Poonch Terror Attack: हाइब्रिड ओजी वर्करों की मदद से राजोरी-पुंछ में हमले कर रहे आतंकी, सीमापार से जुड़े तार
सूत्रों का कहना है कि राजोरी-पुंछ जिलों में सक्रिय 6 से 7 आतंकियों के दल को स्थानीय स्तर पर मदद मिल रही है। यह मदद यहीं के कुछ युवा कर रहे हैं। यह हाइब्रिड ओजी वर्कर के तौर पर सक्रिय हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राजोरी-पुंछ जिले के कई युवाओं को आतंकियों ने कट्टरवाद का पाठ पढ़ाकर अपने साथ जोड़ा है, जिनका पूर्व में आतंकवाद से कोई संबंध नहीं रहा है। इन्हीं की मदद से आतंकियों का दल पिछले कई महीनों से अपनी गतिविधियां चला रहा है। यही एक बड़ा कारण है कि ढांगरी और भाटादूड़िया में आतंकी वारदातों को अंजाम देने वाले आतंकी हत्थे नहीं चढ़ रहे हैं।
इनका खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों के पास कोई रिकार्ड नहीं है। सूत्रों का कहना है कि राजोरी-पुंछ जिलों में सक्रिय 6 से 7 आतंकियों के दल को स्थानीय स्तर पर मदद मिल रही है। यह मदद यहीं के कुछ युवा कर रहे हैं। यह हाइब्रिड ओजी वर्कर के तौर पर सक्रिय हैं।
इनकी मदद से उक्त आतंकी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। ठीक इसी तरह से किश्तवाड़, रामबन और डोडा जिले में आतंकियों ने किया था। यहां के 80 युवाओं को आतंकी संगठनों ने अपने साथ जोड़ने का प्रयास किया था। इन युवाओं को आतंकवाद की राह पर चलने से रोका गया।
राजोरी-पुंछ में भी ऐसे ही हो रहा है। सीमा पार बैठे आतंकी सोशल मीडिया के जरिए इन युवाओं को अपने साथ जोड़ चुके हैं। बता दें कि राजोरी के बेला कालोनी में आईईडी लगाने वाले आतंकी भी इसी तरह के थे, जिनका पूर्व में आतंकवाद से कोई संबंध नहीं था। यह लोग आतंकियों के संपर्क में आए और उनके इशारे पर काम किया।
सक्रिय रहने में मदद
सूत्रों का कहना है कि आतंकियों के छुपने, उनके लिए वित्तीय मदद जुटाने, हथियार पहुंचाने और अन्य तरह की सहायता करने में उक्त युवक शामिल हैं। इनका पहले से कोई आतंकी रिकार्ड नहीं है। इसलिए आतंकियों की मदद करते हुए यह पकड़ में नहीं आ रहे।
20 किलोमीटर की दूरी तय कर पहुंचा रहे हथियार
बता दें कि पिछले साल रियासी जिले में राजोरी का एक आतंकी तालिब हुुसैन गिरफ्तार किया गया था। यह आतंकी नौशेरा के लंबेड़ी से हथियार लेकर जाता था। यह हथियार सीमा पार से ड्रोन के जरिए आते थे। लंबेड़ी से एलओसी की हवाई दूरी करीब 20 किलोमीटर की है।
पिछले 18 महीनों में 5 बड़ी वारदातें
- बता दें कि राजोरी-पुंछ में पिछले 18 महीनों के भीतर पांच बड़ी आतंकी वारदातें हो चुकी हैं। इनमें से एक में भी आतंकियों का पता नहीं चल सका है। सूत्रों की मानें तो इन हमलों को अंजाम देने के लिए युवाओं का इस्तेमाल किया गया है।
- 11 अक्टूबर 2021: पुंछ जिले के सुरनकोट तहसील में हुए एक आतंकी हमले में भारतीय सेना के पांच जवान शहीद हो गए थे।
- 16 अक्टूबर 2021: बीते वीरवार को जिस जगह आतंकियों ने हमले को अंजाम दिया, ठीक उसी जगह 16 अक्टूबर 2021 को आतंकी हमले में चार जवान शहीद हुए थे।
- 11 अगस्त 2022: राजौरी के दरहाल इलाके के परगल इलाके में आर्मी कैंप में हुए आतंकी हमले में 5 जवान शहीद हुए थे। इस हमले को अंजाम देने वाले दोनों फिदायीन हमलावरों को सुरक्षा बलों ने मार गिराया था।
- 1 जनवरी 2023: राजौरी के ढांगरी में हुए आतंकी हमले में अल्पसंख्यक समुदाय के 7 लोगों को आतंकियों ने मौत के घाट उतार दिया था।