कश्मीर: घाटी में हाइब्रिड आतंकियों की मौजूदगी सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चिंता और चुनौती
एक अधिकारी ने हाल ही में श्रीनगर के बाहरी क्षेत्र नौगाम में सीआईडी के इंस्पेक्टर परवेज डार की घटना का उदाहरण देते हुए बताया कि कोई भी लक्ष्य बेतरतीब नहीं हो सकता। इसमें पूरी तरह से लक्ष्य की गतिविधियों पर नजर रखी जाती है और जहां कहीं कोई कमजोरी दिखती गई उसी जगह उसे निशाना बनाया जाता है।
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श्रीनगर समेत कश्मीर के कई जिलों में हाइब्रिड आतंकियों द्वारा अंजाम दी जाने वाली आतंकी गतिविधियों के चलते सुरक्षा एजेंसियों को अपनी रणनीति तैयार करने के लिए सोच विचार करने पर मजबूर कर दिया है। हाइब्रिड आतंकियों की मौजूदगी घाटी में आतंकवाद के खिलाफ लड़ने वाली सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय और एक बड़ी चुनौती भी है।
अभी तक आतंकी संगठनों के साथ सहयोग देने का कार्य ओजीडब्ल्यू नेटवर्क करता आ रहा था लेकिन अब उनका साथ हाइब्रिड आतंकी भी देने लगे हैं। दरअसल हाइब्रिड आतंकी एक ऐसा नेटवर्क है जिन्हे रेडिकलाइज कर किसी भी आतंकी घटना को अंजाम देने के लिए तैयार रखा जाता है। वह टास्क को अंजाम देते हैं और अगले टास्क के लिए उन्हें आतंकी आकाओं के आदेश का इंतजार रहता है। वह चुनौती इसलिए हैं क्योंकि अधिकतर तो पुलिस सूची में शामिल भी नहीं हैं। पिछले कुछ हफ्तों से श्रीनगर जिले में कई ऐसे हमलों को ऐसे आतंकियों द्वारा अंजाम दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार श्रीनगर जिले में 6 आतंकी सक्रिय हैं और करीब 12 ओजीडब्ल्यू हैं जिनका पूरा लेखाजोखा पुलिस के पास है। लेकिन सूत्रों का यह भी कहना है कि करीब 30 से अधिक ऐसे समर्थक भी हैं जो आतंकियों को ऐसी गतिविधियों को अंजाम देने में मदद के लिए तैयार हैं। एक अधिकारी ने बताया कि आतंकी संगठनों ने एक नया ट्रेंड शुरू कर दिया है। हताश आतंकी नेक्सस अपनी मोडस ऑपरेंडी में बदलाव ला रहे है। आतंकी खेमों में मायूसी दिख रही है और इसलिए अब सॉफ्ट टारगेट्स को निशाना बनाने के लिए पिस्टल आधारित टारगेटिंग को प्राथमिकता दी जा रही है।
इसमें व्यवसायी, अल्पसंख्यक व्यवसायी सहित कार्यकर्ता, बिना सुरक्षा वाले राजनीतिक नेता और ऑफ ड्यूटी पुलिसकर्मी शामिल हैं। ऐसा कर आतंकी भय फैलाना चाहते हैं, ताकि आतंकवादियों और उनके ईको सिस्टम को निशाना बनाने वाली व्यावसायिक और सामाजिक गतिविधियों को रोका जा सके। अधिकारी ने हाल ही में श्रीनगर के बाहरी क्षेत्र नौगाम में सीआईडी के इंस्पेक्टर परवेज डार की घटना का उदाहरण देते हुए बताया कि कोई भी लक्ष्य बेतरतीब नहीं हो सकता। इसमें पूरी तरह से लक्ष्य की गतिविधियों पर नजर रखी जाती है और जहां कहीं कोई कमजोरी दिखती गई उसी जगह उसे निशाना बनाया जाता है।
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श्रीनगर में पिछले कुछ दिनों में अंजाम दी गई ऐसी घटनाएं
25 जून : श्रीनगर में डाउनटाउन इलाके हब्बाकदल में आतंकियों ने एक 25 साल के दुकानदार उमर अहमद पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं और उसे मौत के घाट उतार दिया। दो शख्स उसकी दुकान के बाहर आए और उसपर पिस्तौल फायर किए।
22 जून : श्रीनगर के बाहरी क्षेत्र कनिपोरा नौगाम में आतंकियों ने जम्मू-कश्मीर पुलिस के सीआईडी विंग के एक इंस्पेक्टर परवेज अहमद डार पर गोलियां चलाईं। इस हमले में इंस्पेक्टर शहीद हो गया। इस हमले की सीसीटीवी फुटेज में यह साफ दिखा कि दो शख्स पीछे से आये और उसपर पिस्तौल से फायर किया।
17 जून : श्रीनगर के पुराने शहर के ईदगाह के सैदपोरा इलाके में आतंकियों ने पुलिस के एक जवान को नजदीक से गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। जवान घर लौट रहा था। बाइक पर दो आतंकी जवान के करीब पहुंचे और उसे जमीन पर गिराया और नजदीक से पिस्तौल से फायर किया।