{"_id":"633b470b5c564e25ee0f511d","slug":"political-samba-news-jmu2694233155","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्राम सभा में पहुंचने से पंच-सरपंच कर रहे किनारा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्राम सभा में पहुंचने से पंच-सरपंच कर रहे किनारा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सांबा। पंचायती राज को मजबूत करने के लिए सरकार ने जिला प्रशासन को आदेश दिए है कि प्रत्येक गांव में ग्राम सभा का आयोजन कर लोगों को पेश आने वाली समस्याओं का मौके पर ही निपटारा किया जाए। दूसरी तरफ पंचायत प्रतिनिधि ग्राम सभा में पहुंचने से किनारा कर रहे हैं। उनका कहना है कि इसमें उठाई जाने वाली समस्याओं का समाधान नहीं होता है। ऐसे में ग्राम सभा में पहुंचने का कोई औचित्य नहीं है।
पंचायत प्रतिनिधियों को कहा गया कि उनके अधीन 23 विभाग हैं। शुरू-शुुरू में तो ग्राम सभा में लोगों की संख्या काफी रहती रही है। विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी भी पहुंचते थे। ग्राम सभा में की गई शिकायतों का समय पर निपटारा नहीं होने पर आम लोगों की संख्या कम होने लगी। अब आलम यह है कि पंच सरपंच ग्राम सभा से किनारा कर रहे हैं। मंगलवार को रख अंब टाली पंचायत में कुल दस लोग भी नहीं पहुंचे। पंच सरपंच नदारद रहे।
------
कुछ दिन पहले सांबा के रख अंब टाली पंचायत में ग्राम सभा का कार्यक्रम रखा गया। हमने यह कह कर बहिष्कार कर दिया कि काफी समय से उनके क्षेत्र में पानी की किल्लत का समाधान नहीं हुआ है। जिला प्रशासन की सहमति से मंगलवार को एक बार फिर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अधिकारियों के समय पर नहीं पहुंचने पर कार्यक्रम का बहिष्कार किया गया है।
विज्ञापन
-विनोद कुमार फंगला, सरपंच, रख अंब टाली पंचायत।
------
रख अंब टाली पंचायत घर में दो पंचायतों की ग्राम सभा का आयोजन किया गया। दोनों पंचायतों के लोगों ने ग्राम सभा के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सुबह करीब 11 बजे पंचायत घर पहुंचे। एसीआर सांबा के लंबे इंतजार के बाद भी वह नहीं आए। उसके बाद लोगों व सरपंच ने निर्णय लिया और ग्राम सभा कार्यक्रम का बहिष्कार किया।
------
आज ग्राम सभा का कार्यक्रम रखा था, इससे पहले उन्होंने कई बार पानी की अपनी समस्याओं को लेकर अधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन उचित कदम नहीं उठाया गया। ग्राम सभा में 12 बजे तक एसीआर साहब नहीं आए। एक घंटा बीत जाने के बाद उन्होंने ग्राम सभा का बहिष्कार करने का फैसला किया।
-कृष्ण लाल, सरपंच, रामनगर पंचायत, सांबा।
-------
ग्राम सभा में अगर अधिकारियों को नहीं आना है, तो पहले उन्हें बताया जाए। ताकि वे लोगों को ग्राम सभा में नहीं बुलाएं। इस कार्यक्रम के चलते दोनों पंचायतों के विकास कार्य लंबित पड़े हैं।
-अशोक कुमार, पंच, रख अंब टाली पंचायत।
-------
हालांकि दोनों पंचायतों की मुख्य समस्या पानी की कमी है, लेकिन जल शक्ति विभाग एक माह बाद जलापूर्ति बहाल कर रहा है। इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, और अधिकारी फोन तक नहीं उठा रहे हैं। ऐसे में ग्राम सभा का कोई औचित्य ही नहीं है।
-कृष्ण लाल, पंच
-------
