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दिन भर पांच घंटे मिली बिजली; 20 मिनट पानी, गांवों में हैंडपंप सूखे, मची हाहाकार
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दिन भर पांच घंटे मिली बिजली; 20 मिनट
पानी, गांवों में हैंडपंप सूखे, मची हाहाकार
- बठिंडी और नरवाल में जले छह ट्रांसफार्मर, बत्ती गुल होने से लोग बेहाल
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। प्रचंड गर्मी और लगातार चढ़ते पारे में बिजली-पानी का ढांचा हांफ गया है। वीरवार को भी सुबह से बत्ती गुल होने के कारण लोगों को गर्मी में बेहाल होना पड़ा। दिन भर पांच घंटे ही बड़ी मुश्किल से आपूर्ति की गई है। बार-बार बिजली कट लगने से पानी की सप्लाई भी ठप रही। पुराने शहर के अलावा अन्य इलाकों में 20 मिनट ही नलों में पानी आया। इससे लोगों के घरों में रोजमर्रा के काम भी प्रभावित हुए। गर्मी के प्रकोप से ग्रामीण क्षेत्रों में हैंडपंप भी सूख गए हैं। कई इलाकों में भू-जलस्तर काफी नीचे चला गया है। इससे लोग पानी के लिए दरबदर हो रहे हैं।
वीरवार को शहर में बिजली लोड 1400 मेगा वोल्ट एमपियर (एमवीए) रहा, जबकि मौजूदा ढांचा 1100 एमवीए ही लोड उठा पाता है। 300 एमवीए अधिक लोड होने से दिनभर शहर में बिजली कटौती जारी रही। ग्रामीण क्षेत्रों में भी सप्लाई बुरी तरह प्रभावित रही। हर आंधे घंटे बाद कट लगता रहा।
शहर के बठिंडी और नरवाल क्षेत्र में छह ट्रांसफार्मर जल गए। इनको बदलने के लिए दिनभर लोग बिजली कार्यालय पहुंचकर विरोध जताते रहे। उधर, पानी न मिलने से भी दिनभर लोगों में हाहाकार मची रही। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के घरों में लगे हैंडपंप और मोटरें भी काम नहीं कर रहीं। आरएस पुरा, बिश्नाह, अरनिया, मढ़ आदि क्षेत्रों में सबसे ज्यादा परेशानी है।
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पानी, गांवों में हैंडपंप सूखे, मची हाहाकार
- बठिंडी और नरवाल में जले छह ट्रांसफार्मर, बत्ती गुल होने से लोग बेहाल
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। प्रचंड गर्मी और लगातार चढ़ते पारे में बिजली-पानी का ढांचा हांफ गया है। वीरवार को भी सुबह से बत्ती गुल होने के कारण लोगों को गर्मी में बेहाल होना पड़ा। दिन भर पांच घंटे ही बड़ी मुश्किल से आपूर्ति की गई है। बार-बार बिजली कट लगने से पानी की सप्लाई भी ठप रही। पुराने शहर के अलावा अन्य इलाकों में 20 मिनट ही नलों में पानी आया। इससे लोगों के घरों में रोजमर्रा के काम भी प्रभावित हुए। गर्मी के प्रकोप से ग्रामीण क्षेत्रों में हैंडपंप भी सूख गए हैं। कई इलाकों में भू-जलस्तर काफी नीचे चला गया है। इससे लोग पानी के लिए दरबदर हो रहे हैं।
वीरवार को शहर में बिजली लोड 1400 मेगा वोल्ट एमपियर (एमवीए) रहा, जबकि मौजूदा ढांचा 1100 एमवीए ही लोड उठा पाता है। 300 एमवीए अधिक लोड होने से दिनभर शहर में बिजली कटौती जारी रही। ग्रामीण क्षेत्रों में भी सप्लाई बुरी तरह प्रभावित रही। हर आंधे घंटे बाद कट लगता रहा।
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शहर के बठिंडी और नरवाल क्षेत्र में छह ट्रांसफार्मर जल गए। इनको बदलने के लिए दिनभर लोग बिजली कार्यालय पहुंचकर विरोध जताते रहे। उधर, पानी न मिलने से भी दिनभर लोगों में हाहाकार मची रही। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के घरों में लगे हैंडपंप और मोटरें भी काम नहीं कर रहीं। आरएस पुरा, बिश्नाह, अरनिया, मढ़ आदि क्षेत्रों में सबसे ज्यादा परेशानी है।
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