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जुलाई बीता, अब अगस्त पर निगाहें, कोविड प्रोटोकाल के उल्लंघन से बिगड़ सकते हैं हालात
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जम्मू। कोविड के बीच जुलाई माह लगभग राहत भरा बीत चुका है, लेकिन आगामी माह खतरे के संकेत लेकर आ सकते हैं। कोविड विशेषज्ञों की मानें तो पहली और दूसरी लहर में भी संक्रमण न्यूनतम गिरावट के बाद अचानक पनपा था। तीसरी लहर में डेल्टा जैसे नए वैरिएंट सामुदायिक स्तर पर बड़ी हानी पहुंचा सकते हैं। संक्रमण के न्यूनतम पर जाने के बाद आगामी कुछ हफ्ते अहम माने जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कोविड उचित व्यवहार का पालन न करना और इसे नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। यह संक्रमण को सामुदायिक स्तर पर तेजी से फैलाने का काम करेगा।
देशभर में अगस्त और सितंबर में तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है। जीएमसी के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. संदीप डोगरा का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर कोविड प्रोटोकाल का उल्लंघन आगामी हफ्तों में सभी के लिए घातक हो सकता है। कोविड की पहली दो लहरों में देखा गया है कि न्यूनतम संक्रमण मामलों के बाद अनलॉक की परिस्थितियों में कुछ हफ्ते बाद ही संक्रमण में दोबारा तेजी आई और यह पीक पर गया। वर्तमान में भी ऐसे ही हालात बने हुए हैं। खासतौर पर पर्यटन और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर सैकड़ों लोगों की भीड़ से संक्रमण फैलने की अधिक आशंका है। इसमें कोविड की दोनों वैक्सीन लेने वाले लोग अधिक सुरक्षित होंगे। दुनिया के कई वेस्ट क्षेत्रों में पाया गया कि डेल्टा वैरिएंट ने दोनों कोविड वैक्सीन लेने वालों को कम नुकसान किया है और उन्हें गंभीर नहीं किया, जबकि बिना वैक्सीन वाले लोग अधिक चपेट में आए और उन्हें अधिक शारीरिक नुकसान झेलना पड़ा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जेपी सिंह ने कहा कि कोविड टीकाकरण के साथ कोविड उचित व्यवहार का गंभीरता से पालन करना जरूरी है। संक्रमण के प्रसार पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए सभी लोग अपनी जिम्मेदारी निभाएं। जुलाई, 2021 में अब तक जम्मू-कश्मीर में पांच हजार से अधिक लोग संक्रमित हुए हैं। हालांकि 52 मौतें हुई हैं। धार्मिक स्थलों पर भारीभीड़ के बीच कोविड निर्देशावली का पालन नहीं हो रहा है।
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दो साल से कोविड को झेल रहा जम्मू-कश्मीर
मार्च, 2020 में जम्मू-कश्मीर में पहली लहर ने दस्तक दी थी। इसके बाद 12 महीने तक इसका प्रकोप रहा और फरवरी, 2021 में संक्रमण का प्रसार थमा। लेकिन मार्च के मध्य के बाद दोबारा संक्रमण का प्रसार हुआ और दूसरे लहर में बड़ी संख्या में मरीजों की मौतों और हजारों दैनिक संक्रमित मामले आने पर स्वास्थ्य ढांचा चरमरा गया था।
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- पहली लहर में मौतें (मार्च 2020 से 1 फरवरी 2021 (एक साल तक)
1936 मौत, जम्मू संभाग में 721 और कश्मीर संभाग में 1215, संक्रमित मामले-124550
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- दूसरी लहर में मौतें (1 फरवरी 2021 से 27 जुलाई तक)
2439 की मौत, 196316 संक्रमित
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प्रदेश में 107 संक्रमित, चार जिलों में कोई मामला नहीं
बीते चौबीस घंटे में कोई मौत नहीं
