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जम्मू शहर में दस हजार से ज्यादा मीटर पड़े बंद
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जम्मू। शहर में 10 हजार से ज्यादा घरों में मीटर बंद पड़े हैं। इससे बिजली की खपत तो हो रही है, लेकिन बिल शून्य ही आ रहा है। या फिर लोड के हिसाब से ही बिल जारी किया जा रहा है। अभी तक विभाग इन बंद मीटरों को बदलने पर काम शुरू नहीं कर पाया है। इसी तरह सात हजार से ज्यादा घरों में मीटर ही नहीं लग पाए हैं। यहां पर बिना बिल अदा किए रात को घर रोशन हो रहे हैं।
इसका खुलासा स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के लिए हुए सर्वे में हो चुका है। सर्वे में पाया गया था कि हजारों घरों में मीटर नहीं हैं। अब बिजली कारपोरेशन इन घरों में स्मार्ट मीटर योजना से मीटर लगाने जा रहा है। शहर में सर्वे का काम चल रहा है। सर्वे पूरा होने के बाद मीटर लगाने पर काम शुरू होगा। छह लाख के करीब आबादी वाले शहर में तीन साल बीत जाने के बाद भी मीटर न तो बदले जा रहे हैं और न ही लगाए जा रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी प्रवासी लोगों की कॉलोनी में आ रही है। यहां पर बिजली दी गई है, मगर मीटर नहीं लगे हैं। कितनी बिजली खपत हो रही, इसका कारपोरेशन के पास कोई हिसाब किताब नहीं है। कारपोरेशन की टीमें छापे भी मार चुकी है। बावजूद इसके उपभोक्ताओं पर सख्त कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है।
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बिजली विभाग को हर माह लग रहा करोड़ों का चूना
हर माह जम्मू संभाग में छह करोड़ रुपये की बिजली का कोई हिसाब किताब नहीं है। जम्मू जिले में एक करोड़ रुपये का लाइनलॉस है। इस कारण बिजली विभाग को हर माह करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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डिफाल्टर उपभोक्ताओं को चिह्नित किया जाएगा। स्मार्ट मीटर शहर में लगाए जा रहे हैं। इससे पूरे शहर को कवर किया जाना है। लाइनलोस को कम किया जा रहा है। मीटर लगाना सब के लिए जरूरी होगा।
- पीडी सिंह, एक्सईएन, बिजली कारपोरेशन
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इसका खुलासा स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के लिए हुए सर्वे में हो चुका है। सर्वे में पाया गया था कि हजारों घरों में मीटर नहीं हैं। अब बिजली कारपोरेशन इन घरों में स्मार्ट मीटर योजना से मीटर लगाने जा रहा है। शहर में सर्वे का काम चल रहा है। सर्वे पूरा होने के बाद मीटर लगाने पर काम शुरू होगा। छह लाख के करीब आबादी वाले शहर में तीन साल बीत जाने के बाद भी मीटर न तो बदले जा रहे हैं और न ही लगाए जा रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी प्रवासी लोगों की कॉलोनी में आ रही है। यहां पर बिजली दी गई है, मगर मीटर नहीं लगे हैं। कितनी बिजली खपत हो रही, इसका कारपोरेशन के पास कोई हिसाब किताब नहीं है। कारपोरेशन की टीमें छापे भी मार चुकी है। बावजूद इसके उपभोक्ताओं पर सख्त कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है।
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बिजली विभाग को हर माह लग रहा करोड़ों का चूना
हर माह जम्मू संभाग में छह करोड़ रुपये की बिजली का कोई हिसाब किताब नहीं है। जम्मू जिले में एक करोड़ रुपये का लाइनलॉस है। इस कारण बिजली विभाग को हर माह करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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डिफाल्टर उपभोक्ताओं को चिह्नित किया जाएगा। स्मार्ट मीटर शहर में लगाए जा रहे हैं। इससे पूरे शहर को कवर किया जाना है। लाइनलोस को कम किया जा रहा है। मीटर लगाना सब के लिए जरूरी होगा।
- पीडी सिंह, एक्सईएन, बिजली कारपोरेशन