पुंछ घुसपैठ: क्लेमोर माइन से बैट जैसा हमला करने आए थे मारे गए आतंकी, पाकिस्तान की दोहरी साजिश नाकाम
पुंछ एलओसी पर मारे गए आतंकी के शव के पास क्लेमोर माइन मिली है, जिसका पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई बैट हमले में इस्तेमाल करती है। इस माइन से अग्रिम इलाकों में कई बार धमाके किए जा चुके हैं। इसका खुलासा सैन्य अधिकारी ने किया।
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एलओसी पर तीन आतंकियों को ढेर कर सेना ने पाकिस्तानी बैट हमले की तर्ज पर बड़ी वारदात और लक्षित हत्या की साजिश को नाकाम किया है। आतंकी के शव के पास क्लेमोर माइन मिली है, जिसका पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई बैट हमले में इस्तेमाल करती है। इस माइन से अग्रिम इलाकों में कई बार धमाके किए जा चुके हैं। वहीं पिस्टल की बरामदगी को राजोरी और पुंछ में लक्षित हत्या की साजिश से जोड़कर देखा जा रहा है। इस दोहरी साजिश से एक तरफ एलओसी को दहलाया जाना था, तो दूसरी तरफ लक्षित हत्या से क्षेत्र के सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश की जा सकती थी।
खुफिया एजेंसी के सूत्रों ने बताया कि कश्मीर घाटी में पिस्टल का इस्तेमाल लक्षित हत्याओं के लिए किया जा रहा है। इसी तर्ज पर पुंछ और राजोरी क्षेत्र में ही ऐसी वारदात को दोहराने की साजिश के साफ संकेत हैं। एलओसी पर तलाशी अभियान के दौरान सेना को क्लेमोर माइन भी मिली है। पाकिस्तान की बॉर्डर एक्शन टीम इस माइन का इस्तेमाल हमले में करती है। क्लेमोर माइन को रिमोट कंट्रोल से संचालित किया जा सकता है। इसके विस्फोट से छर्रे निकलते हैं तो सौ मीटर दायरे तक 60 डिग्री कोण में मारक होते हैं। इसका इस्तेमाल घात लगाकर हमला करने में किया जाता है।
बर्फबारी से पहले घुसपैठ की और तेज होंगे कोशिशें
सेना और खुफिया एजेंसी के सूत्रों ने बताया कि आने वाले दिनों में बर्फबारी होने पर घुसपैठ करना मुश्किल हो जाएगा। इसे देखते हुए पाकिस्तान की ओर से घुसपैठ की कोशिशें तेज होने के आसार हैं। घुसपैठ के लिहाजा से वर्तमान सीजन सबसे संवेदनशील है। इन साजिशों को नाकाम करने के लिए पूरा अमला पूरी तरह से मुस्तैद है।
अंदरूनी उथल पुथल से ध्यान हटाने के लिए एलओसी को अशांत कर रहा पाक
पाकिस्तान के अंदरूनी हालात में उथल पुथल चल रही है। इससे ध्यान भटकाने के लिए अब नियंत्रण रेखा के राजोरी और पुंछ इलाके में पाकिस्तान की ओर से माहौल बिगाड़ने की कोशिशें तेज हो गई हैं। पुंछ सेक्टर में आतंकी घुसपैठ की बड़ी साजिश को नाकाम किए जाने का हवाला देकर शुक्रवार को सेना के पुंछ ब्रिगेड कमांडर राजेश बिष्ट ने कहा कि सीमा पार से साजिशें तेज हो गई हैं।
पुंछ और राजोरी में माहौल खराब करने की कोशिशें
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की उथल पुथल से वहां की अवाम का ध्यान भटकाने के लिए अब एलओसी खासकर पुंछ और राजोरी में माहौल खराब करने की कोशिशें की जा रही हैं। वीरवार को पुंछ सेक्टर में आतंकियों की घुसपैठ का प्रयास भी इसी मंसूबे से प्रेरित था। कहा कि पाकिस्तान अब सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने की साजिश रच रहा है। इसे लेकर सरहदी इलाके में सुरक्षा बल पूरी तरह से अलर्ट हैं। किसी भी कीमत पर इस तरह के मंसूबों को नाकाम किया जाएगा।
एक आतंकी का शव बरामद, दो के शव ठेले पर पीओजेके ले गए
सेना के पुंछ ब्रिगेड कमांडर राजेश बिष्ट ने कहा कि वीरवार की सुबह साढ़े नौ बजे तीन आतंकी भारी मात्रा में असलहे के साथ घुसपैठ करने आए थे। पठानी सूट पहने तीनों को ऐन मौके पर ढेर कर दिया गया। घुसपैठियों को पहले सुरक्षा बलों ने ललकारा, लेकिन तीनों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में तीनों मारे गए।
इलाके की तलाशी लेने पर एक आतंकी का गोलियां से छलनी शव हथियारों के साथ बरामद कर लिया गया। दो अन्य के शव कुछ लोग ठेले पर लादकर पीओजेके की तरफ ले गए। बिष्ट ने कहा कि सर्च ऑपरेशन के दौरान हथियार और असलहे बरामद करने के साथ ही खून के निशान मिले।
खून के निशान शवों को पीओजेके की ओर ले जाने के दौरान बने थे। उन्होंने बताया कि आतंकी का शव बरामद करने के साथ दो एके-74, चार मैगजीन, 43 गोलियां, एक चाइनीज पिस्टल, सात गोलियां, एक मैगजीन, एक क्लेमोर माइन, केबल, बैटरी, एक एसएमजी मैगजीन, एक बैग, एक पाउच, पाकिस्तान निर्मित गोल्ड कप सिगरेट पैकेट, लाइटर, एक पैकेट में खाने-पीने का सामान बरामद किया गया है। यह दर्शाता है कि आतंकी पूरी तैयारी के साथ बड़ी वारदात को अंजाम देने आए थे। सैन्य अधिकारी के साथ डीआईजी राजोरी-पुंछ रेंज हसीब मुगल भी मौजूद थे।