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में कोविड संक्रमित मामलों में गिरावट जारी है। प्रदेश के जिला सांबा, कठुआ, रियासी और कुलगाम में कोई नया संक्रमित मामला नहीं मिला है। बारामुला, बड़गाम, पुलवामा, कुपवाड़ा, अनंतनाग, बांदीपोरा, गांदरबल, शोपियां, उधमपुर, राजोरी, डोडा, किश्तवाड़, पुंछ, रामबन प्रत्येक में 10 से कम संक्रमित मामले मिले हैं। बीते 24 घंटे में जिला जम्मू में 15 और श्रीनगर में 31 कोविड संक्रमित मामले सामने आए हैं। प्रदेश में कुल 107 संक्रमित मामले मिले, लेकिन पिछले चौबीस घंटे में कोई मौत नहीं हुई है।
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देशभर में अगस्त और सितंबर में तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है। जीएमसी के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. संदीप डोगरा का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर कोविड प्रोटोकाल का उल्लंघन आगामी हफ्तों में सभी के लिए घातक हो सकता है। कोविड की पहली दो लहरों में देखा गया है कि न्यूनतम संक्रमण मामलों के बाद अनलॉक की परिस्थितियों में कुछ हफ्ते बाद ही संक्रमण में दोबारा तेजी आई और यह पीक पर गया। वर्तमान में भी ऐसे ही हालात बने हुए हैं। खासतौर पर पर्यटन और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर सैकड़ों लोगों की भीड़ से संक्रमण फैलने की अधिक आशंका है। इसमें कोविड की दोनों वैक्सीन लेने वाले लोग अधिक सुरक्षित होंगे। दुनिया के कई वेस्ट क्षेत्रों में पाया गया कि डेल्टा वैरिएंट ने दोनों कोविड वैक्सीन लेने वालों को कम नुकसान किया है और उन्हें गंभीर नहीं किया, जबकि बिना वैक्सीन वाले लोग अधिक चपेट में आए और उन्हें अधिक शारीरिक नुकसान झेलना पड़ा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जेपी सिंह ने कहा कि कोविड टीकाकरण के साथ कोविड उचित व्यवहार का गंभीरता से पालन करना जरूरी है। संक्रमण के प्रसार पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए सभी लोग अपनी जिम्मेदारी निभाएं। जुलाई, 2021 में अब तक जम्मू-कश्मीर में पांच हजार से अधिक लोग संक्रमित हुए हैं। हालांकि 52 मौतें हुई हैं। धार्मिक स्थलों पर भारीभीड़ के बीच कोविड निर्देशावली का पालन नहीं हो रहा है।
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दो साल से कोविड को झेल रहा जम्मू-कश्मीर
मार्च, 2020 में जम्मू-कश्मीर में पहली लहर ने दस्तक दी थी। इसके बाद 12 महीने तक इसका प्रकोप रहा और फरवरी, 2021 में संक्रमण का प्रसार थमा। लेकिन मार्च के मध्य के बाद दोबारा संक्रमण का प्रसार हुआ और दूसरे लहर में बड़ी संख्या में मरीजों की मौतों और हजारों दैनिक संक्रमित मामले आने पर स्वास्थ्य ढांचा चरमरा गया था।
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- पहली लहर में मौतें (मार्च 2020 से 1 फरवरी 2021 (एक साल तक)
1936 मौत, जम्मू संभाग में 721 और कश्मीर संभाग में 1215, संक्रमित मामले-124550
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- दूसरी लहर में मौतें (1 फरवरी 2021 से 27 जुलाई तक)
2439 की मौत, 196316 संक्रमित
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प्रदेश में 107 संक्रमित, चार जिलों में कोई मामला नहीं
बीते चौबीस घंटे में कोई मौत नहीं
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में कोविड संक्रमित मामलों में गिरावट जारी है। प्रदेश के जिला सांबा, कठुआ, रियासी और कुलगाम में कोई नया संक्रमित मामला नहीं मिला है। बारामुला, बड़गाम, पुलवामा, कुपवाड़ा, अनंतनाग, बांदीपोरा, गांदरबल, शोपियां, उधमपुर, राजोरी, डोडा, किश्तवाड़, पुंछ, रामबन प्रत्येक में 10 से कम संक्रमित मामले मिले हैं। बीते 24 घंटे में जिला जम्मू में 15 और श्रीनगर में 31 कोविड संक्रमित मामले सामने आए हैं। प्रदेश में कुल 107 संक्रमित मामले मिले, लेकिन पिछले चौबीस घंटे में कोई मौत नहीं हुई है।