Jammu Kashmir: सिंधु जल समझौते के बाद रफ्तार में पावर प्रोजेक्ट्स, खट्टर बोले- अब नहीं होगी देरी
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि किश्तवाड़ समेत जम्मू-कश्मीर के सभी प्रमुख हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स की अड़चनें दूर कर ली गई हैं और अब ये तय समय पर पूरे होकर बिजली उत्पादन शुरू करेंगे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सोमवार को कहा कि किश्तवाड़ समेत जम्मू-कश्मीर के सभी पावर प्रोजेक्ट समय पर पूरे कर लिए जाएंगे। ये प्रोजेक्ट कई वर्षों से बन रहे हैं। पहले इनमें दिक्कतें आई थीं लेकिन अब उन सभी को दूर कर दिया गया है। एक-एक करके सभी चारों प्रोजेक्ट पूरे होंगे और तय समय पर बिजली उत्पादन शुरू हो जाएगा।
सिंधु जल संधि से जुड़े हाल के घटनाक्रमों के बाद केंद्रीय ऊर्जा मंत्री का क्षेत्र में पहला दाैरा था। इस दाैरान उन्होंने रतले हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट, सलाल हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट (स्टेज I और II) और सवालकोट हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया और कार्य प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी चार प्रमुख प्रोजेक्ट्स पर काम ने गति पकड़ ली है और अब वे पूरी तरह से पटरी पर आ गए हैं।
सावलकोट प्रोजेक्ट पर केंद्रीय मंत्री कहा कि एनएचपीसी की यह परियोजना 800 मेगावाट बिजली पैदा करेगी। इससे देश की बिजली उत्पादन क्षमता में योगदान मिलेगा। उन्होंने सलाल पावर प्रोजेक्ट का भी दौरा किया। पाकल दुल और क्वाड परियोजनाओं के निरीक्षण के दौरान केंद्रीय मंत्री ने परियोजना स्थलों पर कार्यरत मजदूरों और स्थानीय लोगों से बातचीत कर समस्याएं सुनीं।
पाकिस्तान की आपत्तियां सिर्फ बयानबाजी : जम्मू-कश्मीर में भारत के जल बिजली परियोजनाओं पर पाकिस्तान की बार-बार की आपत्तियों पर खट्टर ने इन्हें सिर्फ बयानबाजी कहकर खारिज कर दिया उन्होंने कहा कि ऐसे बयानों का अब कोई मतलब नहीं रह गया है खासकर तब जब भारत ने लगातार सीमा पार आतंकवाद के संदर्भ में सिंधु जल संधि की समीक्षा पर कड़ा रुख अपनाया है।
230 स्थानीय कर्मचारियों को हटाए जाने का मुद्दा उठा
किश्तवाड़ में केंद्रीय मंत्री ने उच्चस्तरीय बैठक भी की। इसमें नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा, किश्तवाड़ की भाजपा विधायक शगुन परिहार, हाजी तारिक हुसैन कीन, जिला अध्यक्ष रवि परिहार भी उपस्थित रहे। शगुन ने लगभग 230 स्थानीय कर्मचारियों को हटाए जाने का मुद्दा उठाया और तत्काल बहाली की मांग की। उन्होंने जिले में सभी बिजली परियोजनाओं में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने की भी मांग की।