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बजट में युवा वर्ग के लोगो को रोजगार के लिए प्रवाधान रखा जाए
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आरएस पुरा। युवा वर्ग के लोगों को रोजगार के लिए बजट में एक योजना के अंतर्गत राशि रखी जाए। यह कहना है कि विनोद कुंडल का, जो उच्च शिक्षा प्राप्त करने उपरांत साइबर कैफे चलाकर जीवन यापन कर रहे हैं।
विनोद कुंडल ने कहा कि हर परिवार को उम्मीद होती है कि उनके बच्चे उच्च शिक्षा प्राप्त कर सरकार नौकरी प्राप्त कर देश की बेहतरी करने के साथ आर्थिक तौर पर परिवार का सुदृढ़ करें। सरकार इस ओर ध्यान देने के बजाय प्राइवेट सेक्टर को मजबूूत कर रही है। डॉ. हरि सिंह का कहना है कि सरकार किसानों की आय दो गुना करने की दुहाई दे रही, पर हालत यह है कि किसानों की फसलें प्राकृतिक आपदा के चलते खराब होने पर राहत राशि नहीं मिल रही। उन्होने कहा कि किसानों को सशक्त बनाने के लिए उनके परिवार के लोगों की ओर से विशेष ध्यान दिया जाए ताकि किसानों के खुशहाल होने पर देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हो सके।
दुकानदार नरेश गुप्ता ने कहा कि जीएसटी में बढ़ोतरी की जा रही है, लेकिन व्यापारी वर्ग को तीन वर्ष से कोरोना की महामारी के चलते नुकसान उठाना पड़ रहा है। केंद्र सरकार को चाहिए कि व्यापारी व छोटे दुकानदारों के लिए बजट में विशेष ध्यान दिया जाए। युवा शाशि शर्मा ने कहा कि दिन ब दिन युवा नशे की ओर जा रहा है, जिसके लिए सरकार को तहसील स्तर पर केंद्र स्थापित करने चाहिए। मौजूूदा समय में गैर सरकारी केंद्र हैं, लेकिन सरकार की ओर से इसके लिए बजट में राशि रखनी चाहिए ताकि अंधकार की ओर जा रहे युवाओं को बचाया जा सके।
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उन्होंने कहा कि जब तक देश का युवा मजबूूत नहीं होगा तब तक देश की अर्थव्यवस्था बेहतर नहीं हो सकती। पेट्रोलियम पदार्थ सहित खाद्य पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी से गरीब व मध्यम वर्गीय परिवार के लोगों पर बोझ बढ़ रहा है, जिसे पेश किए जाने वाले बजट में कम कर राहत मिलनी चाहिए।
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विनोद कुंडल ने कहा कि हर परिवार को उम्मीद होती है कि उनके बच्चे उच्च शिक्षा प्राप्त कर सरकार नौकरी प्राप्त कर देश की बेहतरी करने के साथ आर्थिक तौर पर परिवार का सुदृढ़ करें। सरकार इस ओर ध्यान देने के बजाय प्राइवेट सेक्टर को मजबूूत कर रही है। डॉ. हरि सिंह का कहना है कि सरकार किसानों की आय दो गुना करने की दुहाई दे रही, पर हालत यह है कि किसानों की फसलें प्राकृतिक आपदा के चलते खराब होने पर राहत राशि नहीं मिल रही। उन्होने कहा कि किसानों को सशक्त बनाने के लिए उनके परिवार के लोगों की ओर से विशेष ध्यान दिया जाए ताकि किसानों के खुशहाल होने पर देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हो सके।
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दुकानदार नरेश गुप्ता ने कहा कि जीएसटी में बढ़ोतरी की जा रही है, लेकिन व्यापारी वर्ग को तीन वर्ष से कोरोना की महामारी के चलते नुकसान उठाना पड़ रहा है। केंद्र सरकार को चाहिए कि व्यापारी व छोटे दुकानदारों के लिए बजट में विशेष ध्यान दिया जाए। युवा शाशि शर्मा ने कहा कि दिन ब दिन युवा नशे की ओर जा रहा है, जिसके लिए सरकार को तहसील स्तर पर केंद्र स्थापित करने चाहिए। मौजूूदा समय में गैर सरकारी केंद्र हैं, लेकिन सरकार की ओर से इसके लिए बजट में राशि रखनी चाहिए ताकि अंधकार की ओर जा रहे युवाओं को बचाया जा सके।
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उन्होंने कहा कि जब तक देश का युवा मजबूूत नहीं होगा तब तक देश की अर्थव्यवस्था बेहतर नहीं हो सकती। पेट्रोलियम पदार्थ सहित खाद्य पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी से गरीब व मध्यम वर्गीय परिवार के लोगों पर बोझ बढ़ रहा है, जिसे पेश किए जाने वाले बजट में कम कर राहत मिलनी चाहिए।