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परिसीमन आयोग की रिपोर्ट के खिलाफ बढ़ रहा विरोध
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परगवाल में परिसीमन आयोग की रिपोर्ट के खिलाफ प्रदर्शन करते हुये
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ज्यौड़ियां। छंब विधानसभा क्षेत्र के लोगों का परिसीमन आयोग के खिलाफ विरोध मंगलवार को भी जारी रहा। आयोग के खिलाफ लोगों का रोष दिन प्रति दिन बढ़ता जा रहा है। आयोग के खिलाफ खौड़ में चल रहे धरने का आज दूसरा दिन रहा। यह मामला दिन प्रति गरमाता जा रहा है।
सोमवार के बजाय मंगलवार को धरना स्थल पर अधिक भीड़ दिखी। देखने में आ रहा है कि आयोग की रिपोर्ट के खिलाफ लोगों का गुस्सा और आक्रोश बढ़ता जा रहा है। अनशन पर बैठे छह लोगों को मंगलवार को 24 घंटे बाद ज्वाइंट एक्शन कमेटी की तरफ से बदल दिया गया। जो छह लोग अनशन पर बैठे थे, उनको बदल कर दूसरे छह लोगों बैठाया गया।
बता दें की परिसीमन आयोग की तरफ से जारी मसौदा रिपोर्ट के विरोध में क्षेत्र के लोगों में गुस्सा है। राजनितिक पार्टी कोई भी हो हर कोई रिपोर्ट के खिलाफ है, लेकिन कुछ लोग सामने आने से कतरा रहे हैं। भाजपा के मंडल अध्यक्ष सुखदेव सिंह भाऊ ने रिपोर्ट के खिलाफ सबसे पहले प्रेस वार्ता कर विरोध जताया था। उस समय उनके साथ क्षेत्र के काफी संख्या में सरपंच भी उपस्थित रहे। अब उनके लिए क्या समीकरण बन गए कि वह विरोध में पीछे हट गए। वहीं जिस दिन ज्वाइंट एक्शन कमेटी का गठन किया और परिसीमन आयोग की रिपोर्ट के खिलाफ धरना करने को लेकर खौड़ में बैठक कर योजना बनाई। उस दिन भी भाजपा से जुड़ी सरपंच पंचायत लोअर पलांवाला गीता देवी और सरपंच पंचायत पंगाली पठान सिंह उपस्थित रहे। उन्होंने आयोग के खिलाफ धरना में शामिल रहने को कहा था, लेकिन सोमवार को धरने में शामिल नहीं हुए।
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बताया जा रहा है कि बुधवार को खौड़ बाजार के दुकानदार भी दुकानें बंद कर ज्वाइंट एक्शन कमेटी के समर्थन में आ रहे हैं। नेकां के ब्लाक सचिव देवी दयाल जोगी ने भी समर्थन करने की बात कही। उन्होंने कहा कि यह जनता के हित का मामला है। हमारी पार्टी जनता के साथ है।
ज्वाइंट एक्शन कमेटी के प्रधान सुखदेव सिंह भाऊ ने कहा कि आयोग की रिपोर्ट में परगवाल को छंब विधानसभा से हटा कर अखनूर से जोड़ा गया है। इस पर परगवाल की जनता असहमत है। मैरा मांदरिया और चौकी चेहरा तहसील के लोगों को खौड़ के साथ जोड़ा जा रहा। वहां के लोग भी असहमत हैं। दूसरे दिन 24 बोध राज, सूरज सिंह भाऊ, देवेन्द्र सिंह चिब, मोहन सिंह, कुलदीप सिंह तथा मदन लाल शर्मा अनशन पर बैठे।
फोटो
परिसीमन आयोग की रिपोर्ट के खिलाफ परगवाल एकता मंच ने किया प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
परगवाल। परिसीमन आयोग की मसौदा रिपोर्ट में तहसील परगवाल को अखनूर विधानसभा सीट के साथ जोड़े जाने को लेकर सीमा क्षेत्र परगवाल में मंगलवार को भाजपा और कांग्रेस के लोगों ने एकता मंच के बैनर तले विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने आयोग के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि परगवाल खौड़ विधानसभा का अंग है। वह उसके साथ ही जुड़े रहना चाहते हैं। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि मसौदा रिपोर्ट दफ्तर में बैठकर बनाई गई है। इसमें न तो क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति को देखा गया है और न ही लोगों की राय ली गई है। जिन्होंने रिपोर्ट तैयार की है उनको भौगोलिक स्थिति का ज्ञान नहीं है। परिसीमन आयोग को स्थानीय लोगों की राय लेनी चाहिए थी।