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Jammu News: अखनूर में पीओजेके विस्थापितों ने सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
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मुआवजे का बकाया देने, जमीन व घर देने की मांग की
संवाद न्यूज एजेंसी
अखनूर। पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्र के विस्थापित लोगों की संस्था पीओजेके डिस्प्लेस्ड रिफ्यूजी फ्रंट के सदस्यों ने वीरवार को अखनूर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की अगुवाई संस्था के अध्यक्ष सेवानिवृत्त कैप्टन युद्धवीर सिंह चिब ने की। मौके पर महिला मोर्चा की अध्यक्ष स्कंदया देवी और संस्था के अखनूर प्रधान अश्वनी शर्मा भी मौजूद थे।
अध्यक्ष ने कहा कि वर्षों से लोग अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। मोदी सरकार ने 5 लाख 50 हजार रुपये दिए हैं, लेकिन संयुक्त संसदीय समिति की रिपोर्ट के अनुसार 24 लाख 50 हजार अभी बकाया है। वह बकाया राशि भी सरकार जल्द जारी करे। उन्होंने मांग रखी कि विस्थापितों को जमीन और घर दिए जाएं। कई पीढ़ियां पहचान पत्र की मांग कर रही हैं, जिसे आज तक किसी सरकार ने गंभीरता से नहीं लिया। सरकार अभी तक पुनर्वास नहीं कर पाई है, इसलिए पीओजेके के विस्थापितों को विधानसभा व लोकसभा में पर्याप्त आरक्षण दिया जाए। जब यहां के प्रतिनिधि विधानसभा में होंगे तो वे विस्थापितों की आवाज बुलंद करेंगे। उन्होंने कहा कि विधानसभा में आज भी गुलाम कश्मीर की सीटें खाली रखी जाती हैं। इन्हें विस्थापितों के अनुपात में भरा जा सकता है। प्रदर्शनकारियों ने कॉलेजों में बच्चों के लिए आरक्षण तय करने की मांग की। साथ ही मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
अखनूर। पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्र के विस्थापित लोगों की संस्था पीओजेके डिस्प्लेस्ड रिफ्यूजी फ्रंट के सदस्यों ने वीरवार को अखनूर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की अगुवाई संस्था के अध्यक्ष सेवानिवृत्त कैप्टन युद्धवीर सिंह चिब ने की। मौके पर महिला मोर्चा की अध्यक्ष स्कंदया देवी और संस्था के अखनूर प्रधान अश्वनी शर्मा भी मौजूद थे।
अध्यक्ष ने कहा कि वर्षों से लोग अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। मोदी सरकार ने 5 लाख 50 हजार रुपये दिए हैं, लेकिन संयुक्त संसदीय समिति की रिपोर्ट के अनुसार 24 लाख 50 हजार अभी बकाया है। वह बकाया राशि भी सरकार जल्द जारी करे। उन्होंने मांग रखी कि विस्थापितों को जमीन और घर दिए जाएं। कई पीढ़ियां पहचान पत्र की मांग कर रही हैं, जिसे आज तक किसी सरकार ने गंभीरता से नहीं लिया। सरकार अभी तक पुनर्वास नहीं कर पाई है, इसलिए पीओजेके के विस्थापितों को विधानसभा व लोकसभा में पर्याप्त आरक्षण दिया जाए। जब यहां के प्रतिनिधि विधानसभा में होंगे तो वे विस्थापितों की आवाज बुलंद करेंगे। उन्होंने कहा कि विधानसभा में आज भी गुलाम कश्मीर की सीटें खाली रखी जाती हैं। इन्हें विस्थापितों के अनुपात में भरा जा सकता है। प्रदर्शनकारियों ने कॉलेजों में बच्चों के लिए आरक्षण तय करने की मांग की। साथ ही मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
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