अब खूबसूरत वादियों में रोमांचक होगी यात्रा, विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे पुल से बेस जंपिंग की तैयारी
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रोमांचक पर्यटन को बढ़ावा देने की कवायद के तहत पर्यटन विभाग राज्य में पहली बार व्यावसायिक स्तर पर बेस जंपिंग के ट्रायल करवाने जा रहा है। पर्यटन निदेशालय जम्मू ने इसके लिए रियासी जिले में विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे पुल बक्कल समेत तीन जिलों में साइट का चयन कर संबंधित क्षेत्रों के जिला उपायुक्तों को लिखा है।
पर्यटन विभाग ने बेस जंपिंग के ट्रायल के लिए अटल सेतु (बसोहली), चिनाब दरिया पर बने गणपत पुल (डोडा) और रियासी जिले के बक्कल में तैयार हो रहे विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे पुल को चिह्नित किया है। उपायुक्तों से अनुमति मिलने और इंतजामों के साथ तिथियां निधार्रित करने के बाद एक्सपर्ट प्रोफेशनल ट्रायल को अंजाम देंगे।
बेस जंपिंग के लिए चिह्नित रंजीत सागर झील पर बने अटल सेतु के स्तंभ की ऊंचाई 348 फीट (106 मीटर) है। वहीं, डोडा स्थित गणपत पुल की ऊंचाई 278 फीट (86 मीटर) और बक्कल पुल की ऊंचाई 1178 फीट (359 मीटर) है।
दुनिया के सबसे जोखिम भरे एडवेंचर स्पोर्ट्स की फेहरिस्त में पहले पायदान पर बेस जंपिंग
बेस जंपिंग दुनिया के सबसे जोखिम भरे एडवेंचर स्पोर्ट्स की फेहरिस्त में पहले पायदान पर है। वेस्ट वर्जीनिया में सबसे बड़े एक दिवसीय ब्रिज डे फेस्टिवल का हर साल अक्तूबर के तीसरे शनिवार को इसका आयोजन होता है। फेस्टिवल के न्यू रिवर गार्ज ब्रिज पर हजारों लोग खाई में एडवेंचर के लिए कूदने वाले डेयर डेविल्स को देखने पहुंचते हैं। इस दिन पुल को वाहनों की आवाजाही के लिए बंद रखा जाता है। यहां से कूदने वाले पर्यटक इसके लिए 80 डॉलर की फीस भी चुकाते हैं।
अटल सेतु, गणपत पुल और बक्कल पुल पर बेस जंपिग की संभावनाओं को तलाशने के लिए विभाग ने यह कवायद शुरू की है। संबंधित जिला उपायुक्तों से अनुमति मिलने पर ट्रायल होगा।
- दीपिका शर्मा, पर्यटन निदेशक, जम्मू