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने परगवाल से सूआ नंबर-1 जाने वाले मुख्य मार्ग को अवरुद्ध कर दिया और नारेबाजी की। मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार संसार सिंह और चौकी प्रभारी बलजीत सिंह ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी मांगों के समर्थन में डटे रहे। हालांकि इस दौरान सड़क के दोनों और लंबा जाम लग गया जिससे आने जाने वाले लोगों को काफी परेशानी उठाना पड़ी। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी जारी रखी। नायब तहसीलदार और चौकी प्रभारी ने एक बार फिर लोगों के बीच पहुंचकर उनको किसी तरह समझाया और आश्वासन दिया की उनकी मांगों को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाया जायेगा। तब जाकर प्रदर्शनकारी शांत हुए। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने कहा की रिपोर्ट वापस नहीं होने तक वह चुपचाप नहीं बैठेंगे और आगे इससे भी बड़ा प्रदर्शन करेंगे। आखिरी में प्रदर्शनकारियों ने नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा, जिसमें परगवाल को खौड़ विधानसभा के साथ ही जुड़े रहने देने का आग्रह किया गया। इस मौके पर वीडीसी चेयरमैन निशा कुमारी, बलविंदर सिंह, सरपंच जसपाल सिंह, ओम प्रकाश मास्टर प्रभु सिंह, सुभाष सिंह, कुलदीप सिंह, रवि सिंह, गौरव सिंह, नसीब सिंह, वलवान सिंह, अन्नु मन्हास, गणेश कुमार, राज सिंह समेत कई लोग उपस्थित थे।
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परगवाल में परिसीमन आयोग की रिपोर्ट के खिलाफ प्रदर्शन करते हुये
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नायव तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए प्रदर्शनकारी
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सोमवार के बजाय मंगलवार को धरना स्थल पर अधिक भीड़ दिखी। देखने में आ रहा है कि आयोग की रिपोर्ट के खिलाफ लोगों का गुस्सा और आक्रोश बढ़ता जा रहा है। अनशन पर बैठे छह लोगों को मंगलवार को 24 घंटे बाद ज्वाइंट एक्शन कमेटी की तरफ से बदल दिया गया। जो छह लोग अनशन पर बैठे थे, उनको बदल कर दूसरे छह लोगों बैठाया गया।
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बता दें की परिसीमन आयोग की तरफ से जारी मसौदा रिपोर्ट के विरोध में क्षेत्र के लोगों में गुस्सा है। राजनितिक पार्टी कोई भी हो हर कोई रिपोर्ट के खिलाफ है, लेकिन कुछ लोग सामने आने से कतरा रहे हैं। भाजपा के मंडल अध्यक्ष सुखदेव सिंह भाऊ ने रिपोर्ट के खिलाफ सबसे पहले प्रेस वार्ता कर विरोध जताया था। उस समय उनके साथ क्षेत्र के काफी संख्या में सरपंच भी उपस्थित रहे। अब उनके लिए क्या समीकरण बन गए कि वह विरोध में पीछे हट गए। वहीं जिस दिन ज्वाइंट एक्शन कमेटी का गठन किया और परिसीमन आयोग की रिपोर्ट के खिलाफ धरना करने को लेकर खौड़ में बैठक कर योजना बनाई। उस दिन भी भाजपा से जुड़ी सरपंच पंचायत लोअर पलांवाला गीता देवी और सरपंच पंचायत पंगाली पठान सिंह उपस्थित रहे। उन्होंने आयोग के खिलाफ धरना में शामिल रहने को कहा था, लेकिन सोमवार को धरने में शामिल नहीं हुए।
