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शहर पर आतंकी साया, पुलिस की तीसरी आंख बंद
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जम्मू। मंदिरों के शहर में लगातार आतंकी खतरा मंडरा रहा है। कहीं आतंकी पकड़े जा रहे हैं तो कहीं पर बिस्फोटक सामग्री। बस स्टैंड पर दो बार ग्रेनेड हमला हो चुका है। बावजूद इसके पुलिस प्रशासन सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं दिख रहा। पुलिस की ओर से सभी महत्वपूर्ण लोकेशन पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरे बंद पड़े हैं, जिनको ठीक करने की आज तक जहमत नहीं उठाई गई।
2008-2009 के दौरान जम्मू शहर में 41 लोकेशन पर पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे लगाए थे। ये सीसीटीवी 360 डिग्री की तरह चारों ओर घूमते थे और हर गतिविधि पर नजर रखते थे। लेकिन चार साल पहले कैमरे खराब होना शुरू हो गए। मौजूदा समय में सभी 41 लोकेशन पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरे खराब पड़े हैं। इनके चलने की अवधि छह से साल साल तक ही होती है, लेकिन अब इनको लगे 12 साल बीत चुके हैं। समय-समय पर इनकी देखरेख भी नहीं की गई।
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इन प्रमुख चौकों पर लगे हैं कैमरे
सतवारी चौक, डोगरा चौक, ज्यूल चौक, विक्रम चौक, विवेकानंद चौक, इंदिरा चौक, रघुनाथ मंदिर आदि सार्वजनिक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगे थे, लेकिन इस समय कहीं पर भी ये कैमरे नहीं चल रहे।
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चोरी, झपटमारी और लूट
की वारदातें भी बढ़ रहीं
आतंकी गतिविधियों के अलावा वाहनों की चोरियां, महिलाओं से झपटमारी, व्यापारियों और अन्य लोगों से लूट की वारदातें लगातार बढ़ रही हैं। शहर के बाद अब ग्रामीण इलाकों में भी ये वारदातें बढ़ती जा रही है। लेकिन इनको अंजाम देने वालों पर नजर रखने के लिए पुलिस की तीसरी आंख बंद होना सुरक्षा में एक बड़ी चूक है। आलम यह है कि किसी भी वारदात की फुटेज लेने के लिए पुलिस को लोगों के घरों, दुकानों या फिर अन्य जगहों पर जाकर निजी स्तर पर लगे सीसीटीवी कैमरे जांच करने पड़ते हैं।
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पुलिस के अफसर खुद परेशान
शहर में इस समय नबाबाद, सतवारी, गांधी नगर, जानीपुर, छन्नी, त्रिकुटा नगर, बाग-ए बाहु, पक्का डंगा, सिटी बस स्टैंड, पीर मिट्ठा थाने हैं। इन थाना क्षेत्रों में जब भी कोई वारदात होती है तो पुलिस को दुकानों, लोगों के घरों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों आदि में जाकर सीसीटीवी फुटेज लेनी पड़ती है। इससे थाना प्रभारियों और पुलिस चौकी अफसरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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लगातार बढ़ रही आतंकी गतिविधियां
2017 से लेकर अब तक बस स्टैंड पर दो बार ग्रेनेड हमला, विवेकानंद चौक पर ग्रेनेड हमला, सुजवां सैन्य कैंप पर आतंकी हमला, कुंजवानी, बठिंडी, गंग्याल, एयरपोर्ट आदि पर आतंकी पकड़े जा चुके हैं। बस स्टैंड पर आईईडी बरामद हुई है। नबाबाद क्षेत्र के अधीन पुलिस कर्मी की आंखों में मिर्ची डालकर उसकी बंदूक आतंकियों द्वारा छीन लेने की वारदात हो चुकी है।
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30 फीसदी बढ़ गया आकार
शहर में पिछले दस सालों के दौरान जनसंख्या और रिहायशी इलाका काफी बढ़ गया है। दस साल पहले यहां शहर में 70 वार्ड थे, जो अब बढ़कर 75 हो गए हैं। फिर भी क्षेत्र बढ़ रहा है, लेकिन पुलिस के सीसीटीवी लगाकर शहर को कवर करने का दायरा नहीं बढ़ा। यहां तक कि जो कवर क्षेत्र था, वाह भी अनकवर हो चुका है।
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फिलहाल कोई योजना नहीं
