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Poonch Attack: आतंकी घटनाओं को अंजाम देने में मुख्य भूमिका निभा रहा आतंकी रफीक नाई, जानें पुंछ से क्या है नाता
Tue, 25 Apr 2023 10:19 AM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू कश्मीर
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू कश्मीर
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Tue, 25 Apr 2023 10:19 AM IST
सार
आतंकी रफीक नाई की उस पार आतंकी संगठनों में अच्छी खासी पैठ है। लश्करे तोईबा और जैश-ए-मोहम्मद के सरगनाओं का वह खासमखास बना हुआ है। वहीं इस ओर विशेष कर उप जिला मेंढर में भी उसकी मजबूत पकड़ है।
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सुरक्षाबल
- फोटो : संवाद
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विस्तार
किसी ने सच ही कहा है कि घर का भेदी लंका ढाए। यह कहावत पुंछ जिले में सही साबित हो रही है। जिले में होने वाले आतंकी हमलों को अंजाम देने में मुख्य भूमिका निभाने वाला कुख्यात एवं खूंखार आतंकी रफीक नाई ही है, जो पिछले 16 वर्षों से नियंत्रण रेखा के उस पार पीओजेके में बैठा हुआ है और उस पार से ही वह आतंकियों को जिले में भेजने से लेकर आतंकी हमले करवाने एवं आतंकियों को सुरक्षित बचा कर निकालने से लेकर उनके लिए सुरक्षित ठिकानों का प्रबंध करता है।
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सूत्रों की मानें तो पुंछ जिले के उपजिला मेंढर के भाटादूड़ियां क्षेत्र का मूल निवासी रकीफ नाई आतंकवाद के दौर में आतंकी संगठनों से जुड़ा था और उस दौरान उसने आतंकियों से मिलकर कई घटनाओं को अंजाम दिया था। इसके बाद सुरक्षाबलों ने उसकी तलाश किए जाने पर वह 16 वर्ष पूर्व भाग कर नियंत्रण रेखा के उस पार चला गया था, जहां उसने पिछले कुछ वर्षों में आतंकी संगठनों में अच्छी पैठ बना ली है।
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खास कर लश्करे तोईबा और जैश-ए-मोहम्मद के सरगनाओं का वह खासमखास बना हुआ है। रफीक नाई की उस पार आतंकी संगठनों में अच्छी खासी पैठ है। वहीं इस ओर विशेष कर उप जिला मेंढर में भी उसकी मजबूत पकड़ है। उसने क्षेत्र में ओजीडब्लयू का बड़ा नेटवर्क बना रखा है, जो इस ओर आतंकियों को हर प्रकार की सहायता कर रहा है।
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उसके बल पर ही आतंकी क्षेत्र में हमलों को अंजाम दे रहे हैं। इनमें सबसे ताजा आतंकी हमला भाटादूड़ियां में सैन्य वाहन पर हमला कर पांच जवानों को शहीद किए जाने का है। इसके पीछे रफीक नाई का मुख्य हाथ माना जा रहा है। संवाद
राजोरी के इलाकों में तलाशी अभियान जारी
राजोरी और पुंछ सीमा से सटे भाटादूड़ियां क्षेत्र में शुक्रवार को सैन्य वाहन पर हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षाबलों की ओर से शुरू किया गया तलाशी अभियान सोमवार को 5वें दिन भी जारी है। इस दौरान खोजी कुत्तों और ड्रोन की मदद से पुलिस, सेना और सीआरपीएफ के जवान संयुक्त रूप से थन्नामंडी, शहादरा शरीफ और मुगल रोड से जुड़ते मंजाकोट के जंगली इलाकों को खंगाला जा रहा है।
इसके साथ ही दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों से भी पूछताछ की जा रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार दोपहर बाद जैसे ही सेना के वाहन पर आतंकी हमला हुआ था उसके तुरंत बाद सेना ने बीजी और मंजाकोट से सटे जंगली इलाकों को खंगालना शुरू कर दिया था। लगातार पांचवें दिन सोमवार को जगह-जगह नाके लगा कर वाहनों सहित हर आने जाने वाले व्यक्ति की जांच की जा रही है। संवाद
पुंछ में हाई अलर्ट जंगलों और नालों को खंगाल रहे सुरक्षाबल
जम्मू-पुंछ राष्ट्रीय राजमार्ग पर 20 अप्रैल को सैन्य वाहन पर हुए आतंकी हमले के बाद से आतंकियों की धरपकड़ के लिए सुरक्षाबलों का तलाशी अभियान जारी है। इसमें सेना, सीआरपीएफ, एसओजी, कमांडो सहित पुलिस के सैकड़ों जवान भाटादूड़ियां से लेकर संगेयोट तक जंगलों, नदी-नालों सहित दूरदराज के ग्रामीण इलाकों को खंगाल रहे हैं। अभी तक सुरक्षाबलों को कोई कामयाबी नहीं मिली है।
वहीं, दूसरी ओर प्रदेश सहित पुंछ जिले के लोगों में पाकिस्तान के खिलाफ रोष व्याप्त है। जगह-जगह प्रदर्शन कर रोष जताया जा रहा है। साथ ही केंद्र सरकार से आतंकियों को माकूल जवाब देने की अपील की जा रही है। लोगों का कहना है कि पाकिस्तान कश्मीर के बाद पुंछ का माहौल खराब करने का प्रयास कर रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।
आतंकी रफीक नाई की उस पार आतंकी संगठनों में अच्छी खासी पैठ है। लश्करे तोईबा और जैश-ए-मोहम्मद के सरगनाओं का वह खासमखास बना हुआ है। वहीं इस ओर विशेष कर उप जिला मेंढर में भी उसकी मजबूत पकड़ है।