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जम्मू-कश्मीर से मिटाना चाहता हूं गरीबी, बेरोजगारी : आजाद
Mon, 21 Aug 2023 01:22 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Mon, 21 Aug 2023 01:22 AM IST
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अनंतनाग के डूरू में लोगों से किया सभी बेरोजगारों के लिए आजीविका के अवसर पैदा करने का दावा
भूमिहीनों के लिए लाना चाहता हूं कानून
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (डीपीएपी) के प्रमुख गुलाम नबी आजाद ने कहा कि अगर उनकी पार्टी केंद्र शासित प्रदेश में सरकार बनाती है तो वह जम्मू-कश्मीर से बेरोजगारी और गरीबी खत्म करने के लिए काम करेंगे। सभी शिक्षित युवाओं के लिए नौकरियों का वादा नहीं कर सकते, लेकिन उनके लिए आजीविका के अवसर पैदा करेंगे। वह रविवार को अनंतनाग जिले के डूरू इलाके में एक सार्वजनिक बैठक में बोल रहे थे।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं वह बदलाव चाहता हूं। फिर से ऐसा कानून लाना चाहता हूं, जो भूमिहीनों को जमीन वापस देगा। बेरोजगार तीन प्रकार शिक्षित, कुशल और अकुशल होते हैं। तीनों काम की तलाश में हैं। हम आजीविका के अवसर पैदा करेंगे। सभी शिक्षित लोगों को नौकरी देने का वादा नहीं कर रहा हूं, क्योंकि इससे विकास, स्वास्थ्य देखभाल और सामाजिक कल्याण कार्यों के लिए कुछ भी नहीं बचेगा।
मेरे पास कई योजनाएं, जिनसे हर जिले
में जुड़ेंगे तीन-चार पर्यटन स्थल
आजाद ने कहा कि 2005 से 2008 के बीच जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री रहने के दौरान एक ट्यूलिप गार्डन बनाया, जिसे देखने इन दिनों लाखों पर्यटक आते हैं। मेरे पास कई और योजनाएं हैं, जो प्रत्येक जिले में तीन-चार नए पर्यटन स्थल जोड़ देंगी। ये योजनाएं 2008 में तैयार हो गई थीं और मैं उसी वर्ष उनकी घोषणा करने की तैयारी कर रहा था लेकिन नहीं कर सका। वे योजनाएं अभी भी मेरे पास हैं और मैं उन्हें क्रियान्वित करुंगा। इससे जम्मू-कश्मीर में बेरोजगारी कम करने में मदद मिलेगी।
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जिस दिन मुख्यमंत्री का पद छोड़ा था उसी
दिन छोड़ दी गई थी ट्रिपल शिफ्ट प्रणाली
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने सरकार के मुखिया के रूप में कार्यों की ट्रिपल शिफ्ट प्रणाली शुरू की थी। काम चौबीसों घंटे चलता रहेगा और सभी कुशल और अकुशल लोगों को पूरे साल काम मिलता रहेगा। इससे निर्माण कार्यों को तेजी से पूरा करने में भी मदद मिली। उन्होंने दावा किया कि जिस दिन उन्होंने मुख्यमंत्री का पद छोड़ा था, उस दिन यह प्रथा छोड़ दी गई थी।
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भूमिहीनों के लिए लाना चाहता हूं कानून
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (डीपीएपी) के प्रमुख गुलाम नबी आजाद ने कहा कि अगर उनकी पार्टी केंद्र शासित प्रदेश में सरकार बनाती है तो वह जम्मू-कश्मीर से बेरोजगारी और गरीबी खत्म करने के लिए काम करेंगे। सभी शिक्षित युवाओं के लिए नौकरियों का वादा नहीं कर सकते, लेकिन उनके लिए आजीविका के अवसर पैदा करेंगे। वह रविवार को अनंतनाग जिले के डूरू इलाके में एक सार्वजनिक बैठक में बोल रहे थे।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं वह बदलाव चाहता हूं। फिर से ऐसा कानून लाना चाहता हूं, जो भूमिहीनों को जमीन वापस देगा। बेरोजगार तीन प्रकार शिक्षित, कुशल और अकुशल होते हैं। तीनों काम की तलाश में हैं। हम आजीविका के अवसर पैदा करेंगे। सभी शिक्षित लोगों को नौकरी देने का वादा नहीं कर रहा हूं, क्योंकि इससे विकास, स्वास्थ्य देखभाल और सामाजिक कल्याण कार्यों के लिए कुछ भी नहीं बचेगा।
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मेरे पास कई योजनाएं, जिनसे हर जिले
में जुड़ेंगे तीन-चार पर्यटन स्थल
आजाद ने कहा कि 2005 से 2008 के बीच जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री रहने के दौरान एक ट्यूलिप गार्डन बनाया, जिसे देखने इन दिनों लाखों पर्यटक आते हैं। मेरे पास कई और योजनाएं हैं, जो प्रत्येक जिले में तीन-चार नए पर्यटन स्थल जोड़ देंगी। ये योजनाएं 2008 में तैयार हो गई थीं और मैं उसी वर्ष उनकी घोषणा करने की तैयारी कर रहा था लेकिन नहीं कर सका। वे योजनाएं अभी भी मेरे पास हैं और मैं उन्हें क्रियान्वित करुंगा। इससे जम्मू-कश्मीर में बेरोजगारी कम करने में मदद मिलेगी।
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जिस दिन मुख्यमंत्री का पद छोड़ा था उसी
दिन छोड़ दी गई थी ट्रिपल शिफ्ट प्रणाली
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने सरकार के मुखिया के रूप में कार्यों की ट्रिपल शिफ्ट प्रणाली शुरू की थी। काम चौबीसों घंटे चलता रहेगा और सभी कुशल और अकुशल लोगों को पूरे साल काम मिलता रहेगा। इससे निर्माण कार्यों को तेजी से पूरा करने में भी मदद मिली। उन्होंने दावा किया कि जिस दिन उन्होंने मुख्यमंत्री का पद छोड़ा था, उस दिन यह प्रथा छोड़ दी गई थी।