पुलिस बनी आतंकियों का नया टारगेट
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सरपंचों, पंचों और भारतीय सेना के जवानों को निशाना बनाने वाले आतंकी संगठनों का नया टारगेट एलओसी और इंटरनेशनल बार्डर पर स्थित पुलिस चौकियां और स्टेशन हैं। आईएसआई की नई रणनीति में आतंकियों को पुलिस और जेलों को निशाना बनाने का टारगेट दिया गया है।
ड्यूटी पर तैनात रहने वाले पुलिस कर्मियों को भी आतंकी अपना निशाना बनाएंगे। पुलिस की दिन-रात की गतिविधियों का आईएसआई ने बाकायदा पूरा खाका तैयार किया है। राज्यों की जेलें भी आतंकियों के निशाने पर हैं। खुफिया एजेंसियों के पास इसके इनपुट आ रहे हैं। पुंछ की जेल इसमें मुख्य टारगेट है।
इसके अलावा राज्य की उन जेलों का खाका भी आतंकी संगठनों के पास तैयार है, जिनमें आतंकी जेल काट रहे हैं। आतंकी संगठन एलओसी और आईबी पर रहने वाले ओवर ग्राउंड वर्करों की मदद से यह रणनीति बना रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि आईएसआई ने इन ओवर ग्राउंड वर्करों की मदद से इंटरनेशनल बार्डर और लाइन आफ कंट्रोल के पास बनी पुलिस चौकियों की सूची तैयार की है।
आतंकियों को दिए गए हैं टारगेट
इसमें बाकायदा चौकियों और पुलिस थानों की लोकेशन, वहां पर तैनात कर्मियों की संख्या, यहां पहुंचने वाले रास्ते, कर्मियों की 24 घंटों की गतिविधियों की पूरी जानकारी आईएसआई ने अपने पास जुटाई है। इसके आधार पर आतंकियों को घुसपैठ कराकर यहां हमला करने का टारगेट दिया गया है।
सूत्रों का कहना है कि अंतर्राष्ट्रीय दबाव के चलते आतंकियों को राज्य के आम नागरिकों को कम निशाना बनाने के लिए कहा गया है। सेना पर हमला करने के अधिकतर प्रयास आतंकियों के विफल हो रहे हैं। इसलिए अब पुलिस को साफ्ट टारगेट बनाया गया है। सूत्रों के अनुसार आतंकियों के पिछले कई हमलों में पुलिस कर्मियों को निशाना बनाया गया।
दरअसल, आतंकी यदि सीमा से घुसपैठ कर भी लेते हैं तो पुलिस चौकियों पर उनका सामना हो जाता है। यहीं पर इनके साथ मुठभेड़ शुरू हो जाती है। इसलिए आतंकियों ने इनको टारगेट किया है, ताकि यहां से भागकर अगले मंसूबों को कामयाब बनाया जाए।