{"_id":"5fbb527acc3b95530c24a4cb","slug":"pmo-takes-concern-of-death-of-children-in-ramnagar-area-intructs-for-strict-action","type":"story","status":"publish","title_hn":"जम्मू: बच्चों की मौत मामले में अब पीएमओ ने लिया संज्ञान, लाइसेंस जारी करने वाली एजेंसी को कार्रवाई के निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू: बच्चों की मौत मामले में अब पीएमओ ने लिया संज्ञान, लाइसेंस जारी करने वाली एजेंसी को कार्रवाई के निर्देश
Mon, 23 Nov 2020 01:22 PM IST
प्राची प्रियम
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: प्राची प्रियम
Updated Mon, 23 Nov 2020 01:22 PM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
उधमपुर जिले के रामनगर क्षेत्र में घटिया गुणवत्ता वाली दवा के सेवन से बच्चों की मौत के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के बाद अब प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी संज्ञान लिया है। रामनगर समेत पंजाब, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा में इस तरह के मामलों का जिक्र करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता सुकेश खजूरिया ने पीएमओ को पत्र भेजा था। पत्र के जवाब में पीएमओ ने दवा निर्माता कंपनी को लाइसेंस जारी करने वाली एजेंसी को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
खजूरिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर ऐसे कई मामलों का जिक्र किया, जिसमें दवा के सेवन से बच्चों की जान चली गई। यही नहीं, कई बच्चों को अपने अंग खोने पड़े हैं। पत्र में उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में निर्मित कोल्ड बेस्ट पीसी सिरप दवा की जांच में ऐसे पदार्थों की मात्रा अधिक पाई गई है, जिससे किसी की जान भी जा सकती है।
विज्ञापन
जम्मू-कश्मीर में उधमपुर जिले के रामनगर में इसी दवा के सेवन से बच्चों की जान चली गई थी। इसी तरह से हिमाचल प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में भी कई ऐसे मामले सामने आए हैं।
विज्ञापन
खजूरिया के पत्र पर इससे पूर्व मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लेकर जम्मू-कश्मीर सरकार को फटकार लगाई थी। साथ ही जवाब तलब कर कहा था कि क्यों न पीड़ित परिवारों को तीन-तीन लाख रुपये मुआवजा राशि देने की सिफारिश की जाए।