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सीमावर्ती क्षेत्र के जाट समुदाय की अनदेखी गंभीर चिंता का विषय
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सांबा। परिसीमन आयोग की रिपोर्ट में प्रस्तावित संशोधन में भी जाटों को प्रतिनिधित्व नहीं दिए जाने से नाराज जाट सभा के अध्यक्ष मंजीत सिंह ने सरकार को जाट विरोधी करार दिया है। कहा कि जम्मू के सीमावर्ती क्षेत्र में बसे जाट समुदाय की अनदेखी गंभीर चिंता का विषय है।
मंजीत सिंह ने कहा कि परिसीमन आयोग ने ऐसे समुदाय की अनदेखी की है, जिसने दुश्मन की गोलियों का बहादुरी से सामना किया है। इसके अलावा उन्होंने विस्थापितों के वन टाइम सेटलमेंट पैकेज को भी बंद करने की आलोचना की। उन्होंने कहा कि सीमा पर संघर्ष के कारण इन लोगों को कई बार विस्थापित होना पड़ा है। विस्थापित परिवारों की एक बड़ी आबादी होने के बावजूद उन्हें एक भी सीट नहीं दी गई है। यह भाजपा की साजिश के कारण हुआ है, जिसने जानबूझकर एक ऐसे समुदाय की अनदेखी की। जो जम्मू प्रांत के सीमावर्ती गांवों में बसा है। उन्होंने मांग की कि जो संशोधन सामने आए हैं उन पर फिर से विचार किया जाए और जाट समुदाय को राजनीतिक प्रतिनिधित्व दिया जाए अन्यथा जाट समुदाय भाजपा का बहिष्कार करेगा।
उन्होंने कहा कि जब अन्य समुदायों को राजनीतिक प्रतिनिधित्व प्रदान किया जा रहा है, तो जाट समुदाय की अनदेखी दर्शाती है कि भाजपा नहीं चाहती कि इस समुदाय को विधानसभा में प्रतिनिधित्व मिले। उन्होंने कहा कि जाट समुदाय विश्वासघात को नहीं भूलेगा। आयोग ने एक राजनीतिक दल के निर्देश पर काम किया।
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मंजीत सिंह ने कहा कि परिसीमन आयोग ने ऐसे समुदाय की अनदेखी की है, जिसने दुश्मन की गोलियों का बहादुरी से सामना किया है। इसके अलावा उन्होंने विस्थापितों के वन टाइम सेटलमेंट पैकेज को भी बंद करने की आलोचना की। उन्होंने कहा कि सीमा पर संघर्ष के कारण इन लोगों को कई बार विस्थापित होना पड़ा है। विस्थापित परिवारों की एक बड़ी आबादी होने के बावजूद उन्हें एक भी सीट नहीं दी गई है। यह भाजपा की साजिश के कारण हुआ है, जिसने जानबूझकर एक ऐसे समुदाय की अनदेखी की। जो जम्मू प्रांत के सीमावर्ती गांवों में बसा है। उन्होंने मांग की कि जो संशोधन सामने आए हैं उन पर फिर से विचार किया जाए और जाट समुदाय को राजनीतिक प्रतिनिधित्व दिया जाए अन्यथा जाट समुदाय भाजपा का बहिष्कार करेगा।
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उन्होंने कहा कि जब अन्य समुदायों को राजनीतिक प्रतिनिधित्व प्रदान किया जा रहा है, तो जाट समुदाय की अनदेखी दर्शाती है कि भाजपा नहीं चाहती कि इस समुदाय को विधानसभा में प्रतिनिधित्व मिले। उन्होंने कहा कि जाट समुदाय विश्वासघात को नहीं भूलेगा। आयोग ने एक राजनीतिक दल के निर्देश पर काम किया।
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