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अखनूर में विस सीट बढ़ाने और जिला बनाने की मांग ने पकड़ा जोर
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अखनूर। परिसीमन आयोग की तरफ से जम्मू-कश्मीर में प्रक्रिया शुरू करने पर सीमावर्ती अखनूर में एक विधानसभा सीट बढ़ाने और जिले का दर्जा देने की मांग जोर पकड़ना शुरू हो गई है। क्षेत्र के विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक और निजी संगठन खुल कर समाने आने लगे हैं। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में एक विधानसभा सीट की बढ़ोतरी और जिले का दर्जा के आगे कोई समझौता नहीं होगा। क्षेत्र के लोगों की दोनों मांगों को पूरा करना चाहिए।
म्यूनिसिपल कमेटी के पूर्व चेयरमैन और पार्षद दीपेश पवार ने बताया कि अखनूर जनसंख्या और भौगोलिक के लिहाज से कश्मीर घाटी के जिलों से भी अधिक है। सीमावर्ती अखनूर में अखनूर और खौड़ विधानसभा की दो सीटों पर दो लाख से भी ज्यादा मतदाता हैं। कई साल से सरकार से मांग की जाती रही है। क्षेत्र में विधानसभा की तीन सीट बनाई जाए। उन्होंने बताया कि परिसीमन आयोग की तरफ से अखनूर के लोगों की जनसंख्या और अधिक क्षेत्रफल होने पर अखनूर को जिले का दर्जा और एक विधानसभा सीट बढ़ाई जाए।
राजतिलक सेलिब्रेशन कमेटी के चेयरमैन और किसान नेता केपी सिंह ने बताया कि परिसीमन आयोग की तरफ से जम्मू-कश्मीर में प्रक्रिया से वर्षों से जम्मू से हो रहा भेदभाव खत्म करके विधानसभा सीटों को बढ़ाया जाए। जबकि अखनूर और खौड़ विधानसभा सीट के अलावा चौकी चौरा विधानसभा सीट को बढ़ाया जाए। उन्होंने बताया कि अखनूर से लगातार हो रही उपेक्षा खत्म होगी।
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समाजसेवी और क्रिकेट खिलाड़ी शाम सिंह ने बताया कि सीमावर्ती अखनूर में तीन उपजिला और सात तहसील हैं। जबकि क्षेत्र 70 किलोमीटर में फैला है, इसलिए अखनूर को जिला बनाने और विधानसभा सीट बढ़ाने के लिए परिसीमन आयोग को प्राथमिकता देनी चाहिए। लोगों ने कई बार संघर्ष भी किया है।
पूर्व सरपंच गुल्लू राम ने बताया कि परिसीमन आयोग को जम्मू में क्षेत्रफल और जनसंख्या के तथ्यों पर जिसमें अखनूर जिला बनाने और विधानसभा सीट बढ़ाने के लिए आगे है, सरकार और परिसीमन आयोग को अखनूर क्षेत्र के हो रहे भेदभाव को खत्म करके विधानसभा सीट बढ़ाने और जिले का दर्जा देना चाहिए।
कांग्रेस नेता अंकुश गुप्ता ने बताया कि अखनूर को जिले का दर्जा मिलना चाहिए, दोनों विधानसभा सीटों पर मतदाताओं की संख्या दो लाख से ऊपर है। अखनूर और खौड़ विधानसभा क्षेत्र के लोगों की मांग है। क्षेत्र में एक अतिरिक्त विधानसभा सीट बनाई जाए।
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म्यूनिसिपल कमेटी के पूर्व चेयरमैन और पार्षद दीपेश पवार ने बताया कि अखनूर जनसंख्या और भौगोलिक के लिहाज से कश्मीर घाटी के जिलों से भी अधिक है। सीमावर्ती अखनूर में अखनूर और खौड़ विधानसभा की दो सीटों पर दो लाख से भी ज्यादा मतदाता हैं। कई साल से सरकार से मांग की जाती रही है। क्षेत्र में विधानसभा की तीन सीट बनाई जाए। उन्होंने बताया कि परिसीमन आयोग की तरफ से अखनूर के लोगों की जनसंख्या और अधिक क्षेत्रफल होने पर अखनूर को जिले का दर्जा और एक विधानसभा सीट बढ़ाई जाए।
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राजतिलक सेलिब्रेशन कमेटी के चेयरमैन और किसान नेता केपी सिंह ने बताया कि परिसीमन आयोग की तरफ से जम्मू-कश्मीर में प्रक्रिया से वर्षों से जम्मू से हो रहा भेदभाव खत्म करके विधानसभा सीटों को बढ़ाया जाए। जबकि अखनूर और खौड़ विधानसभा सीट के अलावा चौकी चौरा विधानसभा सीट को बढ़ाया जाए। उन्होंने बताया कि अखनूर से लगातार हो रही उपेक्षा खत्म होगी।
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समाजसेवी और क्रिकेट खिलाड़ी शाम सिंह ने बताया कि सीमावर्ती अखनूर में तीन उपजिला और सात तहसील हैं। जबकि क्षेत्र 70 किलोमीटर में फैला है, इसलिए अखनूर को जिला बनाने और विधानसभा सीट बढ़ाने के लिए परिसीमन आयोग को प्राथमिकता देनी चाहिए। लोगों ने कई बार संघर्ष भी किया है।
पूर्व सरपंच गुल्लू राम ने बताया कि परिसीमन आयोग को जम्मू में क्षेत्रफल और जनसंख्या के तथ्यों पर जिसमें अखनूर जिला बनाने और विधानसभा सीट बढ़ाने के लिए आगे है, सरकार और परिसीमन आयोग को अखनूर क्षेत्र के हो रहे भेदभाव को खत्म करके विधानसभा सीट बढ़ाने और जिले का दर्जा देना चाहिए।
कांग्रेस नेता अंकुश गुप्ता ने बताया कि अखनूर को जिले का दर्जा मिलना चाहिए, दोनों विधानसभा सीटों पर मतदाताओं की संख्या दो लाख से ऊपर है। अखनूर और खौड़ विधानसभा क्षेत्र के लोगों की मांग है। क्षेत्र में एक अतिरिक्त विधानसभा सीट बनाई जाए।