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पंचायतीराज अधिनियम में हो संशोधन
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जम्मू। ऑल जम्मू-कश्मीर पंचायत कान्फ्रेंस के सदस्यों ने मंगलवार को प्रदर्शनी मैदान के बाहर प्रदर्शन कर सरकार का पुतला फूंका। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते पंचायतीराज अधिनियम में संशोधन की मांग की। आरोप है कि अधिनियम में दिए गए अधिकार सही मानकों पर खरा नहीं उतरते हैं, इसमें जरूरी सदस्यों को नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने पंचायत नेताओं को तत्काल उचित सुरक्षा मुहैया करवाने की मांग की।
कान्फ्रेंस के प्रधान अनिल शर्मा ने कहा कि अधिनियम के तहत सरपंच को हटाने का अधिक पंचों को दिया गया है, जबकि पंचायत ग्राम सभा के सदस्य पूरे वोटर होते हैं और उन्हें भी इस प्रक्रिया में शामिल किया जाना चाहिए। पंचों के साथ लोगों को शामिल करें। इसी तरह ब्लॉक डेवलपमेंट के चेयरपर्सन को हटाने का सरपंच को अधिकार दिया गया है, जबकि सरपंच और पंच को एक जैसे अधिकार दिए गए हैं, जिससे सरपंचों और पंचों दोनों को इस प्रक्रिया में लाया जाए। पंचों को भी उनके अधिकार दिए जाएं। जम्मू-कश्मीर के मौजूदा परिदृश्य में पंचायत नेताओं की सुरक्षा अहम है, जिससे विशेषतौर पर उन नेताओं को तत्काल प्रभाव से उचित सुरक्षा मुहैया करवाई जाए, जिन्होंने सुरक्षा के लिए एडीजीपी को आवेदन किया है। उन्होंने कहा कि अधिनियम में संशोधन करके समान अधिकार देने पर काम किया जाए। इससे कामकाज में पारदर्शिता बढ़ेगी।
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कान्फ्रेंस के प्रधान अनिल शर्मा ने कहा कि अधिनियम के तहत सरपंच को हटाने का अधिक पंचों को दिया गया है, जबकि पंचायत ग्राम सभा के सदस्य पूरे वोटर होते हैं और उन्हें भी इस प्रक्रिया में शामिल किया जाना चाहिए। पंचों के साथ लोगों को शामिल करें। इसी तरह ब्लॉक डेवलपमेंट के चेयरपर्सन को हटाने का सरपंच को अधिकार दिया गया है, जबकि सरपंच और पंच को एक जैसे अधिकार दिए गए हैं, जिससे सरपंचों और पंचों दोनों को इस प्रक्रिया में लाया जाए। पंचों को भी उनके अधिकार दिए जाएं। जम्मू-कश्मीर के मौजूदा परिदृश्य में पंचायत नेताओं की सुरक्षा अहम है, जिससे विशेषतौर पर उन नेताओं को तत्काल प्रभाव से उचित सुरक्षा मुहैया करवाई जाए, जिन्होंने सुरक्षा के लिए एडीजीपी को आवेदन किया है। उन्होंने कहा कि अधिनियम में संशोधन करके समान अधिकार देने पर काम किया जाए। इससे कामकाज में पारदर्शिता बढ़ेगी।
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