{"_id":"678338e41a7b7d8da00b5e76","slug":"political-news-jammu-news-c-10-lko1027-521530-2025-01-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रशिक्षण कार्यक्रम से सदन की\n\nमर्यादा समझेंगे विधायक : राथर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रशिक्षण कार्यक्रम से सदन की मर्यादा समझेंगे विधायक : राथर
विज्ञापन
प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन पर मौजूद विधायक व वक्ता।
जम्मू। विधानसभा परिसर जम्मू में शनिवार को तीन दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम संपन्न हो गया। विधानसभा के अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने कहा कि विधायकों को सदन की कार्यवाही में सदन के नियमों और प्रक्रियाओं की पूरी जानकारी के साथ सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए। यह उन्मुखीकरण कार्यक्रम नवनिर्वाचित सदस्यों को सदन में प्रक्रिया और कार्य संचालन के नियमों को गहराई से समझने में मदद करेगा।
दोहराया कि यह सतर्क विधायिका ही है, जो कार्यपालिका को उसके कर्तव्यों व जिम्मेदारियों के प्रति जवाबदेह बना सकती है। नवनिर्वाचित सदस्यों ने सदन में गरिमापूर्ण तरीके से व्यवहार करने और संसदीय लोकतंत्र का सही अर्थों में पालन करने पर जोर दिया। विधानसभा में अपनी प्रभावी भूमिका सुनिश्चित करने के लिए उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम का लाभ उठाया। इससे पहले पूर्व राज्य मंत्री डाॅ. सत्यपाल सिंह ने संसदीय विशेषाधिकार, रीति-रिवाज, परंपराओं और शिष्टाचार पर व्याख्यान दिया। लोकसभा सचिवालय के निदेशक प्राइड पीके मलिक ने विशेषाधिकारों के शाब्दिक अर्थ तथा विधायकों की स्थिति और प्रोटोकॉल की सुरक्षा में इसके दायरे के बारे में जानकारी दी। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव डाॅ. सत्यप्रकाश ने वन नेशन, वन एप्लीकेशन के तहत नेवा (राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन) के सत्र पर व्याख्यान दिया। सत्र के दौरान विधायकों ने विशेषाधिकार और अन्य संबंधित मुद्दों के बारे में प्रश्न किए।
विज्ञापन
दोहराया कि यह सतर्क विधायिका ही है, जो कार्यपालिका को उसके कर्तव्यों व जिम्मेदारियों के प्रति जवाबदेह बना सकती है। नवनिर्वाचित सदस्यों ने सदन में गरिमापूर्ण तरीके से व्यवहार करने और संसदीय लोकतंत्र का सही अर्थों में पालन करने पर जोर दिया। विधानसभा में अपनी प्रभावी भूमिका सुनिश्चित करने के लिए उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम का लाभ उठाया। इससे पहले पूर्व राज्य मंत्री डाॅ. सत्यपाल सिंह ने संसदीय विशेषाधिकार, रीति-रिवाज, परंपराओं और शिष्टाचार पर व्याख्यान दिया। लोकसभा सचिवालय के निदेशक प्राइड पीके मलिक ने विशेषाधिकारों के शाब्दिक अर्थ तथा विधायकों की स्थिति और प्रोटोकॉल की सुरक्षा में इसके दायरे के बारे में जानकारी दी। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव डाॅ. सत्यप्रकाश ने वन नेशन, वन एप्लीकेशन के तहत नेवा (राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन) के सत्र पर व्याख्यान दिया। सत्र के दौरान विधायकों ने विशेषाधिकार और अन्य संबंधित मुद्दों के बारे में प्रश्न किए।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन पर मौजूद विधायक व वक्ता।
विज्ञापन