगा।
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कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रवींद्र शर्मा ने इस फैसले को युवा विरोधी करार दिया है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में पहले ही शिक्षित युवा बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं, उस पर सरकार आए दिन ऐसे फैसले लेकर उनका भविष्य अंधकारमय बना रही है। उन्होंने पीडीडी विभाग के निजीकरण का भी विरोध किया। पूर्व मंत्री योगेश साहनी ने कहा कि इस फैसले से हजारों इंजीनियर बेरोजगार हो जाएंगे।
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टीम जम्मू ने दी प्रदर्शन की चेतावनी
टीम जम्मू के चीफ जोरावर सिंह ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से इस पर गंभीरता से विचार करने की अपील की। साथ ही इसके खिलाफ प्रदर्शन की भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि उपराज्यपाल ने कहा था कि वह जम्मू-कश्मीर का विकास करने में पूरा योगदान देंगे तो इस मामले की जांच उन्हें खुद करनी चाहिए।
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यह है सेल्फ हेल्प ग्रुप : इंजीनियरों के सेल्फ हेल्प ग्रुप को भी सरकारी कामों के टेंडर मिलते हैं। 30 प्रतिशत कोटा ठेकेदारों के साथ ग्रुप का भी होता है। सरकार चार से पांच इंजीनियरों का समूह जोड़कर एक टेंडर देती है। अब सरकार ने इस स्कीम को बंद करने का प्रस्ताव रखा है।
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हजारों परिवार प्रभावित होंगे :नेशनल कांफ्रेंस
नेशनल कांफ्रेंस के संभागीय अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राणा ने कहा कि सरकार युवा विरोधी नीतियों को अपनाकर उन्हें निराशा की ओर धकेल रही है। उन्होंने सेल्फ हेल्प ग्रुप को खत्म करने के फैसले को अनुचित बताया। सेल्फ हेल्प ग्रुप के इंजीनियरों और जम्मू-कश्मीर के बेरोजगार प्रशिक्षित शारीरिक शिक्षा शिक्षक फोरम के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात में राणा ने कहा कि सरकार ने प्रदेश में बेरोजगारी को बढ़ाने का काम किया है। सरकार रोजगार के साधन को कम करने का काम कर रही है। सेल्फ हेल्प ग्रुप से जुड़े हजारों परिवार प्रभावित होंगे।