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चिकित्सा कर्मियों को मिले पदोन्नति, डीपीसी गठित हो
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जम्मू। डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी (डीपीसी) और अन्य मांगें पूरी करवाने के लिए शुक्रवार को चिकित्सा कर्मियों ने पलांवाला में धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी कर्मियों ने कहा कि बीते चार साल से डीपीसी लंबित है। बड़ी संख्या में कर्मचारी सेवानिवृत्त हो गए हैं, लेकिन उन्हें पदोन्नति लाभ नहीं मिल पाया है। जम्मू-कश्मीर मेडिकल इंप्लाइज फेडरेशन के प्रधान सुशील सूदन और ब्लॉक पलांवाला के प्रधान पवन कुमार ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान चिकित्सा कर्मचारियों ने फ्रंटलाइन पर रहकर सेवाएं दी हैं। लेकिन प्रशासन ने उन्हें पदोन्नति नहीं दी। विभाग में एसआरओ-20 में संशोधन का इंतजार है। कर्मियों ने चेतावनी दी कि अगर मांगों को नजरअंदाज किया गया तो आंदोलन तेज करेंगे। शनिवार छह फरवरी को सुआंजना में प्रदर्शन किया जाएगा। नौ फरवरी को डंसाल, 11 को कोट भलवाल, 12 को मढ़, 16 फरवरी को आरएस पुरा, 18 को अखनूर और 19 फरवरी को चौकी चौरा में धरना प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन में मदन लाल शर्मा, मोती लाल, कुलदीप राज, अमित कुमार, सूरज देवी, सोनिया शर्मा आदि शामिल हुए।
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ये भी हैं मांगें
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि फीमेल मल्टीपर्पज हेल्थ वर्करों को पांच माह से वेतन नहीं दिया गया है, जिसे जल्द जारी किया जाए। अनुच्छेद 370 हटने के बाद नई केंद्रीय फार्मेसी अधिनियम 1948 के तहत बड़ी संख्या में पूर्व फार्मासिस्टों को पंजीकृत नहीं किया जा रहा है। 30 वर्ष से एसआरओ 20 में कर्मचारी संशोधन का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन हक नहीं मिला।
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ये भी हैं मांगें
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि फीमेल मल्टीपर्पज हेल्थ वर्करों को पांच माह से वेतन नहीं दिया गया है, जिसे जल्द जारी किया जाए। अनुच्छेद 370 हटने के बाद नई केंद्रीय फार्मेसी अधिनियम 1948 के तहत बड़ी संख्या में पूर्व फार्मासिस्टों को पंजीकृत नहीं किया जा रहा है। 30 वर्ष से एसआरओ 20 में कर्मचारी संशोधन का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन हक नहीं मिला।
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