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बताया जा रहा है कि बुधवार को खौड़ बाजार के दुकानदार भी दुकानें बंद कर ज्वाइंट एक्शन कमेटी के समर्थन में आ रहे हैं। नेकां के ब्लाक सचिव देवी दयाल जोगी ने भी समर्थन करने की बात कही। उन्होंने कहा कि यह जनता के हित का मामला है। हमारी पार्टी जनता के साथ है।
ज्वाइंट एक्शन कमेटी के प्रधान सुखदेव सिंह भाऊ ने कहा कि आयोग की रिपोर्ट में परगवाल को छंब विधानसभा से हटा कर अखनूर से जोड़ा गया है। इस पर परगवाल की जनता असहमत है। मैरा मांदरिया और चौकी चेहरा तहसील के लोगों को खौड़ के साथ जोड़ा जा रहा। वहां के लोग भी असहमत हैं। दूसरे दिन 24 बोध राज, सूरज सिंह भाऊ, देवेन्द्र सिंह चिब, मोहन सिंह, कुलदीप सिंह तथा मदन लाल शर्मा अनशन पर बैठे।
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परिसीमन आयोग की रिपोर्ट के खिलाफ परगवाल एकता मंच ने किया प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
परगवाल। परिसीमन आयोग की मसौदा रिपोर्ट में तहसील परगवाल को अखनूर विधानसभा सीट के साथ जोड़े जाने को लेकर सीमा क्षेत्र परगवाल में मंगलवार को भाजपा और कांग्रेस के लोगों ने एकता मंच के बैनर तले विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने आयोग के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि परगवाल खौड़ विधानसभा का अंग है। वह उसके साथ ही जुड़े रहना चाहते हैं। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि मसौदा रिपोर्ट दफ्तर में बैठकर बनाई गई है। इसमें न तो क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति को देखा गया है और न ही लोगों की राय ली गई है। जिन्होंने रिपोर्ट तैयार की है उनको भौगोलिक स्थिति का ज्ञान नहीं है। परिसीमन आयोग को स्थानीय लोगों की राय लेनी चाहिए थी।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने परगवाल से सूआ नंबर-1 जाने वाले मुख्य मार्ग को अवरुद्ध कर दिया और नारेबाजी की। मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार संसार सिंह और चौकी प्रभारी बलजीत सिंह ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी मांगों के समर्थन में डटे रहे। हालांकि इस दौरान सड़क के दोनों और लंबा जाम लग गया जिससे आने जाने वाले लोगों को काफी परेशानी उठाना पड़ी। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी जारी रखी। नायब तहसीलदार और चौकी प्रभारी ने एक बार फिर लोगों के बीच पहुंचकर उनको किसी तरह समझाया और आश्वासन दिया की उनकी मांगों को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाया जायेगा। तब जाकर प्रदर्शनकारी शांत हुए। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने कहा की रिपोर्ट वापस नहीं होने तक वह चुपचाप नहीं बैठेंगे और आगे इससे भी बड़ा प्रदर्शन करेंगे। आखिरी में प्रदर्शनकारियों ने नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा, जिसमें परगवाल को खौड़ विधानसभा के साथ ही जुड़े रहने देने का आग्रह किया गया। इस मौके पर वीडीसी चेयरमैन निशा कुमारी, बलविंदर सिंह, सरपंच जसपाल सिंह, ओम प्रकाश मास्टर प्रभु सिंह, सुभाष सिंह, कुलदीप सिंह, रवि सिंह, गौरव सिंह, नसीब सिंह, वलवान सिंह, अन्नु मन्हास, गणेश कुमार, राज सिंह समेत कई लोग उपस्थित थे।
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परगवाल में परिसीमन आयोग की रिपोर्ट के खिलाफ प्रदर्शन करते हुये
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नायव तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए प्रदर्शनकारी