41 लोकेशन पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। इनके काम करने की अवधि समाप्त हो चुकी है। फिलहाल इनको ठीक करने की कोई योजना नहीं है। एक बड़े स्तर का प्लान बनाया जा रहा है। जिसके तहत नए सीसीटीवी कैमरे लगेंगे। अभी सीसीटीवी कैमरे लगाने की कोई योजना नहीं है।
कुलवीर सिंह, एसएसपी, पीसीआर, जम्मू
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2008-2009 के दौरान जम्मू शहर में 41 लोकेशन पर पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे लगाए थे। ये सीसीटीवी 360 डिग्री की तरह चारों ओर घूमते थे और हर गतिविधि पर नजर रखते थे। लेकिन चार साल पहले कैमरे खराब होना शुरू हो गए। मौजूदा समय में सभी 41 लोकेशन पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरे खराब पड़े हैं। इनके चलने की अवधि छह से साल साल तक ही होती है, लेकिन अब इनको लगे 12 साल बीत चुके हैं। समय-समय पर इनकी देखरेख भी नहीं की गई।
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इन प्रमुख चौकों पर लगे हैं कैमरे
सतवारी चौक, डोगरा चौक, ज्यूल चौक, विक्रम चौक, विवेकानंद चौक, इंदिरा चौक, रघुनाथ मंदिर आदि सार्वजनिक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगे थे, लेकिन इस समय कहीं पर भी ये कैमरे नहीं चल रहे।
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चोरी, झपटमारी और लूट
की वारदातें भी बढ़ रहीं
आतंकी गतिविधियों के अलावा वाहनों की चोरियां, महिलाओं से झपटमारी, व्यापारियों और अन्य लोगों से लूट की वारदातें लगातार बढ़ रही हैं। शहर के बाद अब ग्रामीण इलाकों में भी ये वारदातें बढ़ती जा रही है। लेकिन इनको अंजाम देने वालों पर नजर रखने के लिए पुलिस की तीसरी आंख बंद होना सुरक्षा में एक बड़ी चूक है। आलम यह है कि किसी भी वारदात की फुटेज लेने के लिए पुलिस को लोगों के घरों, दुकानों या फिर अन्य जगहों पर जाकर निजी स्तर पर लगे सीसीटीवी कैमरे जांच करने पड़ते हैं।
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पुलिस के अफसर खुद परेशान
शहर में इस समय नबाबाद, सतवारी, गांधी नगर, जानीपुर, छन्नी, त्रिकुटा नगर, बाग-ए बाहु, पक्का डंगा, सिटी बस स्टैंड, पीर मिट्ठा थाने हैं। इन थाना क्षेत्रों में जब भी कोई वारदात होती है तो पुलिस को दुकानों, लोगों के घरों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों आदि में जाकर सीसीटीवी फुटेज लेनी पड़ती है। इससे थाना प्रभारियों और पुलिस चौकी अफसरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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लगातार बढ़ रही आतंकी गतिविधियां
2017 से लेकर अब तक बस स्टैंड पर दो बार ग्रेनेड हमला, विवेकानंद चौक पर ग्रेनेड हमला, सुजवां सैन्य कैंप पर आतंकी हमला, कुंजवानी, बठिंडी, गंग्याल, एयरपोर्ट आदि पर आतंकी पकड़े जा चुके हैं। बस स्टैंड पर आईईडी बरामद हुई है। नबाबाद क्षेत्र के अधीन पुलिस कर्मी की आंखों में मिर्ची डालकर उसकी बंदूक आतंकियों द्वारा छीन लेने की वारदात हो चुकी है।
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30 फीसदी बढ़ गया आकार
शहर में पिछले दस सालों के दौरान जनसंख्या और रिहायशी इलाका काफी बढ़ गया है। दस साल पहले यहां शहर में 70 वार्ड थे, जो अब बढ़कर 75 हो गए हैं। फिर भी क्षेत्र बढ़ रहा है, लेकिन पुलिस के सीसीटीवी लगाकर शहर को कवर करने का दायरा नहीं बढ़ा। यहां तक कि जो कवर क्षेत्र था, वाह भी अनकवर हो चुका है।
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फिलहाल कोई योजना नहीं
41 लोकेशन पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। इनके काम करने की अवधि समाप्त हो चुकी है। फिलहाल इनको ठीक करने की कोई योजना नहीं है। एक बड़े स्तर का प्लान बनाया जा रहा है। जिसके तहत नए सीसीटीवी कैमरे लगेंगे। अभी सीसीटीवी कैमरे लगाने की कोई योजना नहीं है।
कुलवीर सिंह, एसएसपी, पीसीआर, जम्मू