{"_id":"67897620231b1c76b600a514","slug":"political-news-jammu-news-c-10-lko1027-524913-2025-01-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: भाजपा में मंडल अध्यक्षों के बाद जिला अध्यक्षों पर पेच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: भाजपा में मंडल अध्यक्षों के बाद जिला अध्यक्षों पर पेच
विज्ञापन
- घमासान के बीच पैनल पर दिल्ली हाईकमान लगाएगा मुहर
- हर जिले से तीन संभावित नाम भेजे गए
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। प्रदेश भाजपा में मंडल अध्यक्षों के बाद जिला अध्यक्षों के चुनाव पर भी पेच फंसा हुआ है। हर जिले से कई दावेदारों के सामने आने से पार्टी हाईकमान को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। दिल्ली हाईकमान के पास संगठन के 27 जिलों के लिए हर से पैनल में तीन संभावित दावेदारों के नाम भेजे गए हैं। अभी तक इस पर मुहर नहीं लग पाई है। इससे पहले अध्यक्षों के नामों पर आम राय बनाने की बात कही जा रही थी, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया है।
पार्टी के जम्मू संभाग में 17 और कश्मीर संभाग में 10 संगठन जिले हैं। इनमें खासतौर पर जम्मू संभाग के जिला अध्यक्षों की भूमिका अहम रहती है। पार्टी ने लोकसभा व विधानसभा चुनाव में सारी सीटें जम्मू संभाग से ही जीती हैं। इसमें विस चुनाव में रिकाॅर्ड 29 सीटें हासिल कीं। नगरोटा सीट पर देवेंद्र राणा के निधन के बाद यह सीट खाली हुई है। पार्टी हाईकमान के पास सभी जिलों को मिलाकर 81 लोगों के नाम पैनल में भेजे गए हैं। इनमें 27 को चुना जाना है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, कई जिला अध्यक्षों के नाम पर आम राय नहीं बन पाई है और एक से अधिक कार्यकर्ता इसके लिए दावेदारी कर रहे हैं। ऐसी भी चर्चा है कि अगर अध्यक्षों के नामों पर आम राय नहीं बनती है तो रिटर्निंग अधिकारी दोबारा जिलों में जाकर दावेदारों के नामांकन करवा सकते हैं। इससे पहले पार्टी ने 15 जनवरी तक मंडल और जिला अध्यक्षों के चुनाव प्रक्रिया को पूरा करने की बात कही थी, लेकिन अभी कई मंडल अध्यक्षों के नाम भी फाइनल नहीं हो पाए हैं। जिला अध्यक्षों के चुनाव के बाद ही प्रदेशाध्यक्ष के चुनाव के लिए संविधानिक प्रक्रिया शुरू होगी। हालांकि दो माह पहले मनोनीत किए गए सत शर्मा के नाम पर प्रदेशाध्यक्ष के लिए मुहर लगना लगभग तय माना जा रहा है।
-- --
पार्टी हाईकमान के निर्देश के बाद घोषित होंगे नाम : प्रदेशाध्यक्ष
प्रदेशाध्यक्ष सत शर्मा का कहना है कि जिला अध्यक्षों के लिए संभावित नामों का पैनल पार्टी हाईकमान को भेजा गया है और वहीं से निर्देश मिलने के बाद इन्हें घोषित किया जाएगा। पार्टी के भीतर पारदर्शिता और संविधानिक ढंग से संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया चल रही है। इसमें सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर काम किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
- हर जिले से तीन संभावित नाम भेजे गए
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। प्रदेश भाजपा में मंडल अध्यक्षों के बाद जिला अध्यक्षों के चुनाव पर भी पेच फंसा हुआ है। हर जिले से कई दावेदारों के सामने आने से पार्टी हाईकमान को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। दिल्ली हाईकमान के पास संगठन के 27 जिलों के लिए हर से पैनल में तीन संभावित दावेदारों के नाम भेजे गए हैं। अभी तक इस पर मुहर नहीं लग पाई है। इससे पहले अध्यक्षों के नामों पर आम राय बनाने की बात कही जा रही थी, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया है।
पार्टी के जम्मू संभाग में 17 और कश्मीर संभाग में 10 संगठन जिले हैं। इनमें खासतौर पर जम्मू संभाग के जिला अध्यक्षों की भूमिका अहम रहती है। पार्टी ने लोकसभा व विधानसभा चुनाव में सारी सीटें जम्मू संभाग से ही जीती हैं। इसमें विस चुनाव में रिकाॅर्ड 29 सीटें हासिल कीं। नगरोटा सीट पर देवेंद्र राणा के निधन के बाद यह सीट खाली हुई है। पार्टी हाईकमान के पास सभी जिलों को मिलाकर 81 लोगों के नाम पैनल में भेजे गए हैं। इनमें 27 को चुना जाना है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, कई जिला अध्यक्षों के नाम पर आम राय नहीं बन पाई है और एक से अधिक कार्यकर्ता इसके लिए दावेदारी कर रहे हैं। ऐसी भी चर्चा है कि अगर अध्यक्षों के नामों पर आम राय नहीं बनती है तो रिटर्निंग अधिकारी दोबारा जिलों में जाकर दावेदारों के नामांकन करवा सकते हैं। इससे पहले पार्टी ने 15 जनवरी तक मंडल और जिला अध्यक्षों के चुनाव प्रक्रिया को पूरा करने की बात कही थी, लेकिन अभी कई मंडल अध्यक्षों के नाम भी फाइनल नहीं हो पाए हैं। जिला अध्यक्षों के चुनाव के बाद ही प्रदेशाध्यक्ष के चुनाव के लिए संविधानिक प्रक्रिया शुरू होगी। हालांकि दो माह पहले मनोनीत किए गए सत शर्मा के नाम पर प्रदेशाध्यक्ष के लिए मुहर लगना लगभग तय माना जा रहा है।
विज्ञापन
पार्टी हाईकमान के निर्देश के बाद घोषित होंगे नाम : प्रदेशाध्यक्ष
प्रदेशाध्यक्ष सत शर्मा का कहना है कि जिला अध्यक्षों के लिए संभावित नामों का पैनल पार्टी हाईकमान को भेजा गया है और वहीं से निर्देश मिलने के बाद इन्हें घोषित किया जाएगा। पार्टी के भीतर पारदर्शिता और संविधानिक ढंग से संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया चल रही है। इसमें सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर काम किया जा रहा है।
विज्ञापन