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Jammu News: नियमितीकरण पर जल्द फैसला नहीं तो तेज होगा संघर्ष
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। बिजली निगम के अस्थायी कर्मचारियों ने सोमवार से 72 घंटे की हड़ताल एमडी कार्यालय पनामा चौक के बाहर शुरू कर दी। दोपहर 12 बजे कर्मचारियों ने नारेबाजी की और जल्द नियमितीकरण प्रक्रिया पूरी करने के लिए कहा।
यूनियन के अध्यक्ष अखिलेश शर्मा ने कहा कि दो साल से प्रक्रिया चल रही है, पर कुछ नहीं हो पाया। हजारों कर्मचारी नियमित होने की आस में हैं। कर्मचारियों को ठेके पर रखने के विरोध में सड़क पर बैठना पड़ रहा है। एसआरओ 109 के तहत कर्मचारियों को कंपनी के माध्यम से नहीं रखा जा सकता।
मौजूदा समय में मानदेय भी कम मिल रहा है जिससे घर का खर्च मुश्किल हो रहा है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने ट्वीट कर पद भरने को कहा था। इसके बावजूद किसी भी स्तर पर कदम नहीं उठाए गए। इससे पहले भी प्रदर्शन कर चुके हैं। उस दौरान जल्द पदों को भरने का आश्वासन मिला था। अगर सरकार मांगों को अनसुना करती है तो संघर्ष को तेज किया जाएगा। हड़ताल में जम्मू संभाग के अलग-अलग जिलों से करीब 3 हजार कर्मचारी पहुंचे। यहां शेर सिंह, आशीष वर्मा, मोती लाल, श्याम लाल मौजूद रहे।
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सरकारी कर्मियों के हवाले रहा काम
हड़ताल के कारण बिजली के जरूरी रखरखाव का काम दो हजार स्थायी कर्मचारियों के हवाले रहा। पहले जहां तीन कर्मचारी काम कर रहे थे, अब एक पर जिम्मेदारी बढ़ गई है। अगर हड़ताल जारी रही है तो काम प्रभावित होने से इंकार नहीं किया जा सकता।
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जम्मू। बिजली निगम के अस्थायी कर्मचारियों ने सोमवार से 72 घंटे की हड़ताल एमडी कार्यालय पनामा चौक के बाहर शुरू कर दी। दोपहर 12 बजे कर्मचारियों ने नारेबाजी की और जल्द नियमितीकरण प्रक्रिया पूरी करने के लिए कहा।
यूनियन के अध्यक्ष अखिलेश शर्मा ने कहा कि दो साल से प्रक्रिया चल रही है, पर कुछ नहीं हो पाया। हजारों कर्मचारी नियमित होने की आस में हैं। कर्मचारियों को ठेके पर रखने के विरोध में सड़क पर बैठना पड़ रहा है। एसआरओ 109 के तहत कर्मचारियों को कंपनी के माध्यम से नहीं रखा जा सकता।
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मौजूदा समय में मानदेय भी कम मिल रहा है जिससे घर का खर्च मुश्किल हो रहा है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने ट्वीट कर पद भरने को कहा था। इसके बावजूद किसी भी स्तर पर कदम नहीं उठाए गए। इससे पहले भी प्रदर्शन कर चुके हैं। उस दौरान जल्द पदों को भरने का आश्वासन मिला था। अगर सरकार मांगों को अनसुना करती है तो संघर्ष को तेज किया जाएगा। हड़ताल में जम्मू संभाग के अलग-अलग जिलों से करीब 3 हजार कर्मचारी पहुंचे। यहां शेर सिंह, आशीष वर्मा, मोती लाल, श्याम लाल मौजूद रहे।
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सरकारी कर्मियों के हवाले रहा काम
हड़ताल के कारण बिजली के जरूरी रखरखाव का काम दो हजार स्थायी कर्मचारियों के हवाले रहा। पहले जहां तीन कर्मचारी काम कर रहे थे, अब एक पर जिम्मेदारी बढ़ गई है। अगर हड़ताल जारी रही है तो काम प्रभावित होने से इंकार नहीं किया जा सकता।