{"_id":"61ed9b5b0a6d93109c423a10","slug":"poiltical-akhnoor-news-jmu252482779","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीमावर्ती गांवों में बंकर बनाए जाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीमावर्ती गांवों में बंकर बनाए जाएं
विज्ञापन
विजय कुमार शर्मा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ज्यौड़ियां। सीमावर्ती छंब क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों को पेश आ रही समस्याओं से सरकार को अवगत कराने के लिए रविवार को अपनी पार्टी ने खौड़ ब्लॉक में प्रेसवार्ता की। खौड़ प्रभारी विजय कुमार शर्मा ने सीमावर्ती इलाकों में बंकर बनाने का काम दोबारा शुरू करने की मांग उठाई। कहा कि सीमावर्ती किसानों के कई ऐसे मुद्दे हैं जो दशकों से लंबित पड़े हैं। इन पर सरकार की तरफ से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।
उन्होंने कहा कि बारिश ने गेहूं की फसल को बर्बाद कर दिया है। मैदानी क्षेत्र का किसान परेशान है। सीमा पर तारबंदी के लिए अधिग्रहीत की गई किसानों की जमीन का अभी तक मुआवजा नहीं मिल पाया है। इस जमीन पर किसान फसल तक नहीं उगा सकते हैं। कारगिल युद्ध के समय जिन किसानों की जमीन में माइन लगाए गए थे। उसका भी अभी तक मुआवजा नहीं मिल पाया। कई बार टेंडर निकाले जाने के बाद भी इंद्रीपतन से परगवाल जाने वाले पुल का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है, जिसके चलते लोगों को आने जाने में परेशानी होती है। सीमावर्ती इलाकों में ओपन भर्ती रैली की जानी चाहिए, लेकिन जब से भाजपा सरकार सत्ता में आई है कोई भी ओपन भर्ती रैली नहीं कराई गई।
सिंचाई पंप के बिजली के बिल लाखों रुपये में बन चुके हैं, लेकिन खराब हालत के कारण किसान बिजली के बिल अदा नहीं कर पा रहे। सरकार को चाहिए कि इन बिलों को माफ किया जाए। पांच साल में सीमावर्ती इलाकों में नहरों की सफाई नहीं हो पाई, जिसके चलते किसानों में रोष है।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि बारिश ने गेहूं की फसल को बर्बाद कर दिया है। मैदानी क्षेत्र का किसान परेशान है। सीमा पर तारबंदी के लिए अधिग्रहीत की गई किसानों की जमीन का अभी तक मुआवजा नहीं मिल पाया है। इस जमीन पर किसान फसल तक नहीं उगा सकते हैं। कारगिल युद्ध के समय जिन किसानों की जमीन में माइन लगाए गए थे। उसका भी अभी तक मुआवजा नहीं मिल पाया। कई बार टेंडर निकाले जाने के बाद भी इंद्रीपतन से परगवाल जाने वाले पुल का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है, जिसके चलते लोगों को आने जाने में परेशानी होती है। सीमावर्ती इलाकों में ओपन भर्ती रैली की जानी चाहिए, लेकिन जब से भाजपा सरकार सत्ता में आई है कोई भी ओपन भर्ती रैली नहीं कराई गई।
विज्ञापन
सिंचाई पंप के बिजली के बिल लाखों रुपये में बन चुके हैं, लेकिन खराब हालत के कारण किसान बिजली के बिल अदा नहीं कर पा रहे। सरकार को चाहिए कि इन बिलों को माफ किया जाए। पांच साल में सीमावर्ती इलाकों में नहरों की सफाई नहीं हो पाई, जिसके चलते किसानों में रोष है।
विज्ञापन