जम्मू कश्मीर में पंचायत चुनाव की सरगर्मी तेज, शुरू हुई तैयारियां
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जम्मू कश्मीर सरकार की तरफ से अप्रैल 2017 में पंचायती चुनाव के संकेत दिए जाने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में सरगर्मी तेज होने लगी है। जम्मू कश्मीर पंचायत कांफ्रेंस ने गांव-गांव जागरूकता अभियान का आगाज भी कर दिया है। संगठन चुनाव से पूर्व रियासत में 73वां संशोधन लागू करने की मांग पर जोर दे रहा है।
पंचायत कांफ्रेंस के प्रधान अनिल शर्मा का कहना है कि रामबन जिले से जागरूकता अभियान शुरू किया गया है। इसे पूरी रियासत में चलाया जाएगा। 73वें संशोधन के लागू होने के बाद पंचायतों को मिलने वाले अधिकारों व इसके लाभ बारे लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
जम्मू, कश्मीर व लद्दाख खित्ते हर क्षेत्र में जागरूकता अभियान चलाकर रियासत में 73वां और 74वां संशोधन लागू करने की मांग की जा रही है।
73 वां संशोधन लागू करने पर जोर
शर्मा का कहना है कि रियासत में अगर 73वां संशोधन पूरी तरह से लागू होता हैं तो ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र लेने, 29 सरकारी विभागों के कामकाज पर सीधी पंचायतों की नजर होगी। रहबर-ए-तालीम और रहबर-ए-जेरात के अलावा चतुर्थ श्रेणी के पदों पर रोजगार देने का अधिकार भी पंचायतों के पास होगा।
पंचायती राज संस्थानों के मजबूत होने से आतंकवाद और बेरोजगारी पर रोक लग सकती है। उनका कहना है कि यदि 73वां संशोधन सरकार ने पूरी तरह से लागू नहीं किया तो भी लोगों से अधिक से अधिक संख्या में मतदान में हिस्सा लेने की अपील की जा रही है ताकि जीतकर आने वाले पंचायती नुमाइंदे 73वें संशोधन को रियासत में पूरी तरह से लागू करवाएं।