परिवार वालों से बात कर सकेंगे जेलों में बंद कैदी
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रियासत की जेलों में बंद कैदी अपने घर पर बात कर सकेंगे। तिहाड़ जेल की तर्ज पर जेल विभाग प्रीजनर कॉल सिस्टम लागू करेगा। हालांकि इसके लिए अभी थोड़ा वक्त लगेगा।
मौजूदा समय में कैदियों से बात करने के लिए रिश्तेदारों या परिवार वालों को जेलों तक पहुंचना पड़ता है। कई कैदी तो वर्षों तक नहीं मिल पाते। ऐसे में यह कॉलिंग सिस्टम लागू होने से कैदियों को राहत मिलेगी। जेल विभाग की कोशिश है कि कैदियों में बात न होने के तनाव को कम किया जाए।
जेल विभाग के महानिदेशक एसके मिश्रा ने बताया कि जेलों में कॉलिंग सिस्टम शुरू करने की योजना है, लेकिन अभी इसके लिए थोड़ा वक्त लगेगा। इसके लिए ढांचा विकसित किया जाना है, जिसमें फंड की भी आवश्यकता रहेगी।
गलत बात करने पर आटोमैटिक कट जाएगा फोन
एक सेंटर होगा, इसमें कैदी जाकर अपने परिवार वालों से बात कर सकेगा। तकनीकी रूप से यह हाईटेक होगा। यदि कैदी किसी के साथ कोई गलत बात करेगा तो फोन आटोमैटिक कट जाएगा। रियासत की 14 जेलों में इस समय 2500 कैदी हैं। सभी जेलों में कैदियों को यह सुविधा मिलेगी।
सभी जेलों की होगी फेंसिंग
जेल विभाग ने जेलों को सुरक्षित बनाने के लिए सभी की फेसिंग कराने का निर्णय लिया है। जेलों के चारों ओर कंटीले तार लगाकर सुरक्षा दायरा मजबूत किया जाएगा, ताकि कोई भी जेलों में घुस न सके। उल्लेखनीय है कि आतंकियों ने पुंछ जेल पर हमला करने की चेतावनी दी थी।
कैदियों को कोर्ट के नजदीक रखने की कोशिश
डीजी एसके मिश्रा का कहना है कि हमारी कोशिश है कि अंडर ट्रायल कैदियों को कोर्ट के नजदीक रखा जा सके, ताकि उन्हें पेशी के लिए दूर आने-जाने से बचा जा सके। इससे जेल विभाग का खर्चा और वक्त दोनों बचेगा। इस कड़ी में कोट भलवाल जेल से कुछ कैदियों को अंबफला जेल में शिफ्ट करने पर विचार भी किया जा रहा है।