मोदी की रैली में कुछ ऐसा है सुरक्षा घेरा
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प्रधानमंत्री मोदी की राजोरी में 13 दिसंबर की रैली को लेकर सुरक्षा इतनी कड़ी है कि परिंदा भी पर न मार सकेगा। सुरक्षा के काफी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। रैली स्थल शहर के नए बस अड्डे पर की जा रही सुरक्षा व्यवस्था का शुक्रवार को डीजीपी के राजेंद्रा ने जायजा लिया।
डीजीपी सहित अन्य अधिकारियों ने रैली वाले स्थल को जाने वाले हर रास्ते का निरीक्षण किया। जिला पुलिस के उच्च अधिकारियों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों सहित विशेष बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था पर विचार-विमर्श किया।
इसके अलावा पुलिस अधिकारियों और एसपीजी ने शहर के एलजी ग्राउंड से रैली स्थल तक वीआईपी स्क्वायड की रिहर्सल भी की। रैली स्थल को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। एसपीजी और अन्य सुरक्षा बलों की भारी संख्या में तैनाती कर दी गई है।
150 इमारतों पर तैनात हुए सुरक्षाकर्मी
जिले भर में सुरक्षा के कड़े और पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं। जिले के एलओसी से सटे क्षेत्रों को जोड़ने वाले तमाम मार्गों पर चौकसी बढ़ा दी गई है। कड़ी जांच पड़ताल के बाद ही वाहनों को दाखिल होने दिया जा रहा है।
जम्मू पुंछ नेशनल हाईवे स्थित कई स्थानों पर पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों द्वारा अस्थायी चौकियां लगा दी गई हैं।
राजोरी के एसएसपी के अनुसार, शहर में करीब 150 बहुमंजिला इमारतों पर भारी संख्या में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती को भी अंतिम रूप दे दिया गया है। किसी भी इमारत की छत पर किसी को जाने की अनुमति नहीं होगी। प्रधानमंत्री के संबोधन के बाद ही लोग अपने घरों की छतों पर जा पाएंगे।
इसके अलावा शहर के हर गली-मोहल्ले में भी पुलिस जवान तैनात किए गए हैं। इस अवसर पर डीजीपी के साथ एसएसपी सिक्योरिटी, डीआईजी राजोरी पुंछ रेंज अशोक कुमार अत्री सहित सुरक्षा एजेंसियों के उच्च अधिकारी उपस्थित रहे।
एलओसी पर भी हाई अलर्ट घोषित
प्रधानमंत्री मोदी के राजोरी दौरे को ध्यान में रखते हुए जिले के सभी एलओसी क्षेत्रों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। खुफिया एजेंसियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सीमा पार से पाकिस्तानी सेना और आईएसआई द्वारा संघर्ष विराम का उल्लंघन कर घुसपैठ के प्रयास किए जा सकते हैं।
पिछले कुछ दिनों से सीमा के उस पार काफी हलचल महसूस की जा रही है। सूत्रों का मानना है कि आईएसआई के अधिकारी और आतंकियों के आका जिले के एलओसी से सटे कई क्षेत्रों के उस पार देखे गए हैं। रात के समय भी सीमा के उस पार काफी हलचल होने के समाचार मिल रहे हैं।
मोदी के राजोरी दौरे के दौरान सीमा पार से संघर्ष विराम के उल्लंघन के बाद घुसपैठ के प्रयासों को ध्यान में रखते हुए सेना ने अपनी चौकसी पहले से बढ़ा दी है। रात के समय और सुबह शाम घने कोहरे और धुंध होने के कारण घुसपैठ के प्रयास इसी समय में अधिक हो सकते हैं।
इसे लेकर सेना ने नाइट विजन डिवाइसों का प्रयोग कर घुसपैठ के किसी भी प्रयास को विफल बनाने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। इसके अलावा आतंकवादियों के ओवर ग्राउंड वर्करों पर पहले से ही पुलिस ने अपनी कड़ी नजर बना रखी है।