फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Jammu Kashmir: omar Abdullah said Comment of BJP leaders on Article 370 is like contempt of court

जम्मू कश्मीर: अनुच्छेद 370 पर भाजपा नेताओं की टिप्पणी अदालत की अवमानना के समान -उमर अब्दुल्ला

Thu, 10 Aug 2023 03:26 PM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: जम्मू और कश्मीर ब्यूरो Updated Thu, 10 Aug 2023 03:26 PM IST
सार

पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि केंद्र को अनुच्छेद 370 को निरस्त करने पर उच्चतम न्यायालय को धमकी देने के बजाय उसके फैसले का इंतजार करना चाहिए।

विज्ञापन
Jammu Kashmir: omar Abdullah said Comment of BJP leaders on Article 370 is like contempt of court
Omar Abdullah - फोटो : संवाद

विस्तार

नेशनल काॅन्फ्रेंस (नेकां) उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि केंद्र को अनुच्छेद 370 को निरस्त करने पर उच्चतम न्यायालय को धमकी देने के बजाय उसके फैसले का इंतजार करना चाहिए। विचाराधीन मामले पर कुछ भाजपा नेताओं की टिप्पणियां लगभग अदालत की अवमानना के समान हैं। नेकां नेता की यह टिप्पणी केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी द्वारा लोकसभा में केंद्र सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बहस में भाग लेते हुए यह कहने के बाद आई है कि अनुच्छेद 370 कभी भी बहाल नहीं किया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर चुनाव होते हैं तो पार्टी उत्सुकता से हिस्सा लेगी।

विज्ञापन


उमर ने कहा कि जिम्मेदार भाजपा नेताओं की ऐसी टिप्पणी सुनकर आश्चर्य होता है। मुद्दा सुप्रीम कोर्ट के सामने है, अदालत को फैसला लेने दीजिए। वे सुप्रीम कोर्ट को क्यों धमका रहे हैं? हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहे हैं, उन्हें भी करना चाहिए। क्या उन्हें लगता है कि उनका मामला इतना कमजोर है कि उन्हें धमकी देने की जरूरत महसूस होती है? यह खेदजनक है। यह लगभग अदालत की अवमानना के समान है।
विज्ञापन


वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल द्वारा दी गई दलीलें मजबूत हैं, लेकिन सरकार ने अब तक कोई जवाब नहीं दिया है। हमें देखना होगा कि सरकार का जवाब कितना मजबूत है। मामले को आगे बढ़ने दें, तभी हम चर्चा कर सकते हैं कि किसकी दलीलें बेहतर थीं। एनसी ने कपिल सिब्बल और गोपाल सुब्रमण्यम को पार्टी की दो याचिकाओं का प्रतिनिधित्व करने का निर्णय लिया है। सबसे अच्छा निर्णय, और शायद, हम अपना मामला इससे बेहतर ढंग से प्रस्तुत नहीं कर सकते थे। अगर कोई उम्मीद नहीं होती तो हम सुप्रीम कोर्ट नहीं जाते।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह शेर-ए-कश्मीर के फैसले की नहीं है बल्कि संविधान की परीक्षा है

पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती की टिप्पणी पर उमर अब्दुल्ला ने कहा कि यह यह शेर-ए-कश्मीर के फैसले की परीक्षा नहीं है बल्कि संविधान की परीक्षा है। यह स्पष्ट है कि जम्मू-कश्मीर के साथ क्या हुआ असांविधानिक और अवैध था। हम चाहते हैं कि संविधान और कानून बरकरार रहे।


हर चुनाव में हिस्सा लेगी नेकां

इस साल के अंत में होने वाले पंचायत चुनावों में पार्टी की भागीदारी पर अब्दुल्ला ने कहा कि ऐसी कोई अधिसूचना नहीं देखी है। नेकां हर चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा कि हमने सुना है कि भाजपा नगर पालिका चुनाव कराने के मूड में नहीं हैं क्योंकि वे डरे हुए हैं, खासकर श्रीनगर से ज्यादा जम्मू में। जिस तरह से कांग्रेस ने जम्मू में ताकत हासिल की है, भाजपा और अधिक घबरा गई होगी। लेकिन, अगर चुनाव की घोषणा की जाती है, तो एनसी इसमें उत्सुकता से भाग लेगी। पार्टी विपक्ष के इंडिया गठबंधन की सदस्य है और संसद में अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान करेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed