आरएस पुरा। रोमेश खजूरिया भारत सरकार के कपड़ा, ऊन और ऊनी निर्यात संवर्धन परिषद के अध्यक्ष बनने पर रविवार को पैतृक गांव रेहाल में पहुचे। उनका गांव की पंचायत प्रतिनिधियों सहित ग्रामीणों ने फूलमाला पहनाकर स्वागत किया। गांव पहुचने पर ग्रामीणों ने ढोल बजाने के साथ उनके गले में फूलमालाएं पहनाईं।
नवरात्र पर रोमेश खजूरिया ने मंदिर में पहुंचकर माथा टेका व आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि लोगों का प्यार ही है कि एक गांव में रहने पर कड़ी मेेहनत करने पर आज उन्हें मान सम्मान मिला। कड़ी मेहनत व लगन से कार्य करने पर मेहनत का फल अवश्य मिलती है। जम्मू-कशमीर में हर वर्ष 80 लाख किलों वूल का शेयर है जो देश में 20 प्रतिशत के करीब है। राज्य में 12 लाख परिवार इससे जुड़े हैं जो वूल के कारोबार से जुडे हैं। उन्होने कहा कि जम्मू-कशमीर में कोई कारखाना नहीं होने पर हिमाचल प्रदेश व दूसरे राज्यों में वूल भेजनी पड़ती है। जम्मू व श्रीनगर से ही वूल विदेश में एक्सपोर्ट किया जाएगा। इससे पहले वूल का कारोबार करने वाले लोगों को दिल्ली से विदेश में एक्सपोर्ट करना पड़ता था, अब जम्मू-कशमीर में ही सुविधा मिलेगी।