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जम्मू-कश्मीर पुलवामा हिंसा: सेना की अपील, बादामीबाग मार्च में न हों शामिल
Mon, 17 Dec 2018 02:14 AM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Mon, 17 Dec 2018 02:14 AM IST
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श्रीनगर में बंद के दौरान मोर्चा संभाले सुरक्षाबल
- फोटो : बासित जरगर
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जम्मू कश्मीर के श्रीनगर में अलगाववादियों के आह्वान पर बादामीबाग स्थित सैन्य मुख्यालय तक मार्च में शामिल न होने की सेना ने लोगों से अपील की है। पुलवामा हिंसा के विरोध में अलगाववादियों ने सोमवार को मार्च का आह्वान किया है।
सेना ने एक बयान में कहा कि किसी नागरिक के जीवन को नुकसान न पहुंचे और संपत्ति का नुकसान भी कम हो, इसके लिए हरसंभव प्रयास किए जाते हैं। किसी भी नागरिक का हताहत होना सुरक्षाबलों के लिए पीड़ादायक होता है।
सेना सभी सुरक्षा एजेंसियों और नागरिक प्रशासन के साथ पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद और कश्मीर में इसके छद्म युद्ध से लड़ रही है। सुरक्षा बल नागरिकों के जीवन की सुरक्षा करने का हरसंभव प्रयास करते हैं।
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स्वार्थी तत्व मुठभेड़ स्थलों पर युवाओं को जुटाकर उन्हें सेना के खिलाफ भड़काने की कोशिश करते हैं। सेना ने कहा कि बादामीबाग मार्च इसी दिशा में एक प्रयास है। लोगों से अपील है कि वह राष्ट्र विरोधी ताकतों के झांसे में न आएं।
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सेना ने एक बयान में कहा कि किसी नागरिक के जीवन को नुकसान न पहुंचे और संपत्ति का नुकसान भी कम हो, इसके लिए हरसंभव प्रयास किए जाते हैं। किसी भी नागरिक का हताहत होना सुरक्षाबलों के लिए पीड़ादायक होता है।
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सेना सभी सुरक्षा एजेंसियों और नागरिक प्रशासन के साथ पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद और कश्मीर में इसके छद्म युद्ध से लड़ रही है। सुरक्षा बल नागरिकों के जीवन की सुरक्षा करने का हरसंभव प्रयास करते हैं।
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स्वार्थी तत्व मुठभेड़ स्थलों पर युवाओं को जुटाकर उन्हें सेना के खिलाफ भड़काने की कोशिश करते हैं। सेना ने कहा कि बादामीबाग मार्च इसी दिशा में एक प्रयास है। लोगों से अपील है कि वह राष्ट्र विरोधी ताकतों के झांसे में न आएं।