{"_id":"a82f4047a3548901ca32ff68b5354c20","slug":"political-rallies-ruined-jammu-kashmirs-cricket-stadiums-in-2014-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"2014: गुजरते साल में क्रिकेट ढांचे पर पड़ी बड़ी मार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
2014: गुजरते साल में क्रिकेट ढांचे पर पड़ी बड़ी मार
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Fri, 26 Dec 2014 07:38 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राष्ट्रीय स्तर पर भले ही रियासत के धुरंधरों ने कमाल दिखाया है, मगर यह साल क्रिकेट ढांचे के लिए दुखद रहा। सितंबर में बाढ़ के बाद सियासी रैलियों ने जम्मू के प्रमुख क्रिकेट मैदान बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हुए। इस साल घरेलू मैदानों पर जेकेसीए की ओर से कोई बड़ी स्थानीय और राष्ट्रीय प्रतियोगिता नहीं करवाई जा सकी। दुर्भाग्यपूर्ण रणजी ट्राफी के चार मुकाबलों की भी मेजबानी राज्य से छिन गई।
विज्ञापन
दूसरी ओर बजालता में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के सपने पर भी इस साल कुछ नहीं हो पाया। सितंबर में श्रीनगर में आई जबरदस्त बाढ़ से जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन के अधीन शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम को भारी क्षति पहुंची। कई दिन मैदान पर पानी भरा रहने से ढांचा खराब हुआ। इसके बाद विधानसभा चुनाव में अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस मैदान पर कई बड़ी सियासी रैलियां हुईं, जिससे स्टेडियम पर गड्ढे हो गए।
विज्ञापन
मजेदार बात यह रही कि जेकेसीए से बिना अनुमति लिए ही जिला प्रशासन ने यह रैलियां करवा दीं। इसी तरह जम्मू के जीजीएम साइंस कालेज की हास्टल ग्राउंड भी भारी बारिश से क्षतिग्रस्त हुई, जिससे दोनों प्रमुख मैदानों के खराब होने से रणजी ट्राफी का कोचिंग कैंप तक नहीं लगाया जा सका।
विज्ञापन
इसके अलावा जम्मू-कश्मीर स्टेट स्पोर्ट्स काउंसिल के अधीन एमए स्टेडियम पर भी कई बड़ी सियासी रैलियों से हालत खराब हुई। सुरक्षा की दृष्टि से स्टेडियम को दुरुस्त बनाने में काफी समय लग जाएगा। अब बात करें बजालता अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम जम्मू के निर्माण की तो वर्ष 2011 में करीब 540 कनाल की भूमि पर इस अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम के लिए शुरू हुई कवायद पर कुछ खास काम नहीं हो पाया।
स्टेडियम के लिए राज्य सरकार की ओर से बाकायदा जम्मू-कश्मीर क्रिकेट स्टेडियम को भूमि स्थानांतरित की जा चुकी है। इस स्टेडियम के निर्माण के लिए कई बार नींव पत्थर रखने की घोषणा की गई। मगर अब तक यह सिर्फ सपना ही बना हुआ है।