रख अंब टाली पंचायत में दो बार पहले भी ग्राम सभा का कार्यक्रम रखा गया है। सरपंच ने दोनों बार बहिष्कार कर दिया। उन्होंने पानी की समस्या के लिए बताया था, पानी की समस्या का समाधान कराया गया है। आज फिर से उन्होंने ग्राम सभा का बहिष्कार किया है। हम उन्हें समझाएंगे कि पंचायत में विकास कार्यों की योजनाएं बनाएं, जहां हमारी जरूरत पडे़गी, हम मदद करेंगे।
-अनु हंस, एसीआर, सांबा।
विज्ञापन
पंचायत प्रतिनिधियों को कहा गया कि उनके अधीन 23 विभाग हैं। शुरू-शुुरू में तो ग्राम सभा में लोगों की संख्या काफी रहती रही है। विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी भी पहुंचते थे। ग्राम सभा में की गई शिकायतों का समय पर निपटारा नहीं होने पर आम लोगों की संख्या कम होने लगी। अब आलम यह है कि पंच सरपंच ग्राम सभा से किनारा कर रहे हैं। मंगलवार को रख अंब टाली पंचायत में कुल दस लोग भी नहीं पहुंचे। पंच सरपंच नदारद रहे।
विज्ञापन
------
कुछ दिन पहले सांबा के रख अंब टाली पंचायत में ग्राम सभा का कार्यक्रम रखा गया। हमने यह कह कर बहिष्कार कर दिया कि काफी समय से उनके क्षेत्र में पानी की किल्लत का समाधान नहीं हुआ है। जिला प्रशासन की सहमति से मंगलवार को एक बार फिर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अधिकारियों के समय पर नहीं पहुंचने पर कार्यक्रम का बहिष्कार किया गया है।
विज्ञापन
-विनोद कुमार फंगला, सरपंच, रख अंब टाली पंचायत।
------
रख अंब टाली पंचायत घर में दो पंचायतों की ग्राम सभा का आयोजन किया गया। दोनों पंचायतों के लोगों ने ग्राम सभा के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सुबह करीब 11 बजे पंचायत घर पहुंचे। एसीआर सांबा के लंबे इंतजार के बाद भी वह नहीं आए। उसके बाद लोगों व सरपंच ने निर्णय लिया और ग्राम सभा कार्यक्रम का बहिष्कार किया।
------
आज ग्राम सभा का कार्यक्रम रखा था, इससे पहले उन्होंने कई बार पानी की अपनी समस्याओं को लेकर अधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन उचित कदम नहीं उठाया गया। ग्राम सभा में 12 बजे तक एसीआर साहब नहीं आए। एक घंटा बीत जाने के बाद उन्होंने ग्राम सभा का बहिष्कार करने का फैसला किया।
-कृष्ण लाल, सरपंच, रामनगर पंचायत, सांबा।
-------
ग्राम सभा में अगर अधिकारियों को नहीं आना है, तो पहले उन्हें बताया जाए। ताकि वे लोगों को ग्राम सभा में नहीं बुलाएं। इस कार्यक्रम के चलते दोनों पंचायतों के विकास कार्य लंबित पड़े हैं।
-अशोक कुमार, पंच, रख अंब टाली पंचायत।
-------
हालांकि दोनों पंचायतों की मुख्य समस्या पानी की कमी है, लेकिन जल शक्ति विभाग एक माह बाद जलापूर्ति बहाल कर रहा है। इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, और अधिकारी फोन तक नहीं उठा रहे हैं। ऐसे में ग्राम सभा का कोई औचित्य ही नहीं है।
-कृष्ण लाल, पंच
-------
रख अंब टाली पंचायत में दो बार पहले भी ग्राम सभा का कार्यक्रम रखा गया है। सरपंच ने दोनों बार बहिष्कार कर दिया। उन्होंने पानी की समस्या के लिए बताया था, पानी की समस्या का समाधान कराया गया है। आज फिर से उन्होंने ग्राम सभा का बहिष्कार किया है। हम उन्हें समझाएंगे कि पंचायत में विकास कार्यों की योजनाएं बनाएं, जहां हमारी जरूरत पडे़गी, हम मदद करेंगे।
-अनु हंस, एसीआर, सांबा।