बिना वेतन इनकी कैसे मनेगी दिवाली?
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त्योहारी सीजन में शिक्षकों को पिछले कई महीने का वेतन न मिलने के अलावा पिक एंड चूज तबादला नीति, महंगाई भत्ता जारी न होने और अन्य मांगों को लेकर शिक्षक मंगलवार को शिक्षा निदेशालय परिसर में चौबीस घंटे की भूख हड़ताल पर बैठे। जेएंडके यूनाइटेड स्कूल टीचर्स एसोसिएशन के बैनर तले शिक्षकों ने शिक्षा निदेशक और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
धरना प्रदर्शन में संभाग के राजोरी, डोडा, पुंछ, सांबा, कठुआ और अन्य जिलों के शिक्षकों ने अपना समर्थन दिया। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे एसोसिएशन के प्रधान हरि सिंह ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले एक साल से पिक एंड चूज तबादला नीति से ग्रामीण इलाकों के स्कूलों में शिक्षकों की कमी होती जा रही है और उन्होंने मांग की कि पिछले एक साल में हुए तबादलों की जांच की जाए।
उन्होंने शिक्षकों की वेतन विसंगतियों को दूर करने, महंगाई भत्ते की दो लंबित किश्तें जारी करने आदि मांगें भी दर्शाईं। इस मौके पर हरि सिंह, राजीव कुमार, प्रदीप सिंह, राजकुमार, यशपाल, मो. निसार, सराजुदीन, भारत सिंह, डा. शशि पाल सिंह, जुल्फीकार अली मलिक चौबीस घंटे तक की भूख हड़ताल पर बैठे।
पीएचई कर्मियों ने आमरण अनशन शुरू किया
पीएचई विभाग के चीफ इंजीनियर कार्यालय परिसर में आल जेएंडके डिपार्टमेंट कैजुअल लेबर, नीड बेस, आईटीआई ट्रेंड, सीपी वर्कर्स यूनाइटेड फ्रंट जम्मू प्रोविंस के बैनर तले आमरण अनशन पर बैठे तीसरे अनशनकारी योगेश भाऊ की भी हालत खराब हो जाने पर मंगलवार सुबह जीएमसी में भर्ती करवाना पड़ा। इस बीच तीन और कर्मियों अजय डगोत्रा, नितिन शर्मा और यशपाल सिंह ने आमरण अनशन शुरू किया है। कर्मियों ने छठे दिन भी अपना आंदोलन जारी रखा।
अनशन पर बैठे योगेश की मंगलवार सुबह 11 बजे अचानक तबीयत खराब हो गई, जिससे उसे तुरंत जीएमसी लाया गया। इससे पहले गत दिवस तनवीर हुसैन और अजय कुमार को जीएमसी में भर्ती कराया गया था, जिनका दूसरे भी इलाज चलता रहा। चेयरमैन तनवीर ने कहा कि विभिन्न विभागों में वर्षों से कैजुअल और नीड बेस कर्मचारी नियमित सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें स्थायी करने के लिए कोई उचित पालिसी नहीं लाई गई है।
कर्मियों ने साफ किया कि उनकी मांगें न माने जाने तक वे अनशन जारी रखेंगे। कर्मचारी कैजुअल और नीड बेस कर्मियों को स्थायी करने की पालिसी बनाने के साथ उन्हें बकाया वेतन शीघ्र जारी करने की मांग कर रहे हैं।