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सेना को हटाने के फैसले पर उबाल
ब्यूरो/अमर उजाला,कठुआ
Updated Sun, 15 Mar 2015 01:50 AM IST
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सुदूरवर्ती इलाकों से सेना हटाने के फैसले से दहशत में आए ग्रामीणों ने अब विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला शुरू कर दिया है।
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पंचायती नुमाइदों और ग्रामीणों ने ढग्गर गांव में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियाें ने कहा कि ढग्गर व सटे इलाके वनक्षेत्र से सटे हुए हैं। आतंकी गतिविधियों के लिहाज से यह इलाका बेहद संवेदनशील है।
सुरक्षा एजेंसियों ने भी इन इलाकों को अतिसंवेदनशील श्रेणी में घोषित किया है। इस सबके बावजूद इलाके से सेना को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
प्रदर्शनकारियों में शामिल धमान के सरपंच शिवलाल, ढग्गर के पंचायती चेयरमैन ईशर दास, पंचायत सदस्य गोविंद राम, धमान नायब सरपंच मोहम्मद रफीक, मीम सिंह, रसाल चंद और एडवोकेट राकेश ठाकुर ने कहा कि सेना के हटने से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बनने लगा है।
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ग्रामीणों ने कहा कि ढग्गर कठुआ जिले का आखिरी छोर है, जिसके साथ वन क्षेत्र है। दुरूह इलाका होने की वजह से सेना की तैनाती का होना और भी जरूरी है।
गरमियों का सीजन आने पर हर साल सेना द्वारा पूरा इलाका खंगाला जाता था। इसके बाद लोग उच्च पर्वतीय इलाकों का रुख करते थे। अलग-थलग पड़े इस इलाके से सेना को हटाए जाने के बाद से लगातार दहशत का माहौल बढ़ता जा रहा है।
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प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सेना के बिना स्थानीय ग्रामीणों की सुरक्षा संभव नहीं है। ऐसे में प्रशासन और सरकार को सैन्य तैनाती बहाल रखने की व्यवस्था करनी होगी अन्यथा लोग इस मामले पर आंदोलन करने को मजबूर हो जाएंगे।