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जम्मू-कश्मीर: पत्नी और सास की हत्या में पुलिस कर्मी को फांसी की सजा, एके-47 से दोनों पर बरसाई थीं गोलियां
Tue, 02 Nov 2021 02:11 AM IST
विमल शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: विमल शर्मा
Updated Tue, 02 Nov 2021 02:11 AM IST
सार
डोडा जिले के भद्रवाह के सेशन कोर्ट ने सुनाई सजा। सरकार को मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने का भी दिया आदेश।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
जम्मू-कश्मीर पुलिस के कांस्टेबल को पत्नी व सास की हत्या में भद्रवाह के सेशन कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। भद्रवाह के जिला जज वीरेंद्र सिंह भाऊ ने सोमवार को फैसला सुनाते हुए सरकार को आदेश दिया है कि वह सास सुमित्रा देवी के परिवार को मुआवजे के तौर पर एक लाख, आरोपी के बच्चों को दो लाख और देस राज के घायल होने को लेकर 20 हजार रुपये दे। इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में 14 दिनों के अंदर अपील दाखिल की जा सकती है।
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घटना के बारे में बताया जाता है कि कांस्टेबल पवन कुमार का पत्नी चंपा देवी से दहेज को लेकर विवाद था। भद्रवाह में 12 दिसंबर 2012 की रात पवन ससुर देस राज के घर पहुंचा जहां उसकी पत्नी पहले से मौजूद थी। पवन कुमार ने अपनी एके 47 से अपनी पत्नी चंपा देवी, सास सुमित्रा देवी और ससुर देस राज पर गोलियां बरसा दीं।
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इसमें चंपा देवी और सुमित्रा की मौत हो गई। जबकि देस राज घायल हो गया। बाद में पवन कुमार ने खुद को भी गोली मार कर बचने का ड्रामा किया । मामले पर सुनवाई करते हुए जज ने आरोपी को दहेज उत्पीड़न, जानलेवा हमला करने और हत्या करने का दोषी माना। दहेज के लिए तीन साल, जानलेवा हमले के लिए 15 साल और हत्या करने के लिए मौत की सजा सुनाई।
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जज ने कहा कि मामले में मृतकों के बाद उनके परिवार की हालत को देखते हुए और सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों को ध्यान में रखकर आरोपी को उक्त सजा सुनाई गई है। जेएनएफ