Poonch Terror Attack: उड़ी की तर्ज पर दिया पुंछ में हमले को अंजाम, पहले फायरिंग की उसके बाद दागे ग्रेनेड
आतंकियों ने जवानों के वाहन पर पहले अंधाधुंध गोलियां बरसाईं। फिर ग्रेनेड और फायर बम फेंककर वाहन को आग लगा दी। ठीक इसी तरह 18 सितंबर 2016 को दहशतगर्दों ने उड़ी में हमले को अंजाम दिया था।
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पुंछ के बिंबर संजयोट रोड पर बुधवार को आतंकी हमले ने सात साल पहले उड़ी के हुए हमले के जख्मों को कुरेद दिया। आतंकियों ने जवानों के वाहन पर पहले अंधाधुंध गोलियां बरसाईं। फिर ग्रेनेड और फायर बम फेंककर वाहन को आग लगा दी। ठीक इसी तरह 18 सितंबर 2016 को दहशतगर्दों ने उड़ी में हमले को अंजाम दिया था।
आतंकियों ने सोए जवानों पर पहले गोलियां बरसाईं और फिर उनके टैंटों में केमिकल से आग भड़का दी। बिंबर संजयोट रोड पर आतंकी पहले से ही घात लगाकर बैठे थे। आतंकियों के बड़े दल ने एकदम से अंधाधुंध गोलाबारी कर दी। इसके बाद ग्रेनेड फेंककर वाहन को आग के हवाले कर दिया, ताकि कोई जवान यदि गोलीबारी में बच गया तो वह आग से मारा जाए।
आतंकियों ने वाहन के ईंधन टैंक पर फायर बम फेंका, इससे आग ने पूरे वाहन को चपेट में ले लिया। हुआ भी ऐसा। इससे तीन जवान बुरी तरह से झुलस गए। हालांकि जवानों को गोलियां भी लगी हुई थीं। वहीं आतंकी हमले ने कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले की याद ताजा कर दी है।
पुंछ में इस प्रकार हुए पहले आतंकी हमले से हर कोई सकते में है। क्योंकि, जिले में तीन दशकों से जारी आतंकवाद के चरम पर रहने के दिनों में भी कभी आतंकियों की सैन्य वाहन पर इस प्रकार का हमला करने की हिम्मत नहीं हुई।
कहीं सिद्दड़ा हमले का बदला तो नहीं...
पुंछ जिले में जिस तरह से आतंकियों ने हमला किया, वो कहीं न कहीं जम्मू के सिद्दड़ा मुठभेड़ का बदला लेने की ओर इशारा कर रहा है। जैसे सिद्दड़ा में पुलिस ने ट्रक में छिपे आतंकियों को घेरकर इसके बीच ही ढेर कर दिया। बाद में ट्रक में आग लगा दी गई।
ठीक इसी तरह आतंकियों ने भी पहले सैन्य वाहन में बैठे जवानों को घेरकर फायरिंग की। इसके बाद वाहन में आग लगा दी। इसमें जवानों के पार्थिव शरीर झुलस चुके थे। यहां तक कि इनको जब वाहन से निकाला गया तो उस समय भी जवानों के कपड़ों में आग लगी हुई थी।
पुंछ हमला राजोरी नरसंहार में शामिल आतंकियों की करतूत होने का शक
राजोरी के ढांगरी नरसंहार में शामिल आतंकियों का तीन महीनों के बाद भी सुराग नहीं लग पाना पुंछ हमले की वजह माना जा रहा है। आतंकियों का अब तक पकड़ नहीं पाना खुफिया एजेंसियों और पुलिस की बड़ी नाकामी है।
यह भी आशंका जताई जा रही है कि पुंछ में सेना पर हुए हमले को अंजाम देने में उन्हीं आतंकियों का हाथ है, जिन्होंने ढांगरी नरसंहार को अंजाम दिया था। यह भी बताया जा रहा है कि इस हमले को अंजाम आतंकियों के बड़े दल ने दिया है। पुंछ हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन पीपुल्स एंटी-फासिस्ट फ्रंट ने ली है, जबकि राजोरी में नरसंहार के बाद भी उक्त संगठन ने ही हमले की जिम्मेदारी ली थी।